फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Buffalo 5 thousand to a million sold

एक लाख 5 हजार में बिकी भैंस

Sun, 04 May 2014 11:57 PM IST
fatehabad
fatehabad Updated Sun, 04 May 2014 11:57 PM IST
विज्ञापन
हिसार बाईपास पर लगने वाले साप्ताहिक पशु मेले में हर सप्ताह करोड़ों का व्यापार होता है। यह पशु मेला बीडीपीओ विभाग की ओर से आयोजित किया जाता है। इस मेले से राज्य सरकार को हर सप्ताह हजारों रुपये की आय होती है। मेले में जो भी आय होती है वह सरकारी खाते में जाती है।
विज्ञापन


इसमें हर सप्ताह सैकड़ों भैंस की खरीद-बिक्री होती है। इसमें हरियाणा के सटे कई राज्यों के व्यापारी आते हैं और पशुओं की खरीद बेच करते हैं। रविवार को लगने वाले मेले में देसी भैंस की सबसे बड़ी बोली 1 लाख 5 हजार तक की रही इसे यूपी के एक व्यापारी ने खरीदा है। ऐसे ही कई बड़ी रकमों की खरीद-बेच हर सप्ताह देखने को मिल जाती है। यह पशु मेला काफी चर्चित है।
विज्ञापन


         मेले को नियंत्रित करने के लिए बीडीपीओ विभाग के लगभग 15 कर्मचारी तैनात किए गए हैं, जिनमें मेें मुख्य है पशुमेला निरीक्षक अधिकारी, 10 मुंशी व 4 चौकीदार शामिल है। इस मेले में भाइचारा कैंटर यूनियन के 450 कैंटर व करीब 150 अन्य वाहन पशुओें लदान करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस मेले में पशुओं की खरीद करने वाले व्यापारियों की सरकारी फीस के साथ पर्चियां काटी जाती हैं, जिसकी कीमत 50 रूपये है। यह फीस केवल पशु खरीदने वाले व्यापारी के लिए ही निश्चित की गई है। इसके अलावा मेले में दुकान व रेहड़ियां लगाने वाले दुकानदारों की भी पर्चियां काटी जाती हैं। जिसमें स्थाई दुकानदारों से 50 से 80 रूपये व रेहड़ी चालकों से 30 रुपये वसूले जाते हैं।
         इस मेले में बेचे जाने वाले पशुओं की कीमत 20 हजार से लेकर 3 लाख होती है। यह रेट मेले में लाए गए पशुओं की नस्ल पर निर्भर करता है। देसी पशुओं की कीमत 20 हजार से लेकर 80 हजार रुपए तक हो सकती है। इसके अलावा मुर्रा नस्ल की भैंसों की कीमत 1 लाख से लेकर 3 लाख तक हो सकती है लेकिन व्यापारियों की मानें तो इस मेले में मुर्रा नस्ल की भैंस बहुत कम ही आती हैं।

वहीं अगर सरकार की इस मेले से होने वाली आय की बात करें तो व्यापारियों और दुकानदारों के लिए एक निश्चित शुल्क ही सरकार का एकमात्र आय का साधन है। व्यापारी चाहे 20 हजार की भैंस खरीदे या चाहे 2 लाख की उसका शुल्क मात्र 50 रुपये ही रहेगा।

       मेला निरीक्षक अधिकारी कृष्ण कुमार ने बताया कि मेले में हर सप्ताह 500 से लेकर एक हजार तक भैंस का व्यापार होता है। इसलिए इस मेले होने वाली आय औसतन मानी जाए तो न्यूनतम 20 हजार और अधिकतम 60 हजार तक ही रहती है। यह आंकडे़ भैंस के खरीद पर ही निर्भर करते हैं।

उन्होंने बताया कि यह मेला पिछले 35 वर्ष से चलता आ रहा है। इस मेले में राजस्थान, पंजाब, यूपी, दिल्ली, जम्मू कश्मीर जैसे राज्यों से हजारों व्यापारी पशुओं की खरीद-बिक्री के लिए आते हैं। इस मेले में हर सप्ताह 500 से लेकर 1 हजार तक पशुओं की खरीद बेच की जाती है।


रविवार को लगने वाले मेले में देसी भैंस की सबसे बड़ी बोली 1 लाख 5 हजार तक की रही इसे यूपी के एक व्यापारी ने खरीदा है। ऐसे ही कई बड़ी रकमों की खरीद-बेच हर सप्ताह देखने को मिल जाती है। यह पशुमेला काफी चर्चित है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed