फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Ayushman just for the name, the bed cost is only 18 thousand rupees, the cost of expensive injections is different.

आयुष्मान सिर्फ नाम का, बेड खर्च ही 18 हजार रुपये, महंगे इंजेक्शनों का भार अलग

Sun, 23 May 2021 11:07 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 23 May 2021 11:07 PM IST
विज्ञापन
Ayushman just for the name, the bed cost is only 18 thousand rupees, the cost of expensive injections is different.
आयुष्मान गोल्डन कार्ड के सहारे निजी अस्पताल में दाखिल होने वाले कोविड मरीजों को झटका लग रहा है। झटका लगना भी तय है क्यों कि मरीजों को दवाई और बेड के बिलों की लंबी लिस्टें जो थमाई जा रही हैं। कोविड मरीज के उपचार के लिए निजी अस्पताल को आयुष्मान कार्ड के जरिये एक दिन का 4500 रुपये क्लेम मिलता है जबकि वेंटिलेटर युक्त बेड का खर्च ही 18 हजार रुपये एक दिन का है। आईसीयू में वेंटिलेटर युक्त का बेड का खर्च भी प्रदेश सरकार ने ही तय कर रखा है।
विज्ञापन

अस्पताल में दाखिल होने वाले मरीज को 13 हजार रुपये बेड और महंगे इंजेक्शनों का खर्च खुद उठाना पड़ रहा है। जिले के निजी अस्पतालों में करीब 33 मरीज उपचार करवा चुके हैं हालांकि अभी तक सरकारी आंकड़ों में क्लेम आवेदन किसी निजी अस्पताल ने नहीं किया है। जिले में पैनल में शामिल तीन निजी अस्पतालों में कोविड मरीजों का उपचार हो रहा है। सरकारी अस्पताल में क्लेम के लिए भी पंजीकरण नहीं हुआ है। संवाद
विज्ञापन

जिले में अभी तक बने कार्ड
आयुष्मान योजना के पात्र : 307809
कुल परिवार : 63554
गोल्डन कार्ड धारक : 110366
आयुष्मान योजना के तहत किया गया उपचार
इलाज सरकारी अस्पताल निजी अस्पताल
आंखों के ऑपरेशन 66 517
सीजेरियन ऑपरेशन 54 15
नसबंदी का ऑपरेशन 30 0
बच्चेदानी का ऑपरेशन 64 8
अन्य 26 3
पैनल में शामिल अस्पताल।
नागरिक अस्पताल फतेहाबाद।
नागरिक अस्पताल टोहाना।
आई क्यू अस्पताल फतेहाबाद।
पारूल ईएनटी, स्किन एवं लेजर सेंटर, टोहाना।
राजन आई एवं हार्ट और लेजर सेंटर, टोहाना।
आरएमसी, टोहाना।
वधवा सर्जिकल अस्पताल।
बत्रा अस्पताल।
जनता आई एवं मैटरनिटी।
सद्भावना अस्पताल, फतेहाबाद।
कोट
आयुष्मान में सरकार की तरफ से 4500 रुपये दिए जाते हैं जबकि बड़े निजी अस्पताल का वेंटिलेटर युक्त बेड का रोजाना खर्च 18 हजार रुपये तय है। दवाई का खर्च निजी अस्पताल खुद कैसे उठा सकते हैं, क्यों कि कई दवाईयां महंगी हैं। इस संबंध में पिछले दिनों वीडियो कांफ्रेसिंग में भी उच्च अधिकारियों के सामने मुद्दा रखा गया था ताकि मरीज पर अतिरिक्त भार न पड़े।
विज्ञापन
विज्ञापन

- डॉ. अमित आहुजा, सीईओ, सद्भावना अस्पताल।
कोट
कोविड मरीज के उपचार के बाद अभी तक किसी निजी अस्पताल ने क्लेम के लिए आवेदन नहीं किया है। मेरी लाभार्थियों से अपील है कि अगर निजी अस्पताल में उपचार के लिए जा रहे हैं तो कार्ड साथ लेकर जाएं। अगर कार्ड होगा तो क्लेम में दिक्कत नहीं आएगी।
- मेजर डॉ. शरद तुली, नोडल अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed