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Fatehabad News: सेम ने बंजर किया 30 गांवों के किसानों का जीवन
Wed, 11 Sep 2024 03:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 11 Sep 2024 03:40 AM IST
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फतेहाबाद। जिले के 30 से अधिक गांवों में सेम की समस्या ने किसानों का जीवन बर्बाद कर दिया है। इस कारण 40 हजार एकड़ से ज्यादा जमीन बंजर हो गई है। हालांकि, बंजर जमीन को फिर से उपजाऊ बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने सूर्य ऊर्जा से चलित ट्यूबवेल लगाने का काम शुरू करवाया है। मगर इसके बेहतर परिणाम सामने नहीं आ सके हैं।
जिले के गांव शेखुपूर, भट्टू कलां, ठुइयां, जांडवाला बागड़, ढ़ाबी खुर्द, ढ़ाबी कलां, रामसरा, खाबड़ा कलां, बनमंदोरी, पीलीमंदोरी, मेहूवाला, सूलीखेड़ा, बड़ोपल, धांगड़, खाराखेड़ी, चिंदड़, गदली, दहमन और कुम्हारियां में सेम की ज्यादा समस्या है। इससे किसानों के लिए फसलें ले पाना मुश्किल हो गया है। खेतों में बनी ढाणियां तक खराब हो गई हैं। काफी किसानों को तो जीवन यापन के लिए खाद्यान्नों की व्यवस्था भी रिश्तेदारियों से करनी पड़ रही है। सेम की समस्या के समाधान के लिए बनाए गए प्रोजेक्ट्स अभी प्रभावी तरीके से निजात नहीं दिला सके हैं। कृषि विभाग की मृदा एवं लवणता विंग ने 285 सूर्य ऊर्जा ट्यूबवेल लगाकर पाइप लाइन डालने का काम मार्च में शुरू किया था, जिसे जुलाई माह में पूरा करना था। मगर लेटलतीफी के कारण अभी भी काम अधर में पड़ा है।
मात्र 10 दिनों में फेल हो गई विभाग की सुरक्षा
सेम की समस्या के निवारण के लिए कृषि विभाग की मृदा एवं लवणता शाखा के द्वारा गांव शेखूपुर दड़ौली, पीलीमंदोरी, जांडवाला बागड़ और भट्टू कलां में सूर्य ऊर्जा संयंत्र के ट्यूबवेल लगाने का काम पूरा होने से पहले ही ज्यादातर ट्यूबवेल खराब हो चुके हैं। विभाग द्वारा गांव पीलीमंदोरी में 3.81 करोड़ की लागत से लगे 31 ट्यूबवेलों को करीब 10 दिन पहले ही शुरू किया गया था, मगर बारिश के बाद इनमें से 10 ट्यूबवेल खराब हो चुके हैं। गांव भट्टू कलां में 4.8 करोड़ की लागत से 23 ट्यूबवेलों को लगाया था, जो जिनमें से आधे अब खराब हो चुके हैं और एक ट्यूबवेल की मोटर भी गायब हो चुकी है। कुछ ट्यूबवेलों से किसान अपने खेतों की सिंचाई कर रहे हैं।
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इन ट्यूबवेलों की एक साल तक की सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रशासन की थी। इसके बाद इन ट्यूबवेलों की जिम्मेदारी किसानों को सौंपी जानी है। मगर यह ट्यूबवेल शुरू करने के 10 दिनों के बाद ही खराब हो गए। गांव शेखूपुर में पाइप लाइन डालने का काम अधर में ही रोक दिया गया है।
गांव में लगे 31 ट्यूबवेलों में से कई ट्यूबवेल पहली ही बारिश के दौरान खराब हो गए। इसके बारे में प्रशासन को अवगत करवा दिया गया है। प्रशासन को जल्द इन ट्यूबवेलों को ठीक करवाकर दोबारा शुरू कर दिया जाना चाहिए ताकि सेम ग्रस्त जमीन को दोबारा उपजाऊ बनाया जा सके। संदीप कुमार, निवासी, गांव पीलीमंदोरी
गांवों में सेम की समस्या के निवारण के लिए गांव में 23 ट्यूबवेलों लगाए हैं। इसकी पाइप लाइन डालने का काम अभी तक पूरा नहीं हो सका है। इस कारण किसान इन ट्यूबवेलों से अब अपने खेतों की सिंचाई कर रहे हैं। इनमें से 6 ट्यूबवेल खराब हो गए हैं। -रायसिंह, निवासी, गांव भट्टूकलां
ट्यूबवेल लगाकर पाइप लाइन डालने का काम जुलाई माह में पूरा किया जाना था। मगर अभी तक काम पूरा नहीं हो सका है। विभाग ने किसानों के खेतों में पाइप लाइन डालने के लिए खाई खोदकर छोड़ दी है।
कमल बिसला, निवासी, गांव ठुइयां
सेम से निजात दिलाने के लिए पाइप लाइन डालने का काम बीच में लटका होने के कारण पिछले चार माह से ट्यूबवेल बंद है। इसको लेकर विभाग को कई बार सूचना दी गई है। मगर कोई सुनवाई नहीं हुई है। ओमप्रकाश, निवासी, गांव जांडवाला
इन गांवों में सेम की समस्या के निवारण के लिए हो रहा काम
गांव-राशि
शेखुपुर दड़ौली - 2.70 करोड़
गदली - 2.6 करोड़
बनमंदोरी - 2.79 करोड़
ढाबी खुर्द - 3.26 करोड़
रामसरा - 1.50 करोड़
भट्टू कलां - 4.8 करोड़
ढाबी कलां - 4.23 करोड़
ठुईयां - 3. 72 करोड़
पीलीमंदोरी - 3.81 करोड़
खाबड़ा कलां - 3.10 करोड़
बड़ोपल - 3.29 करोड़
जांडवाला बागड़ - 1.85 करोड़
दहमन - 2.17 करोड़
जिले में सेम ग्रस्त भूमि को सुधारने के लिए कई प्रोजेक्ट्स तैयार किए गए हैं। इस विषय पर सरकार बेहद संजीदगी से काम कर रही है। 285 ट्यूबवेल लगाने का काम जारी है। इसमें से अभी तक करीब 200 ट्यूबवेल लगाने का काम पूरा कर लिया गया है। -दुड़ाराम, विधायक, फतेहाबाद।
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जिले के गांव शेखुपूर, भट्टू कलां, ठुइयां, जांडवाला बागड़, ढ़ाबी खुर्द, ढ़ाबी कलां, रामसरा, खाबड़ा कलां, बनमंदोरी, पीलीमंदोरी, मेहूवाला, सूलीखेड़ा, बड़ोपल, धांगड़, खाराखेड़ी, चिंदड़, गदली, दहमन और कुम्हारियां में सेम की ज्यादा समस्या है। इससे किसानों के लिए फसलें ले पाना मुश्किल हो गया है। खेतों में बनी ढाणियां तक खराब हो गई हैं। काफी किसानों को तो जीवन यापन के लिए खाद्यान्नों की व्यवस्था भी रिश्तेदारियों से करनी पड़ रही है। सेम की समस्या के समाधान के लिए बनाए गए प्रोजेक्ट्स अभी प्रभावी तरीके से निजात नहीं दिला सके हैं। कृषि विभाग की मृदा एवं लवणता विंग ने 285 सूर्य ऊर्जा ट्यूबवेल लगाकर पाइप लाइन डालने का काम मार्च में शुरू किया था, जिसे जुलाई माह में पूरा करना था। मगर लेटलतीफी के कारण अभी भी काम अधर में पड़ा है।
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मात्र 10 दिनों में फेल हो गई विभाग की सुरक्षा
सेम की समस्या के निवारण के लिए कृषि विभाग की मृदा एवं लवणता शाखा के द्वारा गांव शेखूपुर दड़ौली, पीलीमंदोरी, जांडवाला बागड़ और भट्टू कलां में सूर्य ऊर्जा संयंत्र के ट्यूबवेल लगाने का काम पूरा होने से पहले ही ज्यादातर ट्यूबवेल खराब हो चुके हैं। विभाग द्वारा गांव पीलीमंदोरी में 3.81 करोड़ की लागत से लगे 31 ट्यूबवेलों को करीब 10 दिन पहले ही शुरू किया गया था, मगर बारिश के बाद इनमें से 10 ट्यूबवेल खराब हो चुके हैं। गांव भट्टू कलां में 4.8 करोड़ की लागत से 23 ट्यूबवेलों को लगाया था, जो जिनमें से आधे अब खराब हो चुके हैं और एक ट्यूबवेल की मोटर भी गायब हो चुकी है। कुछ ट्यूबवेलों से किसान अपने खेतों की सिंचाई कर रहे हैं।
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इन ट्यूबवेलों की एक साल तक की सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रशासन की थी। इसके बाद इन ट्यूबवेलों की जिम्मेदारी किसानों को सौंपी जानी है। मगर यह ट्यूबवेल शुरू करने के 10 दिनों के बाद ही खराब हो गए। गांव शेखूपुर में पाइप लाइन डालने का काम अधर में ही रोक दिया गया है।
गांव में लगे 31 ट्यूबवेलों में से कई ट्यूबवेल पहली ही बारिश के दौरान खराब हो गए। इसके बारे में प्रशासन को अवगत करवा दिया गया है। प्रशासन को जल्द इन ट्यूबवेलों को ठीक करवाकर दोबारा शुरू कर दिया जाना चाहिए ताकि सेम ग्रस्त जमीन को दोबारा उपजाऊ बनाया जा सके। संदीप कुमार, निवासी, गांव पीलीमंदोरी
गांवों में सेम की समस्या के निवारण के लिए गांव में 23 ट्यूबवेलों लगाए हैं। इसकी पाइप लाइन डालने का काम अभी तक पूरा नहीं हो सका है। इस कारण किसान इन ट्यूबवेलों से अब अपने खेतों की सिंचाई कर रहे हैं। इनमें से 6 ट्यूबवेल खराब हो गए हैं। -रायसिंह, निवासी, गांव भट्टूकलां
ट्यूबवेल लगाकर पाइप लाइन डालने का काम जुलाई माह में पूरा किया जाना था। मगर अभी तक काम पूरा नहीं हो सका है। विभाग ने किसानों के खेतों में पाइप लाइन डालने के लिए खाई खोदकर छोड़ दी है।
कमल बिसला, निवासी, गांव ठुइयां
सेम से निजात दिलाने के लिए पाइप लाइन डालने का काम बीच में लटका होने के कारण पिछले चार माह से ट्यूबवेल बंद है। इसको लेकर विभाग को कई बार सूचना दी गई है। मगर कोई सुनवाई नहीं हुई है। ओमप्रकाश, निवासी, गांव जांडवाला
इन गांवों में सेम की समस्या के निवारण के लिए हो रहा काम
गांव-राशि
शेखुपुर दड़ौली - 2.70 करोड़
गदली - 2.6 करोड़
बनमंदोरी - 2.79 करोड़
ढाबी खुर्द - 3.26 करोड़
रामसरा - 1.50 करोड़
भट्टू कलां - 4.8 करोड़
ढाबी कलां - 4.23 करोड़
ठुईयां - 3. 72 करोड़
पीलीमंदोरी - 3.81 करोड़
खाबड़ा कलां - 3.10 करोड़
बड़ोपल - 3.29 करोड़
जांडवाला बागड़ - 1.85 करोड़
दहमन - 2.17 करोड़
जिले में सेम ग्रस्त भूमि को सुधारने के लिए कई प्रोजेक्ट्स तैयार किए गए हैं। इस विषय पर सरकार बेहद संजीदगी से काम कर रही है। 285 ट्यूबवेल लगाने का काम जारी है। इसमें से अभी तक करीब 200 ट्यूबवेल लगाने का काम पूरा कर लिया गया है। -दुड़ाराम, विधायक, फतेहाबाद।