{"_id":"695c01adffe8581e6f0a6a01","slug":"bishnoi-community-protested-against-the-cutting-of-green-trees-in-tohana-fatehabad-news-c-127-1-shsr1019-146476-2026-01-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: टोहाना में बिश्नोई समाज ने हरे पेड़ों की कटाई का किया विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: टोहाना में बिश्नोई समाज ने हरे पेड़ों की कटाई का किया विरोध
Mon, 05 Jan 2026 11:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 05 Jan 2026 11:53 PM IST
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी के नाम नायब तहसीलदार को लिखित ज्ञापन देते हुए बिश्नोई सभा व अन्य। संव
टोहाना। लघु सचिवालय में बिश्नोई समाज और अन्य बिरादरियों के लोगों ने सोमवार को आचार्य स्वामी रामाचार्य महाराज के नेतृत्व में प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा। यह ज्ञापन राजस्थान सरकार द्वारा हरे वृक्षों की कटाई पर बनाए गए नए कानून के विरोध में दिया गया।
इससे पहले बीडीपीओ कार्यालय से एसडीएम कार्यालय तक प्रदर्शन भी किया गया। ज्ञापन में कहा गया कि खेजड़ी जैसे हरे वृक्षों की कटाई पर मात्र 1000 रुपये का जुर्माना और सजा माफी का कानून तर्कसंगत नहीं है। हरे वृक्ष अमूल्य हैं और ऐसे कानून से लोग बिना डर के पेड़ों की कटाई करने लगेंगे।
प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन के माध्यम से प्रधानमंत्री के पर्यावरण संरक्षण प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वे विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन पेड़ों की अंधाधुंध कटाई अस्वीकार्य है। उन्होंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि हरे वृक्षों की सुरक्षा के लिए सख्त कानून पारित किया जाए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि हरे पेड़ों की कटाई के विरोध में साधु-संत, बिश्नोई समाज और 36 बिरादरियों के लोग 2 फरवरी को बीकानेर में अनिश्चितकालीन महापड़ाव लगाने की चेतावनी दे चुके हैं। अगर उनकी मांग मान ली जाती है तो इसे टाला जा सकता है। इस अवसर पर पूर्व सरपंच दलबीर बिश्नोई, मनोज हनुमान सिंह, ईश्वर बोस्ती, प्रधान बलदेव सिंह, किसान यूनियन से लाभ सिंह आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
इससे पहले बीडीपीओ कार्यालय से एसडीएम कार्यालय तक प्रदर्शन भी किया गया। ज्ञापन में कहा गया कि खेजड़ी जैसे हरे वृक्षों की कटाई पर मात्र 1000 रुपये का जुर्माना और सजा माफी का कानून तर्कसंगत नहीं है। हरे वृक्ष अमूल्य हैं और ऐसे कानून से लोग बिना डर के पेड़ों की कटाई करने लगेंगे।
विज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन के माध्यम से प्रधानमंत्री के पर्यावरण संरक्षण प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वे विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन पेड़ों की अंधाधुंध कटाई अस्वीकार्य है। उन्होंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि हरे वृक्षों की सुरक्षा के लिए सख्त कानून पारित किया जाए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि हरे पेड़ों की कटाई के विरोध में साधु-संत, बिश्नोई समाज और 36 बिरादरियों के लोग 2 फरवरी को बीकानेर में अनिश्चितकालीन महापड़ाव लगाने की चेतावनी दे चुके हैं। अगर उनकी मांग मान ली जाती है तो इसे टाला जा सकता है। इस अवसर पर पूर्व सरपंच दलबीर बिश्नोई, मनोज हनुमान सिंह, ईश्वर बोस्ती, प्रधान बलदेव सिंह, किसान यूनियन से लाभ सिंह आदि उपस्थित रहे।