{"_id":"6133a48d8ebc3ea756372417","slug":"beldar-was-attacked-by-sdo-fatehabad-news-hsr6107917194","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसडीओ ने करवाया था बेलदार पर हमला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसडीओ ने करवाया था बेलदार पर हमला
विज्ञापन
आरोपियों को कोर्ट में पेश करने ले जाती हुई पुलिस।
- फोटो : Fatehabad
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फतेहाबाद। जन स्वास्थ्य विभाग के बेलदार विनोद पर हमला करने के मामले का खुलासा हो गया है। फतेहाबाद में पहले एवं अब फिलहाल पंचकूला में तैनात एसडीओ आशीष गर्ग ने ही बेलदार विनोद पर हमला करवाया था। हमला करवाने के लिए एसडीओ ने दो लाख रुपये की सुपारी दी थी और एक लाख रुपये एडवांस दे दिए थे। इसके लिए बेलदार विनोद की जन स्वास्थ्य विभाग में तैनात सुपरवाइजर मदन लाल ने रैकी की थी।
शहर पुलिस ने मामले में एसडीओ आशीष गर्ग और सुपरवाइजर मदन लाल को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए दोनों आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, यहां से दोनों को जमानत मिल गई। पूछताछ में सामने आया है कि मामले में सिरसा का एक अन्य व्यक्ति भी शामिल है। जिसने हमला करवाने के लिए दो लाख रुपये में डील करवाई थी और चार हमलावर भेजे थे। हालांकि अभी पुलिस ने डील करवाने वाले सिरसा निवासी व्यक्ति के नाम का खुलासा नहीं किया है।
बेलदार विनोद पर किए गए हमले के मामले का खुलासा करते हुए शनिवार को डीएसपी दलजीत बैनीवाल ने बताया कि मामले की जांच के लिए शहर पुलिस टीम जुटी हुई थी। मामले में नामजद एसडीओ और जेई को शामिल जांच किया गया। पूछताछ में सामने आया है कि एसडीओ आशीष ने बेलदार विनोद द्वारा बार-बार आरटीआई लगाने से तंग आकर हमला करवाने की प्लानिंग बनाई। इसमें सिरसा के एक व्यक्ति को शामिल किया गया। जिसमें हमलवार उपलब्ध करवाए। सुपरवाइजर मदन भी इसमें शामिल था। मदन ने हमलावरों का विनोद का घर दिखाया था। सुबह जब वह ड्यूूटी पर आने लगा तो प्लानिंग के मुताबिक हमलावरों ने रतिया रोड पर हमला कर दिया।
विज्ञापन
जेई और बिचौले का नहीं किया खुलासा
बेलदार पर हमला करवाने में जनस्वास्थ्य विभाग के जेई शामिल है या नहीं इसका खुलासा अभी पुलिस ने नहीं किया है। हालांकि शुक्रवार को मामले में पुलिस ने शामिल जांच किया था। इसके अलावा नामजद ठेकेदार रायसिंह वारदात में शामिल है या नहीं इस बारे में भी पुलिस ने खुलासा नहीं किया है। डीएसपी दलजीत का कहना है कि मामले की फिलहाल जांच चल रही है। हमले की डील करवाने वाले बिचौले की गिरफ्तारी के बाद ही हमलावरों का पता लग पाएगा।
एसडीओ का गड़बड़झाला के आरोप में हो चुका है ट्रांसफर
जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ आशीष गर्ग पर धर्मशाला रोड पर बिछाई गई पाइप लाइन मामले में गड़बड़झाला के आरोप लगने के बाद विभाग ने पंचकूला तबादला कर दिया था। इसके अलावा जेई गिरीश से भी शहर का चार्ज लिया जा चुका है। एसडीओ ने ट्रांसफर होने के बाद बेलदार विनोद पर हमला करवाया।
सेनानिवृत्त होने के बाद आउटसोर्सिंग पर है मदन लाल
फतेहाबाद के नहर कॉलोनी निवासी मदन लाल जनस्वास्थ्य विभाग में स्थायी कर्मचारी था। विभाग से सेवानिवृत्त होने के बाद आउटसोर्सिंग के तहत विभाग में कार्यरत हैं। सीवरेज व्यवस्था का काम मदन लाल संभाल रहा था।
ये था मामला
जनस्वास्थ्य विभाग में बेलदार के पद पर तैनात विनोद पर 20 अगस्त की सुबह हमला हुआ था। हमले के बाद विनोद बुरी तरह से घायल हो गया था। घायल विनोद को पहले फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल लाया गया और फिर अग्रोहा मेडिकल रेफर कर दिया गया थीा। पुलिस को दी शिकायत में विनोद ने एसडीओ आशीष गर्ग, जेई गिरीश, जेई रमेश, जेई अश्वनी तथा ठेकेदार रायसिंह व चार अज्ञात पर हमला करवाने के आरोप लगाए थे। मामले में पुलिस ने उक्त आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। विनोद ने आरोप लगाया था कि आरटीआई लगाने के कारण उक्त अधिकारियों ने उस पर हमला करवाया है। मामले को लेकर कई दिनों से कर्मचारी यूनियन प्रदर्शन कर रही है और सोमवार तक अल्टीमेटम दिया था।
आरटीआई लगाने के कारण मेवात कर दिया था तबादला
विनोद ने आरटीआई लगाकर अपने ही विभाग में हो रहे गड़बड़झाला को उजागर किया था। इसके चलते बेलदार विनोद का मेवात तबादला कर दिया गया था। लेकिन कर्मचारी यूनियन के दबाव के चलते विभाग ने तबादला रद्द कर दिया था।
बेलदार पर हमला करने के मामले में शामिल एसडीओ और जनस्वास्थ्य विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में सामने आया है कि एसडीओ ने ही विनोद पर हमला करवाया था। मामले में कई अन्य लोग भी शामिल हैं। फिलहाल मामले की जांच चल रही है।
- दलजीत सिंह बैनीवाल, डीएसपी
विज्ञापन
शहर पुलिस ने मामले में एसडीओ आशीष गर्ग और सुपरवाइजर मदन लाल को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए दोनों आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, यहां से दोनों को जमानत मिल गई। पूछताछ में सामने आया है कि मामले में सिरसा का एक अन्य व्यक्ति भी शामिल है। जिसने हमला करवाने के लिए दो लाख रुपये में डील करवाई थी और चार हमलावर भेजे थे। हालांकि अभी पुलिस ने डील करवाने वाले सिरसा निवासी व्यक्ति के नाम का खुलासा नहीं किया है।
विज्ञापन
बेलदार विनोद पर किए गए हमले के मामले का खुलासा करते हुए शनिवार को डीएसपी दलजीत बैनीवाल ने बताया कि मामले की जांच के लिए शहर पुलिस टीम जुटी हुई थी। मामले में नामजद एसडीओ और जेई को शामिल जांच किया गया। पूछताछ में सामने आया है कि एसडीओ आशीष ने बेलदार विनोद द्वारा बार-बार आरटीआई लगाने से तंग आकर हमला करवाने की प्लानिंग बनाई। इसमें सिरसा के एक व्यक्ति को शामिल किया गया। जिसमें हमलवार उपलब्ध करवाए। सुपरवाइजर मदन भी इसमें शामिल था। मदन ने हमलावरों का विनोद का घर दिखाया था। सुबह जब वह ड्यूूटी पर आने लगा तो प्लानिंग के मुताबिक हमलावरों ने रतिया रोड पर हमला कर दिया।
विज्ञापन
जेई और बिचौले का नहीं किया खुलासा
बेलदार पर हमला करवाने में जनस्वास्थ्य विभाग के जेई शामिल है या नहीं इसका खुलासा अभी पुलिस ने नहीं किया है। हालांकि शुक्रवार को मामले में पुलिस ने शामिल जांच किया था। इसके अलावा नामजद ठेकेदार रायसिंह वारदात में शामिल है या नहीं इस बारे में भी पुलिस ने खुलासा नहीं किया है। डीएसपी दलजीत का कहना है कि मामले की फिलहाल जांच चल रही है। हमले की डील करवाने वाले बिचौले की गिरफ्तारी के बाद ही हमलावरों का पता लग पाएगा।
एसडीओ का गड़बड़झाला के आरोप में हो चुका है ट्रांसफर
जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ आशीष गर्ग पर धर्मशाला रोड पर बिछाई गई पाइप लाइन मामले में गड़बड़झाला के आरोप लगने के बाद विभाग ने पंचकूला तबादला कर दिया था। इसके अलावा जेई गिरीश से भी शहर का चार्ज लिया जा चुका है। एसडीओ ने ट्रांसफर होने के बाद बेलदार विनोद पर हमला करवाया।
सेनानिवृत्त होने के बाद आउटसोर्सिंग पर है मदन लाल
फतेहाबाद के नहर कॉलोनी निवासी मदन लाल जनस्वास्थ्य विभाग में स्थायी कर्मचारी था। विभाग से सेवानिवृत्त होने के बाद आउटसोर्सिंग के तहत विभाग में कार्यरत हैं। सीवरेज व्यवस्था का काम मदन लाल संभाल रहा था।
ये था मामला
जनस्वास्थ्य विभाग में बेलदार के पद पर तैनात विनोद पर 20 अगस्त की सुबह हमला हुआ था। हमले के बाद विनोद बुरी तरह से घायल हो गया था। घायल विनोद को पहले फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल लाया गया और फिर अग्रोहा मेडिकल रेफर कर दिया गया थीा। पुलिस को दी शिकायत में विनोद ने एसडीओ आशीष गर्ग, जेई गिरीश, जेई रमेश, जेई अश्वनी तथा ठेकेदार रायसिंह व चार अज्ञात पर हमला करवाने के आरोप लगाए थे। मामले में पुलिस ने उक्त आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। विनोद ने आरोप लगाया था कि आरटीआई लगाने के कारण उक्त अधिकारियों ने उस पर हमला करवाया है। मामले को लेकर कई दिनों से कर्मचारी यूनियन प्रदर्शन कर रही है और सोमवार तक अल्टीमेटम दिया था।
आरटीआई लगाने के कारण मेवात कर दिया था तबादला
विनोद ने आरटीआई लगाकर अपने ही विभाग में हो रहे गड़बड़झाला को उजागर किया था। इसके चलते बेलदार विनोद का मेवात तबादला कर दिया गया था। लेकिन कर्मचारी यूनियन के दबाव के चलते विभाग ने तबादला रद्द कर दिया था।
बेलदार पर हमला करने के मामले में शामिल एसडीओ और जनस्वास्थ्य विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में सामने आया है कि एसडीओ ने ही विनोद पर हमला करवाया था। मामले में कई अन्य लोग भी शामिल हैं। फिलहाल मामले की जांच चल रही है।
- दलजीत सिंह बैनीवाल, डीएसपी