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Fatehabad News: खिलाड़ी और युवा अब प्रोटीन पाउडर छोड़ सूखे मेवों से बना रहे सेहत

Fri, 05 Jun 2026 11:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Fri, 05 Jun 2026 11:32 PM IST
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Athletes and youth are now ditching protein powder and instead using dried fruits for their health
शहर के थाना रोड पर ​स्थित ड्राई फ्रूट की दुकान। संवाद
फतेहाबाद। फिटनेस और बॉडी बिल्डिंग के प्रति बढ़ते क्रेज के बीच अब युवाओं और खिलाड़ियों में प्रोटीन पाउडर की जगह देसी और प्राकृतिक पोषण स्रोतों, खासकर मिक्स ड्राईफ्रूट और फलों के बीजों ने लेनी शुरू कर दी है। शहर की ड्राईफ्रूट्स (सूखे मेवे) की दुकानों पर आधा किलोग्राम पैकिंग में उपलब्ध मिक्स ड्राईफ्रूट और सीड्स की मांग लगातार बढ़ रही है।
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शहर के ड्राईफ्रूट व्यापारी मंजू, मांगेराम और रमेश ने बताया कि करीब 500 रुपये की कीमत में मिलने वाले मिक्स ड्राईफ्रूट पैक में बादाम, काजू, किशमिश, अखरोट के साथ कद्दू, सूरजमुखी, चिया और फ्लैक्स सीड्स शामिल होते हैं। यह पैक युवाओं, जिम जाने वालों और खिलाड़ियों को लुभा रहे हैं। लोग अब प्रोटीन पाउडर के बजाय प्राकृतिक खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता दे रहे हैं। इससे बाजार में ड्राईफ्रूट की मांग बढ़ी है।
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कश्मीर के ड्राईफ्रूट की अधिक मांग

दुकानदार अमित ने बताया के उनके पास जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश से बादाम, अखरोट, और चिलगोजा, अफगानिस्तान से बादाम, किशमिश, अंजीर और खुबानी, ईरान और अमेरिका से पिस्ता और बादाम मंगाए जाते हैं। जिसमें से सबसे अधिक मांग कश्मीर के ड्राईफ्रूट की रहती है। बाजार में बादाम के भाव 800 रुपये प्रति किलो से लेकर 2500 रुपये प्रति किलो तक है। वहीं अंजीर 2000 प्रति किलो, पिस्ता का भाव 1400 रुपये प्रति किलो है। पिछले कई दिनों तेल के दाम बढ़ने से सभी ड्राईफ्रूट्स के भाव में 80 से 90 रुपये प्रति किलो की तेजी आई है।
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जिम ट्रेनरों के अनुसार लंबे समय प्रोटीन का सेवन नुकसानदायक

जिम ट्रेनर अशोक कुमार का कहना है कि प्रोटीन पाउडर का सीमित और विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार सेवन तो लाभकारी हो सकता है लेकिन लंबे समय तक बिना आवश्यकता और अधिक मात्रा में इसका उपयोग स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इससे किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ने, पाचन संबंधी समस्याएं होने और शरीर में पोषक तत्वों के असंतुलन का खतरा बढ़ जाता है। यही कारण है कि अब कई खिलाड़ी और फिटनेस प्रेमी प्राकृतिक विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।

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ड्राईफ्रूट्स और सीड्स प्रोटीन प्रदान करते हैं इनमें विटामिन, मिनरल्स, फाइबर और हेल्दी फैट्स भी भरपूर मात्रा में होते हैं। इससे शरीर को संतुलित पोषण मिलता है और ऊर्जा भी लंबे समय तक बनी रहती है। ऐसे में प्रोटीन की बजाय ड्राईफ्रूट का सेवन अधिक हो रहा है।

- सोमवीर, युवा।

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पिछले कुछ महीनों से प्रोटीन पाउडर लेना काफी कम कर दिया है। कई विशेषज्ञों की सलाह पढ़ी और सुनी। पता चला कि लंबे समय तक बिना जरूरत ज्यादा प्रोटीन पाउडर लेने से शरीर पर बुरा असर पड़ सकता है इसलिए अब प्राकृतिक चीजों पर ज्यादा ध्यान दे रहा हूं।


- मोनू कुमार, युवा।

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बादाम, अखरोट, काजू, किशमिश, कद्दू और सूरजमुखी के बीज जैसे खाद्य पदार्थ शरीर को प्राकृतिक पोषण देते हैं। प्रोटीन पाउडर जैसी कृत्रिम चीजें शरीर पर एक बार तो सीधे असर डालती है पर इसका लंबे समय तक उपयोग काफी नुकसानदायक है।

- मुकेश कुमार, युवा।
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