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डीसी का तबादला होते ही शराब का ठेका खुलवाने पहुंचे अधिकारी, भड़कीं महिलाएं
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भट्टू रोड पर शराब के ठेके के बाहर पुलिस कर्मचारी के सामने बात रखतीं महिलाएं।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। भट्टू रोड पर महिला महाविद्यालय के मुख्य मार्ग और 132 केवी आवासीय कॉलोनी, हंस कॉलोनी व आदर्श कॉलोनी के समीप खोले गए शराब ठेके को लेकर शनिवार को खूब हंगामा हुआ। डीसी प्रदीप कुमार के तबादले के आदेश आते ही पुलिसकर्मी ठेकेदार के साथ ठेका खुलवाने पहुंच गए। इससे ठेके को हटवाने की मांग को लेकर धरना दे रही महिलाएं भड़क गईं। महिलाओं ने ठेका खोलने को लेकर जबरदस्त विरोध किया। जब एक व्यक्ति यहां शराब लेने आया तो महिलाओं ने उससे शराब की बोतल छीनकर फेंक दी। महिलाएं ठेके के अंदर घुस गई और विरोध शुरू कर दिया।
हालांकि, दो दिन पहले ही डीसी प्रदीप कुमार ने डीईटीसी को शराब ठेका हटाने के निर्देश जारी किए थे, लेकिन जैसे ही शुक्रवार को डीसी के तबादले के आदेश आए तो ठेकेदार अधिकारी ठेका खुलवाने पहुंच गए। महिलाओं का आरोप है कि ठेकेदार और उसके कारिंदों ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया व धमकियां दी, जिसकी शिकायत शहर थाने में की गई है। धरनारत महिलाओं ने कहा कि जब तक ठेका बंद नहीं होगा, वे यहां शराब की बिक्री नहीं होने देंगी और उनका धरना लगातार जारी रहेगा।
जानकारी के अनुसार, गांव भोड़िया खेड़ा के लिए शराब ठेका मंजूर किया गया है। पहले यह ठेका गांव भोड़िया खेड़ा के बीघड़ रोड पर खोला गया था। मगर वहां के लोगों ने विरोध किया तो ठेके को शिफ्ट करके बिजली घर की आवासीय कॉलोनी के सामने स्थापित कर दिया गया। इसका फिर से विरोध शुरू हो गया और हंस कॉलोनी व आवासीय कॉलोनी की महिलाओं ने यहां पर धरना शुरू कर दिया। कई दिनों से ठेका बंद होने के कारण ठेकेदार कोर्ट में चला गया और शनिवार को कोर्ट के आदेशों पर इस ठेके को खोला गया। ठेका खुलवाने के लिए शनिवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट रणविजय सिंह, एक्साइज इंस्पेक्टर राजेश कुमार व पुलिसकर्मी पहुंचे थे।
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महिलाएं बोलीं, शर्ट उतारकर बैठ गए ठेकेदार के कारिंदे
धरने पर बैठी अनीता क्रांति, एडवोकेट कमलेश व अन्य महिलाओं ने आरोप लगाए कि जैसे ही शराब ठेका खुला तो ठेकेदार के कारिंदे महिलाओं के सामने ही अपनी शर्ट उतारकर बैठ गए। उन्होंने विरोध कर रही महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया। महिलाओं ने 1091 व 112 हेल्पलाइन नंबर पर फोन किया। तब अन्य पुलिसकर्मी मौके पर आए। महिलाओं ने कहा कि वे शांतिपूर्वक तरीके से ठेका बंद करने की मांग कर रहीं थी, लेकिन इन लोगों ने उनको धमकियां देनी शुरू कर दीं।
धरनारत दो महिलाओं ने थाने में दी शिकायत
धरने पर बैठी हंस कॉलोनी निवासी किरण व प्रोमिला ने शहर थाने में ठेकेदार व उसके तीन कारिंदों के खिलाफ लिखित में शिकायत दी है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि वह शांतिपूर्वक तरीके से आग्रह कर रही थी कि शराब के ठेके को बंद करवा दिया जाए, लेकिन ठेकेदार व उनके तीन कारिंदों ने उनको धमकियां दी। इन लोगों ने ठेके में डंडे व कुल्हाड़ियां भी रखी हुई थी और एक कारिंदा शर्ट खोलकर महिलाओं के सामने बैठा था। इसकी पुलिस ने वीडियोग्राफी भी की है। इन लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की गई है।
आप नेता व सामाजिक कार्यकर्ता भी पहुंचे धरने पर
महिलाओं द्वारा शराब ठेके का विरोध जताने पर जिंदगी संस्था के अध्यक्ष हरदीप सिंह व आम आदमी पार्टी के नेता लक्ष्य गर्ग सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता धरनास्थल पर पहुंच गए। उन्होंने कहा कि महिलाएं जब इस ठेके का विरोध कर रही हैं तो प्रशासन को इसे हटाने में क्या दिक्कत है। वह महिलाओं के इस विरोध में उनके साथ हैं। हरदीप सिंह ने कहा कि ठेकेदार व प्रशासन ने कोर्ट को गुमराह कर ठेके को सिवाच अस्पताल के पास दिखाया है जबकि यह ठेका सिवाच अस्पताल से बहुत दूर और रिहायशी कॉलोनी व महिला कॉलेज के बिल्कुल नजदीक है।
ठेके से नहीं बिकने देंगी शराब, घेरेंगी लघु सचिवालय
धरनारत महिलाओं ने बताया कि इस ठेके के सामने ही आवासीय कॉलोनी है और नजदीक ही महिला महाविद्यालय है। सुबह व दोपहर को भारी संख्या में छात्राएं पैदल कॉलेज जाती हैं और ठेका रास्ते में होने से उनको परेशानियां होंगी। आवासीय कॉलोनी व हंस कॉलोनी से अनेक महिलाएं सुबह व शाम को यहां पर घूमने आती हैं। महिलाओं ने साफ कहा कि अगर ठेका यहां से शिफ्ट नहीं किया गया तो वे शराब की बिक्री नहीं होने देंगी और धरने पर बैठी रहेंगी। डीसी ने भी इस ठेके को हटाने के आदेश दिए थे, लेकिन अभी तक ठेका शिफ्ट नहीं किया गया है। महिलाओं ने कहा कि इस शराब ठेके के विरोध में सोमवार को लघु सचिवालय का घेराव भी किया जाएगा।
कोट
कोर्ट के आदेशों पर शनिवार को भट्टू रोड पर ठेका खोला गया था। एक्साइज इंस्पेक्टर व ड्यूटी मजिस्ट्रेट ठेका खुलवाने के लिए गए थे और पुलिस भी थी। महिलाओं ने अभद्र व्यवहार की शिकायत की है, जिसकी जांच करके कानून के हिसाब से जो भी कार्रवाई होगी, वह की जाएगी।
-जगदीशचंद्र, शहर थाना प्रभारी, फतेहाबाद
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हालांकि, दो दिन पहले ही डीसी प्रदीप कुमार ने डीईटीसी को शराब ठेका हटाने के निर्देश जारी किए थे, लेकिन जैसे ही शुक्रवार को डीसी के तबादले के आदेश आए तो ठेकेदार अधिकारी ठेका खुलवाने पहुंच गए। महिलाओं का आरोप है कि ठेकेदार और उसके कारिंदों ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया व धमकियां दी, जिसकी शिकायत शहर थाने में की गई है। धरनारत महिलाओं ने कहा कि जब तक ठेका बंद नहीं होगा, वे यहां शराब की बिक्री नहीं होने देंगी और उनका धरना लगातार जारी रहेगा।
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जानकारी के अनुसार, गांव भोड़िया खेड़ा के लिए शराब ठेका मंजूर किया गया है। पहले यह ठेका गांव भोड़िया खेड़ा के बीघड़ रोड पर खोला गया था। मगर वहां के लोगों ने विरोध किया तो ठेके को शिफ्ट करके बिजली घर की आवासीय कॉलोनी के सामने स्थापित कर दिया गया। इसका फिर से विरोध शुरू हो गया और हंस कॉलोनी व आवासीय कॉलोनी की महिलाओं ने यहां पर धरना शुरू कर दिया। कई दिनों से ठेका बंद होने के कारण ठेकेदार कोर्ट में चला गया और शनिवार को कोर्ट के आदेशों पर इस ठेके को खोला गया। ठेका खुलवाने के लिए शनिवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट रणविजय सिंह, एक्साइज इंस्पेक्टर राजेश कुमार व पुलिसकर्मी पहुंचे थे।
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महिलाएं बोलीं, शर्ट उतारकर बैठ गए ठेकेदार के कारिंदे
धरने पर बैठी अनीता क्रांति, एडवोकेट कमलेश व अन्य महिलाओं ने आरोप लगाए कि जैसे ही शराब ठेका खुला तो ठेकेदार के कारिंदे महिलाओं के सामने ही अपनी शर्ट उतारकर बैठ गए। उन्होंने विरोध कर रही महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया। महिलाओं ने 1091 व 112 हेल्पलाइन नंबर पर फोन किया। तब अन्य पुलिसकर्मी मौके पर आए। महिलाओं ने कहा कि वे शांतिपूर्वक तरीके से ठेका बंद करने की मांग कर रहीं थी, लेकिन इन लोगों ने उनको धमकियां देनी शुरू कर दीं।
धरनारत दो महिलाओं ने थाने में दी शिकायत
धरने पर बैठी हंस कॉलोनी निवासी किरण व प्रोमिला ने शहर थाने में ठेकेदार व उसके तीन कारिंदों के खिलाफ लिखित में शिकायत दी है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि वह शांतिपूर्वक तरीके से आग्रह कर रही थी कि शराब के ठेके को बंद करवा दिया जाए, लेकिन ठेकेदार व उनके तीन कारिंदों ने उनको धमकियां दी। इन लोगों ने ठेके में डंडे व कुल्हाड़ियां भी रखी हुई थी और एक कारिंदा शर्ट खोलकर महिलाओं के सामने बैठा था। इसकी पुलिस ने वीडियोग्राफी भी की है। इन लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की गई है।
आप नेता व सामाजिक कार्यकर्ता भी पहुंचे धरने पर
महिलाओं द्वारा शराब ठेके का विरोध जताने पर जिंदगी संस्था के अध्यक्ष हरदीप सिंह व आम आदमी पार्टी के नेता लक्ष्य गर्ग सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता धरनास्थल पर पहुंच गए। उन्होंने कहा कि महिलाएं जब इस ठेके का विरोध कर रही हैं तो प्रशासन को इसे हटाने में क्या दिक्कत है। वह महिलाओं के इस विरोध में उनके साथ हैं। हरदीप सिंह ने कहा कि ठेकेदार व प्रशासन ने कोर्ट को गुमराह कर ठेके को सिवाच अस्पताल के पास दिखाया है जबकि यह ठेका सिवाच अस्पताल से बहुत दूर और रिहायशी कॉलोनी व महिला कॉलेज के बिल्कुल नजदीक है।
ठेके से नहीं बिकने देंगी शराब, घेरेंगी लघु सचिवालय
धरनारत महिलाओं ने बताया कि इस ठेके के सामने ही आवासीय कॉलोनी है और नजदीक ही महिला महाविद्यालय है। सुबह व दोपहर को भारी संख्या में छात्राएं पैदल कॉलेज जाती हैं और ठेका रास्ते में होने से उनको परेशानियां होंगी। आवासीय कॉलोनी व हंस कॉलोनी से अनेक महिलाएं सुबह व शाम को यहां पर घूमने आती हैं। महिलाओं ने साफ कहा कि अगर ठेका यहां से शिफ्ट नहीं किया गया तो वे शराब की बिक्री नहीं होने देंगी और धरने पर बैठी रहेंगी। डीसी ने भी इस ठेके को हटाने के आदेश दिए थे, लेकिन अभी तक ठेका शिफ्ट नहीं किया गया है। महिलाओं ने कहा कि इस शराब ठेके के विरोध में सोमवार को लघु सचिवालय का घेराव भी किया जाएगा।
कोट
कोर्ट के आदेशों पर शनिवार को भट्टू रोड पर ठेका खोला गया था। एक्साइज इंस्पेक्टर व ड्यूटी मजिस्ट्रेट ठेका खुलवाने के लिए गए थे और पुलिस भी थी। महिलाओं ने अभद्र व्यवहार की शिकायत की है, जिसकी जांच करके कानून के हिसाब से जो भी कार्रवाई होगी, वह की जाएगी।
-जगदीशचंद्र, शहर थाना प्रभारी, फतेहाबाद

ठेका खुलने के बाद उसके सामने ही धरने पर बैठीं महिलाएं।- फोटो : Fatehabad