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Fatehabad News: एक और नशा तस्कर की संपत्ति होगी कुर्क
Tue, 07 Oct 2025 11:07 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 07 Oct 2025 11:07 PM IST
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फतेहाबाद। नशा तस्करों के खिलाफ ऑपरेशन सफाया के तहत पुलिस ने एक और नशा तस्कर की संपत्ति को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आरोपी तस्कर सुखप्रीत सिंह (सुखा) जालंधर जिले के गांव फतेहजलाल का रहने वाला है।
पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी की तीस लाख रुपये की संपत्ति कुर्क की जाएगी। इसमें रिहायशी मकान भी शामिल है।
फतेहाबाद पुलिस सुखप्रीत को मिलाकर 14 नशा तस्करों की चार करोड़ से अधिक की संपत्ति को कुर्क करवा चुका है। कुछ संपत्तियों पर बुलडोजर चलाया जा चुका है और कुछ पर बुलडोजर जल्द चलाया जाएगा।
एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68(एफ) के तहत होती है कार्रवाई
एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68(F) के अंतर्गत यदि यह सिद्ध हो जाता है कि कोई संपत्ति नशीले पदार्थों की तस्करी से अर्जित की गई है, तो उसे ‘अवैध संपत्ति’ घोषित कर राज्य सरकार द्वारा जब्त किया जा सकता है।
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इस प्रक्रिया का किया जाता है पालन
एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68(F) के तहत सबसे पहले अपराध शाखा, साइबर सेल और जिला खुफिया इकाई की संयुक्त जांच की जाती है। जांच में नशा तस्करी से संपत्ति अर्जित की सत्यता सिद्ध होने पर संपत्तियों का फोरेंसिक मूल्यांकन और दस्तावेज़ी प्रमाणों का विश्लेषण किया जाता है। इसके बाद सक्षम प्राधिकरण से विधिक स्वीकृति मिलने के बाद आरोपी तस्कर के बैंक खातों, वाहन, ज़मीन, मकान आदि चल-अचल संपत्तियों पर कार्रवाई की जाती है। एसपी सिद्धांत जैन ने नशा तस्करों को चेतावनी दी है कि वो या तो जिला छोड़ दें, अन्यथा नशे का कारोबार छोड़ दें।
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पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी की तीस लाख रुपये की संपत्ति कुर्क की जाएगी। इसमें रिहायशी मकान भी शामिल है।
फतेहाबाद पुलिस सुखप्रीत को मिलाकर 14 नशा तस्करों की चार करोड़ से अधिक की संपत्ति को कुर्क करवा चुका है। कुछ संपत्तियों पर बुलडोजर चलाया जा चुका है और कुछ पर बुलडोजर जल्द चलाया जाएगा।
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एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68(एफ) के तहत होती है कार्रवाई
एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68(F) के अंतर्गत यदि यह सिद्ध हो जाता है कि कोई संपत्ति नशीले पदार्थों की तस्करी से अर्जित की गई है, तो उसे ‘अवैध संपत्ति’ घोषित कर राज्य सरकार द्वारा जब्त किया जा सकता है।
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इस प्रक्रिया का किया जाता है पालन
एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68(F) के तहत सबसे पहले अपराध शाखा, साइबर सेल और जिला खुफिया इकाई की संयुक्त जांच की जाती है। जांच में नशा तस्करी से संपत्ति अर्जित की सत्यता सिद्ध होने पर संपत्तियों का फोरेंसिक मूल्यांकन और दस्तावेज़ी प्रमाणों का विश्लेषण किया जाता है। इसके बाद सक्षम प्राधिकरण से विधिक स्वीकृति मिलने के बाद आरोपी तस्कर के बैंक खातों, वाहन, ज़मीन, मकान आदि चल-अचल संपत्तियों पर कार्रवाई की जाती है। एसपी सिद्धांत जैन ने नशा तस्करों को चेतावनी दी है कि वो या तो जिला छोड़ दें, अन्यथा नशे का कारोबार छोड़ दें।