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एक्टिव-पैसिव वॉयस पर एसडीएम के सवालों के जवाब नहीं दे सके बच्चे
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गांव बलियाला स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बारहवीं के बच्चों से बातचीत करते एसडीएम
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद/रतिया। गांव बलियाला स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का वीरवार को एसडीएम सुरेंद्र बैनीवाल ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बारहवीं के विद्यार्थियों से एक्टिव-पैसिव वॉयस पर कई सवाल पूछे, लेकिन अधिकतर बच्चे एसडीएम के सवालों के जवाब नहीं दे सके। जिन्होंने जवाब दिया वह भी आधे-अधूरे थे।
वीरवार को प्रदेश भर में कई जगहों पर एसडीएम स्तर के अधिकारियों ने सरकारी स्कूलों का निरीक्षण किया। रतिया एसडीएम सुरेंद्र बैनीवाल भी इसी के चलते गांव बलियाला स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे। स्कूल में घुसते ही इधर-उधर देखने के बाद एसडीएम बैनीवाल ने बारहवीं के बच्चों से मिलने की इच्छा जताई। इसके बाद बारहवीं कक्षा में जाने पर एसडीएम सुरेंद्र बैनीवाल ने इंग्लिश विषय पर बच्चों से सवाल-जवाब करने के बारे में पूछा जिसपर बच्चों ने हामी भर दी। इसके बाद एसडीएम ने नैरेशन, एक्टिव-पैसिव वॉयस से जुड़े सवाल बच्चों के सामने रखे, लेकिन अधिकतर बच्चे इन सवालों के जवाब नहीं दे सके। इस बात से एसडीएम निराश जरूर हुए, लेकिन उन्होंने गुस्सा करने की बजाये अध्यापकों से बात करना ज्यादा जरूरी समझा और उन्हें बेहतर तरीके से पढ़ाने के लिए टिप्स भी दिए।
प्रिंसिपल को दी हिदायत
एसडीएम सुरेंद्र बैनीवाल ने बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों के साथ समय बिताने के बाद प्रिंसिपल को विशेष रूप से कहा कि वो खुद 12वीं कक्षा की पढ़ाई पर नजर रखें। उन्होंने कहा कि बारहवीं कक्षा के बच्चों की पढ़ाई को लेकर कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। उनका इशारा स्पष्ट था कि बोर्ड कक्षाएं और अन्य बच्चों को पढ़ाई के अतिरिक्त कुछ अन्य काम न सौंपे जाएं। इस दौरान एसडीएम ने स्कूल के हाजिरी रजिस्टर और मिड-डे मील की गुणवत्ता की भी जांच की। उन्होंने स्कूल प्रिंसिपल को निर्देश दिए कि मिड-डे मील की गुणवत्ता से किसी प्रकार का कोई समझौता न किया जाए।
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वीरवार को प्रदेश भर में कई जगहों पर एसडीएम स्तर के अधिकारियों ने सरकारी स्कूलों का निरीक्षण किया। रतिया एसडीएम सुरेंद्र बैनीवाल भी इसी के चलते गांव बलियाला स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे। स्कूल में घुसते ही इधर-उधर देखने के बाद एसडीएम बैनीवाल ने बारहवीं के बच्चों से मिलने की इच्छा जताई। इसके बाद बारहवीं कक्षा में जाने पर एसडीएम सुरेंद्र बैनीवाल ने इंग्लिश विषय पर बच्चों से सवाल-जवाब करने के बारे में पूछा जिसपर बच्चों ने हामी भर दी। इसके बाद एसडीएम ने नैरेशन, एक्टिव-पैसिव वॉयस से जुड़े सवाल बच्चों के सामने रखे, लेकिन अधिकतर बच्चे इन सवालों के जवाब नहीं दे सके। इस बात से एसडीएम निराश जरूर हुए, लेकिन उन्होंने गुस्सा करने की बजाये अध्यापकों से बात करना ज्यादा जरूरी समझा और उन्हें बेहतर तरीके से पढ़ाने के लिए टिप्स भी दिए।
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प्रिंसिपल को दी हिदायत
एसडीएम सुरेंद्र बैनीवाल ने बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों के साथ समय बिताने के बाद प्रिंसिपल को विशेष रूप से कहा कि वो खुद 12वीं कक्षा की पढ़ाई पर नजर रखें। उन्होंने कहा कि बारहवीं कक्षा के बच्चों की पढ़ाई को लेकर कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। उनका इशारा स्पष्ट था कि बोर्ड कक्षाएं और अन्य बच्चों को पढ़ाई के अतिरिक्त कुछ अन्य काम न सौंपे जाएं। इस दौरान एसडीएम ने स्कूल के हाजिरी रजिस्टर और मिड-डे मील की गुणवत्ता की भी जांच की। उन्होंने स्कूल प्रिंसिपल को निर्देश दिए कि मिड-डे मील की गुणवत्ता से किसी प्रकार का कोई समझौता न किया जाए।
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