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Fatehabad News: गेहूं उठान की पॉलिसी में फिर बदलाव, देरी करने पर अब एक हजार रुपये लगेगा जुर्माना

Wed, 05 Mar 2025 11:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Wed, 05 Mar 2025 11:29 PM IST
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Change in wheat lifting policy again, now a fine of Rs 1000 will be imposed for delay
फतेहाबाद के भट्टू रोड पर ​स्थित मार्केट कमेटी कार्यालय।
फतेहाबाद। जिले में एक अप्रैल से होने वाली गेहूं की खरीद और उसके उठान को लेकर सरकार ने लेबर व मंडी ट्रांसपोर्ट पॉलिसी में फिर से बदलाव किए है। अब गेहूं की देरी से उठान करने पर पांच हजार की जगह एक हजार रुपये जुर्माना एजेंसी को देना होगा।
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पहले बनाई पॉलिसी के अनुसार ठेकेदार पूरे जिले में तीन से अधिक मंडियों से उठान को लेकर आवेदन नहीं कर सकता था, वहीं गेहूं के उठान में देरी होने पर प्रतिदिन के हिसाब से पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया था सहित कई शर्तें थी। ट्रासंपोर्ट व माल उठान करने वाले ठेकेदार इन शर्तें पर काम करने के लिए तैयार नहीं थे। जिस कारण जिलास्तर लगाए गए टेंडर पर किसी भी एजेंसी ने टेंडर नहीं भरा। अब सरकार ने पॉलिसी में काफी बदलाव करते ठेकेदार को छूट प्रदान की है। इन शर्तें पर जिले के कुछ ठेकेदार काम करने के लिए तैयार हैं।
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ठेकेदार के पास 30 प्रतिशत ट्रक वाली शर्त खत्म

निदेशालय के द्वारा खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा जारी की गई नई पॉलिसी के तहत इस बार मंडियों से गेहूं की उठान का टेंडर लेने वाले ठेकेदार के पास 30 प्रतिशत ट्रक वाली शर्त को खत्म कर दिया गया है। वहीं समय पर उठान नहीं होने पर लगने वाली जुर्माना राशि प्रति ट्रक पांच हजार रुपये से घटाकर एक हजार रुपये कर दी गई है। वहीं बदलाव से पहले एक लिफ्टिंग एजेंसी एक जिले में तीन से अधिक मंडियों से गेहूं उठान का टेंडर नहीं ले सकती। लेकिन उसे अब चार कर दिया गया है।
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1.25 लाख की जगह देनी होगी एक लाख रुपये सुरक्षा राशि

नई पालिसी में उठान एजेंसी के पास 30 फीसदी ट्रक अपने होने जरूरी होने वाली शर्त को खत्म कर दिया गया है। बदलाव से पहले यदि एजेंसी के पास 30 फीसदी ट्रक अपने नहीं हैं तो उसे प्रति ट्रक 1 लाख 25 हजार रुपये जमा करवाने होंगे, काम पूरा होने के बाद 20 प्रतिशत ट्रकों की राशि पूरी वापस कर दी जाएगी। जबकि 10 प्रतिशत ट्रकाें की 75 हजार रुपये एजेंसी को विभाग वापस देगा जबकि 50 हजार रुपये नान रिफंडेबल है। बदलाव के बाद सभी ठेकेदारों को प्रति ट्रक एक लाख रुपये सुरक्षा राशि के तौर पर जमा करवाने होंगे। जमा करवाई गई राशि में से 85 हजार रुपये प्रति ट्रक के हिसाब से वापस होंगे।

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गेहूं उठान व लिफ्टिंग के लिए सरकार ने नई शर्ताें में बदलाव किया है। इन शर्तों में बदलाव करने से ठेकेदार को कुछ छूट जरूर मिली है, लेकिन हमारी मांग है कि सरकार को दो साल पुरानी पॉलिसी को लागू करना चाहिए। फिलहाल हालात ये है कि मजदूर भी नहीं मिल रहे हैं।




- विनोद सिंगला, जिला प्रधान, ट्रांसपोर्ट यूनियन

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गेहूं उठान को लेकर जिले में 52 खरीद केंद्र बनाए गए हैं। बुधवार को सरकार की ओर से साल 2025-26 में बनाई पॉलिसी में बदलाव किए हैं। बदलाव में कुछ शर्तों को खत्म कर दिया गया है।

- विनीत जैन, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक फतेहाबाद।
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