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दोगुना गति से बढ़ रही जन्म दर, मूलभूत सुविधाओं में नहीं हुआ इजाफा
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फतेहाबाद में लालबत्ती चौक क्षेत्र।
- फोटो : Fatehabad
विश्व जनसंख्या दिवस विशेष
दोगुना गति से बढ़ रही जन्म दर, मूलभूत सुविधाओं में नहीं हुआ इजाफा
वर्ष 2021 में 17 हजार बच्चों ने लिया जन्म, 8500 मृत्यु हुई पंजीकृत
स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवहन सुविधाओं की कमी
फोटो नंबर 23
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहाबाद। जनसंख्या जिले में तेजी गति से बढ़ रही है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार जिले की जनसंख्या करीब 9 लाख 42 हजार थी जो कि अब बढ़कर 11 लाख से ज्यादा हो चुकी है। फतेहाबाद शहर की बात की जाए तो वर्ष 2016 में जनसंख्या करीब 75 हजार थी जो कि अब 98 हजार तक पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक जनसंख्या तेजी गति से बढ़ रही है।
वर्ष 2021 के आंकड़ों के मुताबिक जिले में 17778 जन्म प्रमाण पत्र पंजीकृत हुए। जिसमें 9386 लड़के और 8392 लड़कियों के जन्म पंजीकृत हुआ। इसी साल 8558 मृत्यु पंजीकृत हुई। जिसमें 5018 पुरुष और 3540 महिलाएं शामिल थीं। लेकिन अहम बात यह है कि गांवों के साथ-साथ शहरों में भी मूलभूत सुविधाएं नहीं बढ़ी है। परिवहन समस्या सबसे बड़ी है, जिला मुख्यालय अभी तक रेल सेवा से वंचित है। शिक्षा की बात की जाए तो यहां पर कोई यूनिवर्सिटी नहीं है। औद्योगिक दृष्टि से भी जिला कटा हुआ है। जिले में कोई बड़ा उद्योग नहीं है और इस तरफ प्रयास भी नहीं किया गया है।
वर्ष 2021 में जन्म और मृत्यु पंजीकृत
माह जन्म पंजीकृत मृत्यु पंजीकृत
जनवरी 1476 550
फरवरी 1299 591
मार्च 1142 452
अप्रैल 1170 549
मई 1069 1370
जून 1264 1121
जुलाई 1326 746
अगस्त 1825 882
सितंबर 1976 477
अक्तूबर 1848 522
नवंबर 1629 603
दिसंबर 754 695
हुडा सेक्टर अभी भी नहरी पानी से वंचित
शहर के 90 फीसदी क्षेत्र में सुबह और शाम को नहरी पेयजल सप्लाई घरों में आती है। लेकिन हुडा सेक्टर तीन के लोग आज भी नहरी पानी से वंचित है। यहां के लोग भूमिगत जल ही प्रयोग कर रहे हैं। एचएसवीपी प्रशासन ने अभी तक यहां नहरी पानी की सप्लाई की व्यवस्था नहीं की है।
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जिला मुख्यालय रेल से वंचित
परिवहन सुविधा की बात की जाए तो फतेहाबाद जिला मुख्यालय सिर्फ रोडवेज व प्राइवेट बसों के सहारे ही है। जिला मुख्यालय रेल से नहीं जुड़ा है। रेल से जोड़ने को लेकर कई बार घोषणा हो चुकी है लेकिन सिरे नहीं चढ़ी। रोडवेज बसों की भी जिले भर में कमी है।
अस्पताल है लेकिन डॉक्टर और जांच सुविधा नहीं
जिला स्वास्थ्य की दृष्टि से भी पिछड़ा हुआ है। लोग आज भी उपचार के लिए हिसार या फिर बड़े शहरों में जाने को मजबूर है। जिले में अस्पताल के नाम पर बिल्डिंग जरूर है लेकिन यहां सुविधा नहीं है। जिले में ही 174 में से 105 डॉक्टरों की कमी है। सरकारी अस्पताल में सिर्फ प्राथमिक उपचार की ही सुविधा है। हर दूसरा मरीज यहां से अग्रोहा मेडिकल रेफर हो रहा है।
जिला मुख्यालय में कॉलेज तक नहीं
शिक्षा के क्षेत्र में भी जिला आगे नहीं बढ़ा है। विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के लिए दूसरे जिलों या फिर राज्य से ही बाहर जाना पड़ रहा है। जिले में कोई यूनिवर्सिटी नहीं है। यहां तक लड़कियों के अलावा जिला मुख्यालय में कोई सरकारी कॉलेज नहीं है।
हुडा सेक्टर में नहरी पानी तक की सप्लाई नहीं
हुडा सेक्टर तीन में करीब 550 घर है। लेकिन यहां पर ट्यूबवेल पानी की सप्लाई हो रही है। इस संबंध में लंबे समय से अधिकारियों से मांग की जा रही है लेकिन नहरी पानी की कोई सुविधा नहीं है। सरकार को इस बारे में सुध लेनी चाहिए
-बलदेव बजाज, प्रधान, रेजिडेंट वेलफेयर सोसायटी
कोट
जन्म-मृत्यु का आंकड़ा पीएचसी स्तर पर इकट्ठा किया जाता है। उसी के आधार पर जिले में जन्म और मृत्यु दर तय की जाती है। जहां तक स्वास्थ्य सेवाओं की बात है जिले में मुख्य तौर पर डॉक्टरों की कमी है, इस संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है।
-डॉ. संगीता अबरोल, कार्यकारी सिविल सर्जन
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दोगुना गति से बढ़ रही जन्म दर, मूलभूत सुविधाओं में नहीं हुआ इजाफा
वर्ष 2021 में 17 हजार बच्चों ने लिया जन्म, 8500 मृत्यु हुई पंजीकृत
स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवहन सुविधाओं की कमी
फोटो नंबर 23
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहाबाद। जनसंख्या जिले में तेजी गति से बढ़ रही है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार जिले की जनसंख्या करीब 9 लाख 42 हजार थी जो कि अब बढ़कर 11 लाख से ज्यादा हो चुकी है। फतेहाबाद शहर की बात की जाए तो वर्ष 2016 में जनसंख्या करीब 75 हजार थी जो कि अब 98 हजार तक पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक जनसंख्या तेजी गति से बढ़ रही है।
वर्ष 2021 के आंकड़ों के मुताबिक जिले में 17778 जन्म प्रमाण पत्र पंजीकृत हुए। जिसमें 9386 लड़के और 8392 लड़कियों के जन्म पंजीकृत हुआ। इसी साल 8558 मृत्यु पंजीकृत हुई। जिसमें 5018 पुरुष और 3540 महिलाएं शामिल थीं। लेकिन अहम बात यह है कि गांवों के साथ-साथ शहरों में भी मूलभूत सुविधाएं नहीं बढ़ी है। परिवहन समस्या सबसे बड़ी है, जिला मुख्यालय अभी तक रेल सेवा से वंचित है। शिक्षा की बात की जाए तो यहां पर कोई यूनिवर्सिटी नहीं है। औद्योगिक दृष्टि से भी जिला कटा हुआ है। जिले में कोई बड़ा उद्योग नहीं है और इस तरफ प्रयास भी नहीं किया गया है।
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वर्ष 2021 में जन्म और मृत्यु पंजीकृत
माह जन्म पंजीकृत मृत्यु पंजीकृत
जनवरी 1476 550
फरवरी 1299 591
मार्च 1142 452
अप्रैल 1170 549
मई 1069 1370
जून 1264 1121
जुलाई 1326 746
अगस्त 1825 882
सितंबर 1976 477
अक्तूबर 1848 522
नवंबर 1629 603
दिसंबर 754 695
हुडा सेक्टर अभी भी नहरी पानी से वंचित
शहर के 90 फीसदी क्षेत्र में सुबह और शाम को नहरी पेयजल सप्लाई घरों में आती है। लेकिन हुडा सेक्टर तीन के लोग आज भी नहरी पानी से वंचित है। यहां के लोग भूमिगत जल ही प्रयोग कर रहे हैं। एचएसवीपी प्रशासन ने अभी तक यहां नहरी पानी की सप्लाई की व्यवस्था नहीं की है।
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जिला मुख्यालय रेल से वंचित
परिवहन सुविधा की बात की जाए तो फतेहाबाद जिला मुख्यालय सिर्फ रोडवेज व प्राइवेट बसों के सहारे ही है। जिला मुख्यालय रेल से नहीं जुड़ा है। रेल से जोड़ने को लेकर कई बार घोषणा हो चुकी है लेकिन सिरे नहीं चढ़ी। रोडवेज बसों की भी जिले भर में कमी है।
अस्पताल है लेकिन डॉक्टर और जांच सुविधा नहीं
जिला स्वास्थ्य की दृष्टि से भी पिछड़ा हुआ है। लोग आज भी उपचार के लिए हिसार या फिर बड़े शहरों में जाने को मजबूर है। जिले में अस्पताल के नाम पर बिल्डिंग जरूर है लेकिन यहां सुविधा नहीं है। जिले में ही 174 में से 105 डॉक्टरों की कमी है। सरकारी अस्पताल में सिर्फ प्राथमिक उपचार की ही सुविधा है। हर दूसरा मरीज यहां से अग्रोहा मेडिकल रेफर हो रहा है।
जिला मुख्यालय में कॉलेज तक नहीं
शिक्षा के क्षेत्र में भी जिला आगे नहीं बढ़ा है। विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के लिए दूसरे जिलों या फिर राज्य से ही बाहर जाना पड़ रहा है। जिले में कोई यूनिवर्सिटी नहीं है। यहां तक लड़कियों के अलावा जिला मुख्यालय में कोई सरकारी कॉलेज नहीं है।
हुडा सेक्टर में नहरी पानी तक की सप्लाई नहीं
हुडा सेक्टर तीन में करीब 550 घर है। लेकिन यहां पर ट्यूबवेल पानी की सप्लाई हो रही है। इस संबंध में लंबे समय से अधिकारियों से मांग की जा रही है लेकिन नहरी पानी की कोई सुविधा नहीं है। सरकार को इस बारे में सुध लेनी चाहिए
-बलदेव बजाज, प्रधान, रेजिडेंट वेलफेयर सोसायटी
कोट
जन्म-मृत्यु का आंकड़ा पीएचसी स्तर पर इकट्ठा किया जाता है। उसी के आधार पर जिले में जन्म और मृत्यु दर तय की जाती है। जहां तक स्वास्थ्य सेवाओं की बात है जिले में मुख्य तौर पर डॉक्टरों की कमी है, इस संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है।
-डॉ. संगीता अबरोल, कार्यकारी सिविल सर्जन