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Fatehabad News: 35 करोड़ का बजट पास, पार्षदों को समझ नहीं आया लेखा-जोखा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 29 Feb 2024 11:44 PM IST
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Budget of Rs 35 crore passed, councilors did not understand the accounts
फतेहाबाद। नगर परिषद में वीरवार को बजट बैठक हुई, इस दौरान पार्षदों ने विकास कार्य न होने और सफाई की बिगड़ी व्यवस्था व स्ट्रीट लाइटें न लगाए जाने पर हंगामा किया। बैठक में हंगामे के बीच 35 करोड़ का बजट पास किया गया। नगर परिषद के बैंक खाते में 50 करोड़ 28 लाख इस वित्त वर्ष के बाद जमा रहने का अनुमान और 35 करोड़ नए वित्त वर्ष में आय आय होगी। यानि 85 करोड़ रुपये नगर परिषद के खाते में जमा हो जाएगा। नगर परिषद ने सैलरी व विकास कार्य व अन्य पर 34 करोड़ 41 लाख का अनुमान लगाया है। बैठक में अधिकारियों ने पार्षदों को बजट का लेखा-जोखा पढ़कर सुनाया फिर भी वे समझ नहीं पाए।
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नगर परिषद में बजट बैठक प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची की मौजूदगी में हुई। पार्षदों ने रोष जताते हुए कहा कि ठेकेदार उन्हें जलील करते हैं और उनके कहने पर एक गड्ढा भी नहीं भरा जाता है। इस दौरान उपप्रधान सविता टुटेजा ने कहा कि फिर पार्षद बिल पर हस्ताक्षर क्यों करते हैं। बैठक में पेमेंट अप्रूवल कमेटी के चुने गए सदस्य रमेश गिल्होत्रा, पार्षद मोहन लाल नारंग, चंद्रभान वधवा, सुभाष नायक ने डोर-टू-डोर कचरा उठाने वाली एजेंसी के मनमानी करने और कचरे का उठान न करने को लेकर हंगामा किया और कहा कि समय पर कचरे का उठान नहीं हो रहा है। गाड़ियों पर हेल्पर नहीं हैं। संकरी गलियों में कचरा उठान नहीं हो रहा है। नगर परिषद ने सालाना ढाई करोड़ का ठेका दे रखा है। पार्षद सुभाष नायक ने यहां तक कहा कि एजेंसी को गेट आउट करें और कर्मचारी भर्ती करके खुद काम करवाया जाए। बैठक में उपप्रधान सविता टुटेजा और 27 में से 19 पार्षद ही पहुंचे। बैठक में पार्षदों ने स्ट्रीट लाइटें खराब होने का मुद्दा उठाया। पार्षद चंद्रभान ने कहा कि यूं तो नगर परिषद के पास करोड़ों रुपये जमा है। लेकिन इसका फायदा क्या है जब नगर परिषद डेढ़ साल से सीढ़ी नहीं खरीद पाया है। सीढ़ी न होने से लाइटें ठीक नहीं हो पा रही है और न ही नई लग रही है। कार्यकारी अभियंता ने कहा कि इसी हफ्ते में लाइटें लगनी शुरू हो जाएंगी। पार्षद ने शहर में बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था का भी मुद्दा उठाया। वहीं शहर में अवैध होर्डिंग लगने के कारण नगर परिषद को नुकसान हुआ है। 63 हजार ही आय हुई है जबकि 5 लाख आय का अनुमान रखा गया था। इसके अलावा कार्यकारी अधिकारी राजेंद्र सोनी, कार्यकारी अभियंता अमित कौशिक मौजूद रहे। एसओ सुरेंद्र रोहिल्ला और लेखाकार नवीन भाटिया ने बैठक में बजट के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
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जब पार्षद बोला, स्ट्रीट लाइट का मुझे दें ठेका : पार्षद राजकुमार ने कहा कि स्ट्रीट लाइट मरम्मत का 24 लाख रुपये में ठेका दिया हुआ है लेकिन फिर भी समाधान नहीं हो रहा है। मुझे 15 लाख में ठेका दें, मैं एक भी शिकायत नहीं आने दूंगा।
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पार्किंग और कम्युनिटी सेंटर को खुद संभाले नगर परिषद
पार्षद मोहन लाल नारंग और सुभाष नायक ने कहा कि बीघड़ रोड पर बने कम्युनिटी सेंटर और मल्टीपर्पज पार्किंग को नगर परिषद खुद संभाले। दोनों जगह लोगों की सुविधा के लिए है लेकिन ठेकेदार मनमानी करके मनमाने रेट वसूल रहे है। कम्युनिटी सेंटर का रेट 5100 या फिर 11 हजार किया जाए। प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची ने कहा कि अगली बार कम्युनिटी सेंटर को ठेके पर नहीं दिया जाएगा। कार्यकारी अभियंता अमित कौशिक ने पार्किंग को लेकर कहा कि नगर परिषद के पास इतने कर्मचारी नहीं है कि वह संभाल पाए। अगर वह गलत रेट ले रहा है तो शिकायतें दें। अगर वह स्टॉल भी लगवाता है तो कार्रवाई करेंगे।

प्रधान की बनाई कमेटियां लागू होने से पहले भंग
नगर परिषद प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची ने पिछले दिनों हाउस बैठक में बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन क्वालिटी कमेटी, सिटी लाइट, पार्क मम्मत, डोर-टू-डोर और प्रॉपर्टी आईडी निरीक्षण कमेटियों का गठन किया था। इस कमेटी में पार्षदों को शामिल किया गया था। बैठक में पार्षद मोहन लाल नारंग ने कहा कि अभी तक नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। इस पर कार्यकारी अभियंता ने कहा कि पेमेंट अप्रूवल और फाइनेंस कमेटी बन चुकी है। ऐसे में दूसरी कमेटियों का गठन नहीं होगा। नगर निकाय की तरफ से निर्देश आ चुके है।
दुकानें बेचने से नगर परिषद को हुई 1.97 करोड़ की आय
नगर परिषद द्वारा 20 साल पुराने किराएदारों को मालिकाना हक देने से वर्ष 2023-24 में जनवरी माह तक 1 करोड़ 97 लाख की आय हुई है जबकि 39 लाख अभी आने का अनुमान है। इसके अलावा विकास शुल्क से नगर परिषद को 2 करोड़ 28 लाख की आय हुई है जबकि अनुमान साढ़े 3 करोड़ का था। नए वित्त वर्ष के लिए भी साढ़े 3 करोड़ का बजट रखा गया है।
डोर-टू-डोर कचरा उठान से सिर्फ 5 लाख आय
नगर परिषद ने डोर-टू-डोर कचरा उठान को लेकर वर्ष 2023-24 के लिए 40 लाख आय का अनुमान रखा था। लेकिन 5 लाख 79 हजार ही कलेक्शन हुई है। वर्ष 2024-25 के लिए 20 लाख आय का अनुमान रखा गया है।
अमर उजाला में छपी खबर, पार्षदों ने लिया संज्ञान :
शहर में डोर-टू-डोर कचरा उठान का टेंडर एक करोड़ महंगा होने की खबर को अमर उजाला ने प्रकाशित किया था। इस खबर पर संज्ञान लेते हुए पार्षदों ने मुद्दे को रखा और कहा कि एजेंसी काम नहीं कर रही है और ठेका बढ़ाया जा रहा है। शौचालयों की सफाई नहीं होती है और उसका ठेका भी 18 लाख रुपये महंगे में दिया गया है।

कोट
पार्षदों की सहमति से बजट पास किया गया है। उम्मीद है वर्ष 2024-25 में अच्छी आय होगी। नगर परिषद के पास फंड की कोई कमी नहीं है। विकास कार्यों के लिए पर्याप्त फंड है। नगर परिषद द्वारा सरकार द्वारा जो 85 प्रतिशत आय का लक्ष्य था उसे पूरा कर लिया गया है। इससे एसएफसी और सीएफसी ग्रांट में कटौती नहीं होगी।
- राजेंद्र सिंह खिंची, प्रधान नगर परिषद
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