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Fatehabad News: मुख्यमंत्री का दौरा रद्द, जलभराव से जूझते लोगों की उम्मीदें टूटीं

Sun, 07 Sep 2025 11:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Sun, 07 Sep 2025 11:18 PM IST
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Chief Minister's visit cancelled, hopes of people struggling with waterlogging shattered
भूना। लहरिया गांव में मुख्यमंत्री के इंतजार में बैठे लोगस्त्रोत ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
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भूना/टोहाना/जाखल। जलभराव की मार झेल रहे भूनावासियों को रविवार को उस वक्त झटका लगा, जब मुख्यमंत्री नायब सैनी का बहुप्रतीक्षित दौरा ऐन मौके पर रद्द कर दिया गया। सुबह से ही गांव लहरियां और रहनखेड़ी के सैकड़ों लोग पेट्रोल पंप से लेकर भूना शहर के अग्रसेन चौक तक भूखे-प्यासे अपने मुद्दों के साथ डटे हुए थे।
उन्हें उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री स्वयं आकर हालात का जायजा लेंगे और राहत की कोई ठोस घोषणा करेंगे, लेकिन जैसे ही दौरा रद्द होने की सूचना मिली, लोगों के चेहरे मायूसी से भर गए और वे चुपचाप लौट गए।
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दूसरी तरफ सीएम जाखल और साइफन टोहाना में पहुंचे। दोनों जगह वे लोगों से मिले और उनकी समस्याएं सुनी। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को उनकी समस्या के जल्द से जल्द समाधन के निर्देश दिए।
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हाल ही में हुई भूना क्षेत्र में भारी बारिश के चलते लहरियां और आसपास के गांवों में जलभराव की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। खेतों में पानी भरा है, सड़कों पर कीचड़ है और घरों की दीवारों में नमी घर कर गई है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से यही हालात हैं, लेकिन इस बार स्थिति अधिक गंभीर है। निकासी व्यवस्था ठप पड़ी है और प्रशासन का कोई कारगर इंतजाम नजर नहीं आता।
भूना के अग्रसेन चौक पर मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां की गई थीं। अधिकारियों ने जलभराव, बाईपास और शहर की समस्याओं पर रिपोर्ट भी तैयार कर ली थी। स्थानीय लोग अपनी बात सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाना चाहते थे। मगर, दौरे के रद्द होते ही सब कुछ धरा का धरा रह गया।
ग्रामीणों और शहरवासियों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा के इस समय में राजनीतिक मतभेद नहीं, बल्कि जनहित को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। नालियों, सड़कों और निकासी व्यवस्था की दशा वर्षों से जर्जर है और बारिश के साथ ही हर साल यही समस्या सिर उठाती है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री का दौरा सेमग्रस्त क्षेत्र भोड़ा होशनाक और खाराखेड़ी गांव में भी प्रस्तावित था, जो कि अब टल गया है।
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खींचतान के चलते रद्द हुआ कार्यक्रम

बताया जा रहा है कि यह दौरा स्थानीय राजनीतिक खींचतान की भेंट चढ़ गया। पूर्व विधायक और जिलाध्यक्ष के बीच चल रही तनातनी के कारण मुख्यमंत्री ने आखिरी समय में अपना कार्यक्रम बदल लिया। ये भी माना जा रहा है कि वर्ष 2022 में बाढ़ जैसी बनी स्थिति के बाद भी निकासी प्रबंध न होने से शहरवासियों में रोष है। ऐसे में विरोध की भी आशंका थी। लोगों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा के इस समय में राजनीति को एक किनारे रख, जनता के हित में काम होना चाहिए। यहां की सड़कें, नालियां और जल निकासी की व्यवस्था वर्षों से बदहाल है। बारिश आते ही हर साल यही हाल होता है, लेकिन अबकी बार हालात ज्यादा गंभीर हो गए हैं।


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- सीएम का भूना में पहले से ही कार्यक्रम नहीं था। भूना में फिलहाल स्थिति भी नियंत्रण में है। एक दिन पहले पहले ही भाजपा प्रदेशाध्यक्ष निरीक्षण करके गए हैं। सीएम ने चांदपुरा हेड पर निरीक्षण किया है और लोगों की समस्याएं भी सुनी हैं।

- प्रवीण जोड़ा, जिलाध्यक्ष, भाजपा
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