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Fatehabad News: धान को फायदा, नरमा और बाजरे को नुकसान
Mon, 25 Aug 2025 11:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 25 Aug 2025 11:52 PM IST
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समैन। टोहाना के ग्रामीण क्षेत्र में रविवार रात से हो रही बारिश से किसानों की धान की फसलों को फायदा हुआ है। नरमा व बाजरे की फसल में नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है। टोहाना खंड के ग्रामीण क्षेत्र में नरमा व बाजरे का रकबा नाममात्र है, इसलिए बारिश से किसानों को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। किसानों के अनुसार फिलहाल उन्हें धान की फसल के लिए एक बारिश का इंतजार था। उनका यह इंतजार अब पूरा हुआ है। रविवार व सोमवार को हुई बारिश से पहले क्षेत्र में क्षेत्र में अच्छी बारिश न होने से किसानों में निराशा थी।
गांव समैन के किसान राजबीर, रामफल,धीरा,प्रताप, गंगा राम व कुलदीप ने बताया कि बारिश से नरमा व बाजरे की फसल को नुकसान हुआ है। इन दिनों में नरमा की फसल के पौधे पर फूल आने शुरू हो जाते है व टिंडा बनना शुरू हो जाता है। बारिश से यह फुल खराब हो जाते है व टिंडा नहीं बन पाता। किसानों ने बताया कि गांव समैन, कन्हड़ी, गाजुवाला,नांगली, नांगला,लालौदा, बिढ़ाई खेड़ा,डांगरा सहित आस पास के गांवों में नरमा व बाजरे की फसल का रकबा नाममात्र का है इसलिए उन्हें इस नुकसान के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।
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मानसून की बारिश से धान की फसलों को बहुत फायदा हुआ है। इन दिनों में धान की फसल को ज्यादा से ज्यादा सिंचाई की जरूरत होती है। टोहाना क्षेत्र में नरमा व बाजरे का रकबा बहुत ही कम है। इसलिए बारिश से फसलों में किसी तरह के नुकसान का कोई अंदेशा नहीं है।
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मुकेश महला, एसडीओ कृषि विभाग टोहाना
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गांव समैन के किसान राजबीर, रामफल,धीरा,प्रताप, गंगा राम व कुलदीप ने बताया कि बारिश से नरमा व बाजरे की फसल को नुकसान हुआ है। इन दिनों में नरमा की फसल के पौधे पर फूल आने शुरू हो जाते है व टिंडा बनना शुरू हो जाता है। बारिश से यह फुल खराब हो जाते है व टिंडा नहीं बन पाता। किसानों ने बताया कि गांव समैन, कन्हड़ी, गाजुवाला,नांगली, नांगला,लालौदा, बिढ़ाई खेड़ा,डांगरा सहित आस पास के गांवों में नरमा व बाजरे की फसल का रकबा नाममात्र का है इसलिए उन्हें इस नुकसान के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।
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मानसून की बारिश से धान की फसलों को बहुत फायदा हुआ है। इन दिनों में धान की फसल को ज्यादा से ज्यादा सिंचाई की जरूरत होती है। टोहाना क्षेत्र में नरमा व बाजरे का रकबा बहुत ही कम है। इसलिए बारिश से फसलों में किसी तरह के नुकसान का कोई अंदेशा नहीं है।
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मुकेश महला, एसडीओ कृषि विभाग टोहाना
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