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गरीबी ने रोक रखी थी अस्पताल की राह, आयुष्मान से दिखी उम्मीद
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टोहाना। केंद्र सरकार की अनेक योजनाओं का गरीब परिवारों को लाभ मिल रहा है। गरीब परिवार जो आर्थिक रूप से कमजोर होने के चलते इलाज नहीं करवा पाते थे लेकिन आयुष्मान भारत योजना के तहत वे इलाज निशुल्क करवा रहे हैं। शहर में सबसे पहले राजन आई एंड हार्ट केयर का सरकार के साथ एमओयू साइन हुआ तथा उस उपरांत पारूल आंख, नाक व कान अस्पताल व आरएमसी का भी आयुष्मान भारत के तहत पंजीकरण हो चुका है।
केस-1
भाटिया नगर निवासी कृष्ण गोपाल ने बताया कि उसकी इलेक्ट्रानिक की दुकान पर काम बहुत कम होने से उसे आर्थिक रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। उसकी आंख में 3-4 साल से परेशानी हो रही थी। जब उसने सरकार की योजना के तहत आयुष्मान भारत का कार्ड बनवाया तो वह राजन आई एंड हार्ट केयर पहुंचा। जहां उसका निशुल्क इलाज किया गया। उसने बताया कि पहले उसने 13 हजार रुपये में दूसरी आंख में लेंस बड़ी मुश्किल से डलवाया था लेकिन अब उसे कोई रुपये नहीं देना पड़ा।
केस-2
करनाल जिला के असंध की रहने वाली 74 वर्षीय अंगूरी देवी ने बताया कि काफी समय से उसकी आंखों में दिखना कम होता जा रहा है जिसके चलते कई बार चक्कर भी आने लगे थे। उसने बताया कि उसके पारिवारिक सदस्य मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं लेकिन इलाज के लिए उनके पास इतना इंतजाम नहीं था। उसने बताया कि सरकार की योजना के तहत उसने अपनी आंखों की झिल्ली की सफाई करवाई है जो बिल्कुल मुफ्त में हुई है।
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केस-3
55 वर्षीय मामन राम ने बताया कि उसकी अंाखों में मोतिया होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, उसके परिवार के आर्थिक हालत कमजोर थ,े क्योंकि वह मजदूरी करके ही परिवार का पालन करता था। उसने बताया कि जब उसका मोदी सरकार की आयुष्मान योजना के तहत कार्ड बना तो उसने मेडिकल इंकलेव स्थित राजन आई एंड हार्ट केयर पर आकर अपना लैंस फ्री में डलवाया। उसने बताया कि यहां कोल्ड फेको विधि द्वारा बिना टांका, बिना पट्टी के ऑप्रेशन किया गया अब वह एक माह से बिल्कुल ठीक है।
आयुष्मान योजना के तहत 58 लोगों का कर चुके हैं ऑपरेशन
अस्पताल संचालक डॉ. राजन गुप्ता ने बताया कि भारत सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत एमओयू करवाने वाला उनका प्रदेश का पहला अस्पताल बना था। उन्होंने बताया कि अब तक वे अस्पताल में 58 लोगों के आपरेशन व झिल्ली सफाई कर चुके हैं तथा हजारों की तादाद में लोगों की निशुल्क जांच कर चुके हैं।
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केस-1
भाटिया नगर निवासी कृष्ण गोपाल ने बताया कि उसकी इलेक्ट्रानिक की दुकान पर काम बहुत कम होने से उसे आर्थिक रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। उसकी आंख में 3-4 साल से परेशानी हो रही थी। जब उसने सरकार की योजना के तहत आयुष्मान भारत का कार्ड बनवाया तो वह राजन आई एंड हार्ट केयर पहुंचा। जहां उसका निशुल्क इलाज किया गया। उसने बताया कि पहले उसने 13 हजार रुपये में दूसरी आंख में लेंस बड़ी मुश्किल से डलवाया था लेकिन अब उसे कोई रुपये नहीं देना पड़ा।
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केस-2
करनाल जिला के असंध की रहने वाली 74 वर्षीय अंगूरी देवी ने बताया कि काफी समय से उसकी आंखों में दिखना कम होता जा रहा है जिसके चलते कई बार चक्कर भी आने लगे थे। उसने बताया कि उसके पारिवारिक सदस्य मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं लेकिन इलाज के लिए उनके पास इतना इंतजाम नहीं था। उसने बताया कि सरकार की योजना के तहत उसने अपनी आंखों की झिल्ली की सफाई करवाई है जो बिल्कुल मुफ्त में हुई है।
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केस-3
55 वर्षीय मामन राम ने बताया कि उसकी अंाखों में मोतिया होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, उसके परिवार के आर्थिक हालत कमजोर थ,े क्योंकि वह मजदूरी करके ही परिवार का पालन करता था। उसने बताया कि जब उसका मोदी सरकार की आयुष्मान योजना के तहत कार्ड बना तो उसने मेडिकल इंकलेव स्थित राजन आई एंड हार्ट केयर पर आकर अपना लैंस फ्री में डलवाया। उसने बताया कि यहां कोल्ड फेको विधि द्वारा बिना टांका, बिना पट्टी के ऑप्रेशन किया गया अब वह एक माह से बिल्कुल ठीक है।
आयुष्मान योजना के तहत 58 लोगों का कर चुके हैं ऑपरेशन
अस्पताल संचालक डॉ. राजन गुप्ता ने बताया कि भारत सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत एमओयू करवाने वाला उनका प्रदेश का पहला अस्पताल बना था। उन्होंने बताया कि अब तक वे अस्पताल में 58 लोगों के आपरेशन व झिल्ली सफाई कर चुके हैं तथा हजारों की तादाद में लोगों की निशुल्क जांच कर चुके हैं।