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Fatehabad News: आंगनबाड़ी वर्कर बोली, एक्सपायरी डेट से कुछ दिन पहले आता है सामान, फिर डाला जाता है बांटने का दबाव
Sat, 22 Feb 2025 11:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 22 Feb 2025 11:11 PM IST
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रतिया रोष जाहिर करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
रतिया। आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर यूनियन की बैठक प्रधान मोनिका रानी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर को आने वाली परेशानियों का समाधान करने के लिए सरकार से मांग की गई।
बैठक में आंगनबाड़ी वर्कर ने कहा कि राशन बनाने के लिए जो सामग्री आती है वह एक्सपायरी डेट से कुछ दिन पहले की ही होती है। सीडीपीओ और सुपरवाइजर द्वारा एक्सपायरी डेट नजदीक होने के बावजूद भी सामग्री बांटने का दबाव उन पर बनाया जाता है। प्रधान मोनिका रानी ने बताया कि सरकार द्वारा लाभपात्रों के फोटो करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। जिसके लिए फोटो करने का ओटीपी भी लाभपात्रों के मोबाइल फोन पर ही आता है।
प्रधान के अनुसार गांव में अधिकतर जरूरतमंद लोगों के पास डिजिटल फोन नहीं हैं और जिनके पास फोन होते हैं उनके पति या तो काम पर गए होते या मजदूरी पर गए होते हैं, जिस कारण ओटीपी लेना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि लाभपात्र साइबर क्राइम और ठगी के डर से भी ओटीपी उन्हें नहीं दे रहे हैं। जिस कारण आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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- खराब क्वालिटी के फोन देने के आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जो मोबाइल फोन दिए हैं वह बहुत ही घटिया क्वालिटी के हैं। चलते हुए मोबाइल फोन बार-बार हैंग हो जाते हैं, जिस कारण उनको डाटा अपडेट करने में काफी दिक्कत आती है।
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बैठक में आंगनबाड़ी वर्कर ने कहा कि राशन बनाने के लिए जो सामग्री आती है वह एक्सपायरी डेट से कुछ दिन पहले की ही होती है। सीडीपीओ और सुपरवाइजर द्वारा एक्सपायरी डेट नजदीक होने के बावजूद भी सामग्री बांटने का दबाव उन पर बनाया जाता है। प्रधान मोनिका रानी ने बताया कि सरकार द्वारा लाभपात्रों के फोटो करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। जिसके लिए फोटो करने का ओटीपी भी लाभपात्रों के मोबाइल फोन पर ही आता है।
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प्रधान के अनुसार गांव में अधिकतर जरूरतमंद लोगों के पास डिजिटल फोन नहीं हैं और जिनके पास फोन होते हैं उनके पति या तो काम पर गए होते या मजदूरी पर गए होते हैं, जिस कारण ओटीपी लेना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि लाभपात्र साइबर क्राइम और ठगी के डर से भी ओटीपी उन्हें नहीं दे रहे हैं। जिस कारण आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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- खराब क्वालिटी के फोन देने के आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जो मोबाइल फोन दिए हैं वह बहुत ही घटिया क्वालिटी के हैं। चलते हुए मोबाइल फोन बार-बार हैंग हो जाते हैं, जिस कारण उनको डाटा अपडेट करने में काफी दिक्कत आती है।