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Fatehabad News: धान के बीज की हो रही कालाबाजारी, सरकारी दुकानों पर मिल रही एक ही किस्म

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 15 May 2024 11:40 PM IST
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Black marketing of paddy seeds is happening, only one variety is available in government shops
फतेहाबाद में ईफको खाद्य सोसायटी पर लगा डीएपी खाद्य की रैंक।
फतेहाबाद। जिन किसानों को धान की पौध तैयार करनी है या अगेती धान के किस्म की बुवाई करनी है, उन किसानों ने धान के बीज की खरीद शुरू कर दी है। वहीं बाजार में धान के बीज की कालाबाजारी हो रही है। फतेहाबाद की पुरानी अनाज मंडी स्थित बीज की दुकानों पर प्रति किलोग्राम 50 से 60 रुपये तक की कालाबाजारी हो रही है। जिले की सरकारी बीज की दुकानों पर 1121 किस्म का धान का बीज ही मौजूद है।
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इस कारण जिन किसानों को 1121 के अलावा अन्य किस्म के धान के बीज की जरूरत है, उन्हें अधिक रुपये में बाजार से बीज खरीदना पड़ रहा है। धान की किस्म 1509 की सरकारी कीमत 74 रुपये प्रति किलो है, लेकिन बाजार में इसकी कीमत 110 रुपये प्रति किलो है। वहीं परमल धान पीआर 114 की सरकारी कीमत 50 रुपये किलो है और बाजार में इसकी कीमत 80 रुपये किलो है। जिले में 10320 क्विंटल ढैंचा के बीज की खरीद हो चुकी है। इस बार मूंग का बीज नहीं मिलने के कारण ढैंचा के बीज की ज्यादा मांग है। वहीं, डीएपी खाद की इस बार कमी नहीं है। हालांकि अगले महीने धान की रोपाई के समय खाद की मांग बढ़ेगी।
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मजबूरन अन्य फसलों की बुवाई करनी पड़ेगी
जिले के किसान महेंद्र सैनी, सुरेंद्र कुमार, रामकरण, दिलजीत सिंह आदि ने बताया कि उन्होंने मूंग के बीज के लिए पंजीकरण करवाया था। मगर जब बीज की सरकारी दुकान में मूंग का बीज खरीदने गए तो पता चला कि इस वर्ष चुनाव के कारण अभी तक मूंग का बीज नहीं आया है। इसके चलते मजबूरन किसानों को किसी अन्य फसल की बुवाई करनी पड़ेगी।
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कोट
जिले के टोहाना, रतिया, फतेहाबाद और भूना सहित चार शहरों में धान के बीज की सरकारी दुकानें हैं, जिन पर धान की किस्म 1121 का बीज अभी आ चुका है। बाकी अन्य किस्मों का धान अगले महीने तक आने की संभावना है। इसके बाद किसानों को बीज दे दिया जाएगा।
संजय कुमार, सहायक विपणन अधिकारी
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