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साढ़े तीन माह बाद शुरू हुए आयुष्मान मित्र केंद्र, बिना गाइडलाइन ज्वाइन करवाए कर्मचारी
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नागरिक अस्पताल में आयुष्मान मित्र केंद्र।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। आयुष्मान भारत योजना के तहत नागरिक अस्पताल और सीएचसी पर खोले गए मित्र केंद्रों पर शुक्रवार को साढ़े तीन माह बाद कर्मचारियों को ज्वाइन करवा दिया गया है। स्वास्थ्य मुख्यालय ने कर्मचारियों को ज्वाइन करने के आदेश करीब एक माह पहले दे दिए थे लेकिन ये नहीं बताया गया था कि किस स्तर पर कर्मचारियों को ज्वाइन करवाया जाना है। कर्मचारियों को ज्वाइन करवाने को लेकर स्वास्थ्य विभाग बैकपुट पर आ गया है। अधिकारियों को ये भी नहीं पता की कर्मचारियों का मानदेय कहां से आएगा।
बता दें कि स्वास्थ्य विभाग ने केंद्रों पर आयुष्मान मित्र कर्मचारियों को बिना गाइडलाइन ज्वाइन करवाया गया है। जिला स्तर पर स्वास्थ्य विभाग ने मुख्यालय से कर्मचारियों को लेकर गाइडलाइन मांगी गई थी लेकिन अभी तक नहीं मिली है। अब बिना गाइडलाइन आयुष्मान मित्र केंद्र खोल दिए गए हैं और कर्मचारियों से काम लेना शुरू कर दिया गया है।
यहां फंसा है पेंच
आयुष्मान भारत योजना के तहत फतेहाबाद में दो, टोहाना में दो, रतिया में दो और भूना में एक आयुष्मान मित्र लगाए गए थे। इनका 31 मार्च के बाद सेवा विस्तार नहीं बढ़ा। करीब दो माह बाद स्वास्थ्य विभाग ने कर्मचारियों को लेकर आदेश जारी कर दिए कि ज्वाइन करवाया जाए। लेकिन पेंच यहां फंस गया कि कर्मचारी पहले आउटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत लगे थे लेकिन अब ये खत्म हो चुकी है। कर्मचारियों को किस पॉलिसी के तहत रखना है इसका अधिकारियों को भी नहीं पता है। वजह ये है कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को हरियाणा कौशल रोजगार निगम में शामिल किया जा चुका है।
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भट्टू और जाखल में आयुष्मान मित्र ही नहीं
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भट्टूकलां और जाखल में आयुष्मान मित्र नहीं है। यहां पर आयुष्मान मित्र रखे जाने को लेकर भी उप सिविल सर्जन कार्यालय की तरफ से मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है।
आयुष्मान केंद्र बंद होने से सरकारी अस्पताल को हुआ नुकसान
आयुष्मान मित्र केंद्र कर्मचारियों की आयुष्मान कार्ड अपडेट करने की जिम्मेदारी है। इसके अलावा लाभार्थी का अगर पैकेज के तहत सरकारी अस्पताल में उपचार होता है तो उसकी जानकारी इंश्योरेंस कंपनी को देना। इंश्योरेंस कंपनी अस्पताल को उपचार राशि जारी करती है। आयुष्मान मित्र केंद्र बंद होने से लाभार्थी का सरकारी अस्पताल में पैकेज के अनुसार उपचार नहीं हो रहा था और न इंश्योरेंस कंपनी को जानकारी जा रही थी।
आयुष्मान मित्र केंद्रों पर कर्मचारियों को ज्वाइन करवा दिया गया है। इसको लेकर गाइडलाइन मांगी गई थी लेकिन अभी तक नहीं आई। इस संबंध में उच्च अधिकारियों से बात हुई है उनका कहना है कि कर्मचारियों को ज्वाइन करवा दिया जाए, गाइडलाइन दो से तीन दिन में जारी हो जाएगी।
-डॉ. कुलदीप गौरी, उप सिविल सर्जन
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बता दें कि स्वास्थ्य विभाग ने केंद्रों पर आयुष्मान मित्र कर्मचारियों को बिना गाइडलाइन ज्वाइन करवाया गया है। जिला स्तर पर स्वास्थ्य विभाग ने मुख्यालय से कर्मचारियों को लेकर गाइडलाइन मांगी गई थी लेकिन अभी तक नहीं मिली है। अब बिना गाइडलाइन आयुष्मान मित्र केंद्र खोल दिए गए हैं और कर्मचारियों से काम लेना शुरू कर दिया गया है।
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यहां फंसा है पेंच
आयुष्मान भारत योजना के तहत फतेहाबाद में दो, टोहाना में दो, रतिया में दो और भूना में एक आयुष्मान मित्र लगाए गए थे। इनका 31 मार्च के बाद सेवा विस्तार नहीं बढ़ा। करीब दो माह बाद स्वास्थ्य विभाग ने कर्मचारियों को लेकर आदेश जारी कर दिए कि ज्वाइन करवाया जाए। लेकिन पेंच यहां फंस गया कि कर्मचारी पहले आउटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत लगे थे लेकिन अब ये खत्म हो चुकी है। कर्मचारियों को किस पॉलिसी के तहत रखना है इसका अधिकारियों को भी नहीं पता है। वजह ये है कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को हरियाणा कौशल रोजगार निगम में शामिल किया जा चुका है।
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भट्टू और जाखल में आयुष्मान मित्र ही नहीं
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भट्टूकलां और जाखल में आयुष्मान मित्र नहीं है। यहां पर आयुष्मान मित्र रखे जाने को लेकर भी उप सिविल सर्जन कार्यालय की तरफ से मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है।
आयुष्मान केंद्र बंद होने से सरकारी अस्पताल को हुआ नुकसान
आयुष्मान मित्र केंद्र कर्मचारियों की आयुष्मान कार्ड अपडेट करने की जिम्मेदारी है। इसके अलावा लाभार्थी का अगर पैकेज के तहत सरकारी अस्पताल में उपचार होता है तो उसकी जानकारी इंश्योरेंस कंपनी को देना। इंश्योरेंस कंपनी अस्पताल को उपचार राशि जारी करती है। आयुष्मान मित्र केंद्र बंद होने से लाभार्थी का सरकारी अस्पताल में पैकेज के अनुसार उपचार नहीं हो रहा था और न इंश्योरेंस कंपनी को जानकारी जा रही थी।
आयुष्मान मित्र केंद्रों पर कर्मचारियों को ज्वाइन करवा दिया गया है। इसको लेकर गाइडलाइन मांगी गई थी लेकिन अभी तक नहीं आई। इस संबंध में उच्च अधिकारियों से बात हुई है उनका कहना है कि कर्मचारियों को ज्वाइन करवा दिया जाए, गाइडलाइन दो से तीन दिन में जारी हो जाएगी।
-डॉ. कुलदीप गौरी, उप सिविल सर्जन