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Fatehabad News: आरोग्य मंदिर की व्यवस्था बीमार कैसे मिलेगा आयुष्मान का वरदान
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फतेहाबाद। स्वास्थ्य विभाग द्वारा शहर में लोगों को सुविधा देने के लिए पिछले साल हेल्थ वेलनेस सेंटर जिसे अब शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर किया गया है खोले गए थे। एक साल बीतने को है लेकिन यहां पर स्वास्थ्य विभाग चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं कर पाया है। जब व्यवस्था ही बीमार होगा तो लोगों आयुष्मान का वरदान कैसे मिलेगा। करीब सात माह तक इन सेंटरों पर ताले लटके रहे। जब ताला खुला तो भी उपचार के लिए डॉक्टर नहीं आए।
हालात ये है कि फतेहाबाद के नहर कॉलोनी, स्वामी नगर, ठाकर बस्ती में खोले गए आयुष्मान आरोग्य मंदिर में डॉक्टर नहीं हैं। स्वामी नगर में डॉक्टर की नियुक्ति हुई लेकिन उन्हें अर्बन पीएचसी अशोक नगर में ड्यूटी लगा दी गई। पड़ताल की गई तो सामने आया कि कहीं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अस्पताल चला रहे हैं तो कहीं नर्सिंग ऑफिसर के जिम्मे अस्पताल है। यानि लाखों रुपये का बजट खर्च करने के बावजूद परिणाम शून्य है। ये ही नहीं जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में 106 आयुष्मान आरोग्य मंदिर हैं लेकिन यहां पर 25 केंद्र ऐसे हैं जहां पर सीएचओ नहीं हैं। यानि यहां पर केंद्र रामभरोसे चल रहे हैं जबकि दावा किया गया था कि मरीजों को 30 प्रकार के जांच की सुविधा भी मिलेगी।
केस नंबर एक नहर कॉलोनी
शहर के नहर कॉलोनी में सुबह 11 बजकर 30 मिनट पर शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर की पड़ताल की। यहां पर दो कमरे में मिले। यहां एक कमरे में कोई भी स्टाफ नहीं मिला। दूसरे कमरे में नर्सिंग ऑफिसर और जीडीए मौजूद मिले। यहां पर मेडिकल ऑफिसर या फिर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद नहीं मिला। नर्सिंग ऑफिसर ने बताया कि यहां पर सीएचओ का पद खाली है। वह ही खांसी-जुकाम के मरीजों को दवाई दे देते हैं। यहां रोजाना 10 के करीब मरीज आते हैं, इसके अलावा दो एएनएम यहां नियुक्त हैं।
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केस नंबर दो ठाकर बस्ती
शहर के ठाकर बस्ती में आयुष्मान आरोग्य मंदिर की दोपहर 12 बजकर 5 मिनट पर पड़ताल की। यहां गली में एक घर में अस्पताल चलता मिला। जब आयुष्मान आरोग्य मंदिर में पहुंचे तो यहां पर सिर्फ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मिला जो कि डिस्पेंसरी में मौजूद था। कर्मचारी ने बताया कि यहां पर एक नर्सिंग ऑफिसर हैं जो कि ट्रेनिंग पर हैं। इसके अलावा एएनएम है। नर्सिंग ऑफिसर न होने से फिलहाल ओपीडी बंद है।
ये है जिले में अस्पतालों की स्थिति
जिला अस्पताल : 1
उप नागरिक अस्पताल : 2
सीएचसी : 5
अर्बन पीएचसी : 4
पीएचसी : 18
कोट
मेडिकल ऑफिसर के पद खाली है उन्हें भरने के लिए चुनाव के बाद प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके अलावा सीएचओ की मुख्यालय को डिमांड भेजी गई है। सीएचओ के पद पहले भरे गए थे लेकिन उनकी दूसरी जगह नियुक्ति होने के कारण छोड़क चले गए हैं।
- डॉ. महेंद्र भादू, सिविल सर्जन, फतेहाबाद
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हालात ये है कि फतेहाबाद के नहर कॉलोनी, स्वामी नगर, ठाकर बस्ती में खोले गए आयुष्मान आरोग्य मंदिर में डॉक्टर नहीं हैं। स्वामी नगर में डॉक्टर की नियुक्ति हुई लेकिन उन्हें अर्बन पीएचसी अशोक नगर में ड्यूटी लगा दी गई। पड़ताल की गई तो सामने आया कि कहीं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अस्पताल चला रहे हैं तो कहीं नर्सिंग ऑफिसर के जिम्मे अस्पताल है। यानि लाखों रुपये का बजट खर्च करने के बावजूद परिणाम शून्य है। ये ही नहीं जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में 106 आयुष्मान आरोग्य मंदिर हैं लेकिन यहां पर 25 केंद्र ऐसे हैं जहां पर सीएचओ नहीं हैं। यानि यहां पर केंद्र रामभरोसे चल रहे हैं जबकि दावा किया गया था कि मरीजों को 30 प्रकार के जांच की सुविधा भी मिलेगी।
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केस नंबर एक नहर कॉलोनी
शहर के नहर कॉलोनी में सुबह 11 बजकर 30 मिनट पर शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर की पड़ताल की। यहां पर दो कमरे में मिले। यहां एक कमरे में कोई भी स्टाफ नहीं मिला। दूसरे कमरे में नर्सिंग ऑफिसर और जीडीए मौजूद मिले। यहां पर मेडिकल ऑफिसर या फिर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद नहीं मिला। नर्सिंग ऑफिसर ने बताया कि यहां पर सीएचओ का पद खाली है। वह ही खांसी-जुकाम के मरीजों को दवाई दे देते हैं। यहां रोजाना 10 के करीब मरीज आते हैं, इसके अलावा दो एएनएम यहां नियुक्त हैं।
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केस नंबर दो ठाकर बस्ती
शहर के ठाकर बस्ती में आयुष्मान आरोग्य मंदिर की दोपहर 12 बजकर 5 मिनट पर पड़ताल की। यहां गली में एक घर में अस्पताल चलता मिला। जब आयुष्मान आरोग्य मंदिर में पहुंचे तो यहां पर सिर्फ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मिला जो कि डिस्पेंसरी में मौजूद था। कर्मचारी ने बताया कि यहां पर एक नर्सिंग ऑफिसर हैं जो कि ट्रेनिंग पर हैं। इसके अलावा एएनएम है। नर्सिंग ऑफिसर न होने से फिलहाल ओपीडी बंद है।
ये है जिले में अस्पतालों की स्थिति
जिला अस्पताल : 1
उप नागरिक अस्पताल : 2
सीएचसी : 5
अर्बन पीएचसी : 4
पीएचसी : 18
कोट
मेडिकल ऑफिसर के पद खाली है उन्हें भरने के लिए चुनाव के बाद प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके अलावा सीएचओ की मुख्यालय को डिमांड भेजी गई है। सीएचओ के पद पहले भरे गए थे लेकिन उनकी दूसरी जगह नियुक्ति होने के कारण छोड़क चले गए हैं।
- डॉ. महेंद्र भादू, सिविल सर्जन, फतेहाबाद