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नशे के केस से निकालने की एवज में मांगे सात लाख, पचास हजार लेते रंगे हाथों विजिलेंस के हत्थे चढ़ा सिपाही

Thu, 14 Nov 2019 06:51 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 14 Nov 2019 06:51 PM IST
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brive in the case of drug, policeman arrest, drug case, vigilence, fatehabad
फतेहाबाद। विजिलेंस गुरुग्राम और रेवाड़ी की टीम ने फतेहाबाद में छापा मारकर हरियाणा पुलिस के सिपाही संदीप निवासी बिठमडा को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। विजिलेंस ने आरोपी सिपाही की कार को भी जब्त कर लिया है। आरोपी संदीप कुमार फिलहाल हिमाचल के सरहान में रिपीटर स्टेशन की ड्यूटी पर कार्यरत है। सिपाही संदीप सिंह के खिलाफ उचाना के गांव रोजखेड़ा की शिकायत पर भ्रष्टाचार रोधी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है। ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में तहसीलदार विजय कुमार पूरी कार्रवाई के दौरान मौजूद रहे। इस मामले में रतिया सीआईए के भी कई कर्मचारियों के फंसने की आशंका है।
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मिली जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता राजीव सिरसा क्षेत्र में पशुओं का इलाज करता है। सीआईए रतिया ने 2 अगस्त 2019 को अमानी निवासी दलजीत उर्फ दर्शन को नशीले पदार्थ के साथ पकड़ा था। दर्शन ने पूछताछ में पुलिस को ये बता दिया कि वह यह माल रोजरखेड़ा निवासी राजीव से लाया था। राजीव का आरोप है कि सीआईए इंचार्ज हरपाल सिंह 6 अगस्त को पुलिस पार्टी के साथ उसकी गैरहाजिरी में उसके घर आया और अपना फोन नंबर देकर मामला निपटाने के लिए बात करवाने को कहा। उसका आरोप है कि जब उसने हरपाल से बात की तो उसने सिपाही संदीप का नंबर देकर कहा कि संदीप ही इस मामले में डील करेगा। जब उसने संदीप से बात की तो संदीप ने उससे 10 लाख की मांग की मगर उनका 7 लाख में सौदा तय हो गया। राजीव का आरोप है कि सिपाही संदीप ने उसे 17 अगस्त को सीआईए रतिया आफिस में बुला लिया और अगली बार पैसे लेकर आने को कहा। वह 25 अगस्त को डेढ़ लाख रुपये लेकर सीआईए रतिया पहुंचा तो उससे रुपये लेकर संदीप ने हरपाल व कंप्यूटर आपरेटर में बांट दिए। सिपाही संदीप ने उसे अगले दिन 26 अगस्त को फिर आने को कहा। राजीव का कहना है कि जब वह 26 अगस्त को सीआईए पहुंचा तो उसे टोहाना ले जाकर गिरफ्तारी डाल दी गई।
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राजीव का आरोप है कि उसने किसी तरह घर संदेश भिजवाया कि वह जेल में है। जिसके बाद राजीव की 22 अक्तूबर को हाईकोर्ट से जमानत हो गई। राजीव ने संदीप पर ये भी आरोप लगाया है कि उसके पीछे से सिपाही संदीप उसकी पत्नी से फोन पर गलत बात व संदेश भेजता रहा और कहता रहा कि मेरा अहसान उतार दो। उसके कहने पर राजू के साले ने किसी किरण के खाते में 49 हजार भी डलवा दिए। राजीव का आरोप है कि 26 अक्तूबर को संदीप उनके घर आया और बाकी 5 लाख की डिमांड करने लगा। उन्होंने मामले की जानकारी हिसार व सिरसा विजिलेंस को दी मगर उन्होंने कार्रवाई से इनकार कर दिया। मजबूरन उसने टोल फ्री नंबर पर डीजी विजिलेंस से बात की। उसे रेवाड़ी में इंस्पेक्टर के पास भेजा गया। संदीप बुधवार रात भी उनके घर आया तो विजिलेंस के निर्देश पर वीरवार को पेमेंट देने के लिए कोर्ट के बाहर बुलाया गया। जैसे ही संदीप ने राजू से रुपये पकड़े, विजिलेंस टीम के इंचार्ज इंस्पेक्टर कुलवंत सिंह, सब इंस्पेक्टर जयचंद व एएसआई सतबीर ने संदीप को दबोच लिया। विजिलेंस ने पाउडर लगे नोट भी बरामद कर मुकदमा दर्ज कर दिया।
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