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शिशुओं के लिए नर्सरी में स्थापित हुई सीबीसी मशीन, लैब तकनीशियन तैनात नहीं

Sat, 01 Feb 2020 11:45 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 01 Feb 2020 11:45 PM IST
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CBC machine installed in nursery for infants, lab technician not deployed, fatehabad
नागरिक अस्पताल में बनी नर्सरी - फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल की स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट में दाखिल शिशुओं के ब्लड सैंपल जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक माह पहले नर्सरी में ही सीबीसी मशीन स्थापित कर दी लेकिन लैब तकनीशियन को तैनात नहीं किया। इसके कारण शिशुओं को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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इस मशीन से सिर्फ शिशुओं के ही सैंपलों की जांच होगी और करीब आधे घंटे में ही जांच रिपोर्ट आने के बाद उपचार शुरू हो जाएगा। सीबीसी मशीन आने के बाद शिशुओं के करीब 27 तरह के टेस्ट हो सकेंगे। लेकिन अस्पताल प्रशासन ने सीबीसी मशीन स्थापित करने के बाद इसे शुरू करने की हिम्मत नहीं जुटाई है। नर्सरी स्टाफ लैब तकनीशियन के लिए पत्राचार भी कर चुका है लेकिन इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन नर्सरी में सीबीसी मशीन के लिए लैब तकनीशियन तैनात नहीं कर रहा है। नर्सरी में मशीन होने के बावजूद सैंपल लेकर जांच के लिए मुख्य लेबोरेट्री में भेजे जा रहे हैं, रिपोर्ट आने में तीन से चार घंटे का समय लग रहा है।
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इसलिए पड़ी जरूरत
18 बेड की नर्सरी लगभग फुल रहती है, बल्कि शिशुओं को कंगारू मदर केयर यूनिट में दाखिल करना पड़ रहा है। इसके अलावा शिशुओं की ओपीडी भी होती है। उपचार शुरू करने से पहले डॉक्टर जांच के लिए सैंपल लैब में भेजते हैं तो वहां से रिपोर्ट आने में तीन से चार घंटे लग जाते हैं। नागरिक अस्पताल की सभी ओपीडी, जच्चा-बच्चा वार्ड और इमरजेंसी के टेस्ट एक ही लैब में होते हैं। ऐसे में शिशुओं का उपचार शुरू होने में देरी हो जाती है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग ने शिशुओं के लिए अलग से नर्सरी में सीबीसी मशीन की व्यवस्था की है।
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मुख्य लेबोरट्री में ड्यूटी करवा रहा प्रशासन
नर्सरी में लैब तकनीशियन को एनएचएम के तहत करीब आठ साल पहले रखा गया था। मशीन न होने के कारण लैब तकनीशियन की ड्यूटी तीन माह पहले मुख्य लेबोरेट्री में लगा दी गई। अब मशीन आने के बाद अस्पताल प्रशासन लैब तकनीशियन के वापस आर्डर नहीं कर रहा है। नर्सिंग स्टाफ ही सैंपल लेकर भेज रहा है।
ये भी जानिए
नर्सरी बेड संख्या : 18
कंगारू मदर केयर यूनिट बेड संख्या : 10
शिशु ओपीडी : 150 से 200
शिशुओं को पीलिया से भी मिलेगी जल्द राहत
नर्सरी में दाखिल होने वाले शिशुओं में ज्यादातर पीलिया से संबंधित होते हैं। शिशुओं को पीलिया से जल्द राहत दिलवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नई तकनीकी छह फोटो थैरेपी मशीन स्थापित की हैं। पहले जहां पीलिया नार्मल आने में दो से तीन दिन का समय लगता था अब 24 से 48 घंटे में नार्मल आ जाएगा। इन फोटो थरैपी मशीन में एलईडी लगी हुई है जो कि पीलिया को जल्द कंट्रोल करती हैं।

वर्जन
सीबीसी मशीन नर्सरी में लगाई गई है, लेकिन अभी तक इसे शुरू नहीं किया गया है। इस बारे में पत्राचार किया गया है। अगर लैब तकनीशियन ऊपर आ जाता है तो फायदा होगा।
- डॉ. राहुल चौहान, शिशु रोग विशेषज्ञ
वर्जन
ड्यूटी लगाने का काम मेडिकल सुपरिंटेंडेंट का है। इस बारे में एमएस से बात की जाएगी। इसके बाद ही पता चल पाएगा कि क्या कारण हैं।
- डॉ. मनीष बंसल, सिविल सर्जन
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