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Fatehabad News: निर्माण के बाद आवेदन, दो दुकानों के नक्शे रद्द, बिल्डिंग इंस्पेक्टर को भी नोटिस
Mon, 14 Sep 2026 10:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 14 Sep 2026 10:47 PM IST
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फतेहाबाद नगर परिषद कार्यालय में तकनीकी शाखा संवाद
फतेहाबाद। लालबत्ती चौक से महाराजा अग्रसेन चौक तक नियमों के विपरीत निर्माण के मामलों में नगर परिषद ने कार्रवाई शुरू कर दी है। परिषद ने निर्माण के बाद अनुमति लेने वाली दो दुकानों के नक्शे रद्द कर दिए हैं। दो अन्य निर्माणों को नोटिस देने की तैयारी है।
नगर परिषद के नियमों के अनुसार दुकानों के निर्माण के दौरान बरामदा छोड़ना जरूरी था। दोनों दुकानों के निर्माण में बरामदा नहीं छोड़ा गया। नक्शे में निर्धारित शर्तों के अनुसार भी निर्माण नहीं किया गया है। नगर परिषद प्रशासन अब नियमों का पालन नहीं करने पर संबंधित दुकानों की रजिस्ट्री रद्द करने की तैयारी कर रहा है।
रजिस्ट्री के समय निर्माण संबंधी शर्तें लागू की गई थीं। अधिकारियों के अनुसार इन शर्तों का पालन नहीं किया गया। लालबत्ती चौक से महाराजा अग्रसेन चौक तक अवैध निर्माण की शिकायतें मिलने के बाद नगर परिषद ने मामले में कार्रवाई शुरू की है। अब दो अन्य निर्माणों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों की ओर से संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए जाएंगे।
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50 मीटर दूरी पर होता रहा निर्माण, बीआई को नोटिस
नगर परिषद से मात्र 50 मीटर दूरी पर ही नियमों की अवहेलना होती रही। करीब 6 माह तक निर्माण होता रहा लेकिन नगर परिषद अधिकारी खामोश रहे। मामले में कोई कार्रवाई न करने पर नगर परिषद एमई की तरफ से बिल्डिंग इंस्पेक्टर को भी नोटिस जारी किया गया है। इस नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि नियमों के पालन के बिना लाल बत्ती चौक से लेकर महाराजा अग्रसेन चौक तक निर्माण हुआ लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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नगर परिषद 50 दुकानदारों को दे चुका है मालिकाना हक
नगर परिषद प्रशासन 20 साल से पुराने करीब 50 किरायेदारों को मालिकाना हक दे चुका है। शहर में करीब नगर परिषद की 417 दुकानें हैं। नगर परिषद सरकार की योजना के अनुसार उन्हें मालिकाना हक दे रहा जो कि 20 साल से दुकानदार है।
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दो दुकानदारों ने नियम अनुसार निर्माण नहीं किया है। नक्शा पास करवाने के बाद ही निर्माण होना चाहिए था और बरामदा छोड़ा जाना था लेकिन जगह नहीं छोड़ी गई। इसके अलावा नक्शा भी निर्माण के पास पास करने के लिए भेजा गया है, जिसके चलते रद्द किया गया है।
- सुमित चोपड़ा, एमई, नगर परिषद
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नगर परिषद के नियमों के अनुसार दुकानों के निर्माण के दौरान बरामदा छोड़ना जरूरी था। दोनों दुकानों के निर्माण में बरामदा नहीं छोड़ा गया। नक्शे में निर्धारित शर्तों के अनुसार भी निर्माण नहीं किया गया है। नगर परिषद प्रशासन अब नियमों का पालन नहीं करने पर संबंधित दुकानों की रजिस्ट्री रद्द करने की तैयारी कर रहा है।
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रजिस्ट्री के समय निर्माण संबंधी शर्तें लागू की गई थीं। अधिकारियों के अनुसार इन शर्तों का पालन नहीं किया गया। लालबत्ती चौक से महाराजा अग्रसेन चौक तक अवैध निर्माण की शिकायतें मिलने के बाद नगर परिषद ने मामले में कार्रवाई शुरू की है। अब दो अन्य निर्माणों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों की ओर से संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए जाएंगे।
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50 मीटर दूरी पर होता रहा निर्माण, बीआई को नोटिस
नगर परिषद से मात्र 50 मीटर दूरी पर ही नियमों की अवहेलना होती रही। करीब 6 माह तक निर्माण होता रहा लेकिन नगर परिषद अधिकारी खामोश रहे। मामले में कोई कार्रवाई न करने पर नगर परिषद एमई की तरफ से बिल्डिंग इंस्पेक्टर को भी नोटिस जारी किया गया है। इस नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि नियमों के पालन के बिना लाल बत्ती चौक से लेकर महाराजा अग्रसेन चौक तक निर्माण हुआ लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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नगर परिषद 50 दुकानदारों को दे चुका है मालिकाना हक
नगर परिषद प्रशासन 20 साल से पुराने करीब 50 किरायेदारों को मालिकाना हक दे चुका है। शहर में करीब नगर परिषद की 417 दुकानें हैं। नगर परिषद सरकार की योजना के अनुसार उन्हें मालिकाना हक दे रहा जो कि 20 साल से दुकानदार है।
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दो दुकानदारों ने नियम अनुसार निर्माण नहीं किया है। नक्शा पास करवाने के बाद ही निर्माण होना चाहिए था और बरामदा छोड़ा जाना था लेकिन जगह नहीं छोड़ी गई। इसके अलावा नक्शा भी निर्माण के पास पास करने के लिए भेजा गया है, जिसके चलते रद्द किया गया है।
- सुमित चोपड़ा, एमई, नगर परिषद