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Fatehabad News: डेरेवाला मोहल्ले में `40 करोड़ का एस्टिमेट तैयार, बजट नहीं हुआ जारी
Fri, 12 Dec 2025 11:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 12 Dec 2025 11:45 PM IST
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फतेहाबाद के डेरे वाल मोहल्ला में जल निकासी के लिए अस्थाई तौर पर खोदी गई खाई। संवाद
फतेहाबाद। डेरेवाल मोहल्ला निवासी कई वर्षों से जलभराव की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। निजी कॉलोनी विकसित होने के समय कॉलोनी मालिक ने अस्थायी रूप से पानी की निकासी के लिए एक खाई जरूर बनवा दी थी, पर यह व्यवस्था लंबे समय से पर्याप्त साबित नहीं हो रही।
हल्की बारिश में ही गलियों और मकानों के आसपास पानी भर जाता है, जिससे कई मकानों की दीवारें और नींव लगातार कमजोर हो रही हैं। मोहल्ला निवासियों के अनुसार शहर की 28 कॉलोनियों में जल निकासी सुधारने के लिए 40 करोड़ का एस्टिमेट तैयार किया गया है। इसमें डेरेवाल मोहल्ले को प्रमुख रूप से शामिल किया गया है, क्योंकि यह शहर का सबसे पुराना और घनी आबादी वाला रिहायशी क्षेत्र है।
इसके बावजूद बजट जारी नहीं हुआ। इस कारण परियोजना शुरू नहीं पाई। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्थसी निकासी व्यवस्था अब खुद ही एक बड़ी समस्या बन चुकी है। पानी कई दिनों तक जमा रहता है, जिससे उनकी रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित होती हैं और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
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मोहल्ला निवासी अमित जैन, सचिन, अरविंद, राहुल और मनोज का कहना है कि दो वर्ष पहले डिस्पोजल टैंक निर्माण के लिए एस्टिमेट तैयार हो चुका था। अधिकारियों ने तब आश्वासन दिया था कि जल्द काम शुरू होगा, लेकिन आज तक स्थिति जस की तस है। उनका कहना है कि अधिकारी हर बार अगली तारीख का भरोसा देते हैं, पर कोई ठोस कदम दिखता नहीं।
लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में हालात और बिगड़ जाते हैं। कई घरों में तो पानी तक जमा हो जाता है। मोहल्ला निवासियों ने प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि डिस्पोजल टैंक निर्माण जल्द शुरू हो और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान मिले।
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घरों में सीलन और मकानों को क्षति
लगातार जलभराव और सीवरेज के गंदे पानी के जमाव से घरों में सीलन आ गई है। दीवारें हर समय नम रहती हैं, जिससे उनमें दरारें पड़ गई हैं और मकान क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। कई मकान तो ऐसे हैं जो रहने लायक भी नहीं बचे हैं। बदबू और मच्छरों के प्रकोप के चलते संक्रामक बीमारियों का खतरा भी हमेशा बना रहता है। निवासियों के लगातार विरोध प्रदर्शन और शिकायतों के बाद, करीब दो वर्ष पहले इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए एक डिस्पोजल टैंक बनाए जाने का एस्टिमेट तैयार किया गया था। इससे मोहल्ला के लोगों में जलनिकासी की समस्या से राहत की उम्मीद जगी है।
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:: शहर की अवैध से वैध हुई 40 कॉलोनियों में जलनिकासी व सीवरेज लाइन बनाने का डालने के लिए एस्टिमेट तैयार किया जा चुका है। नए साल लगने से पहले काम को शुरू कर दिया जाएगा।
-सतपाल रोज, एसडीओ, जन स्वास्थ्य विभाग, फतेहाबाद।
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हल्की बारिश में ही गलियों और मकानों के आसपास पानी भर जाता है, जिससे कई मकानों की दीवारें और नींव लगातार कमजोर हो रही हैं। मोहल्ला निवासियों के अनुसार शहर की 28 कॉलोनियों में जल निकासी सुधारने के लिए 40 करोड़ का एस्टिमेट तैयार किया गया है। इसमें डेरेवाल मोहल्ले को प्रमुख रूप से शामिल किया गया है, क्योंकि यह शहर का सबसे पुराना और घनी आबादी वाला रिहायशी क्षेत्र है।
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इसके बावजूद बजट जारी नहीं हुआ। इस कारण परियोजना शुरू नहीं पाई। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्थसी निकासी व्यवस्था अब खुद ही एक बड़ी समस्या बन चुकी है। पानी कई दिनों तक जमा रहता है, जिससे उनकी रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित होती हैं और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
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मोहल्ला निवासी अमित जैन, सचिन, अरविंद, राहुल और मनोज का कहना है कि दो वर्ष पहले डिस्पोजल टैंक निर्माण के लिए एस्टिमेट तैयार हो चुका था। अधिकारियों ने तब आश्वासन दिया था कि जल्द काम शुरू होगा, लेकिन आज तक स्थिति जस की तस है। उनका कहना है कि अधिकारी हर बार अगली तारीख का भरोसा देते हैं, पर कोई ठोस कदम दिखता नहीं।
लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में हालात और बिगड़ जाते हैं। कई घरों में तो पानी तक जमा हो जाता है। मोहल्ला निवासियों ने प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि डिस्पोजल टैंक निर्माण जल्द शुरू हो और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान मिले।
घरों में सीलन और मकानों को क्षति
लगातार जलभराव और सीवरेज के गंदे पानी के जमाव से घरों में सीलन आ गई है। दीवारें हर समय नम रहती हैं, जिससे उनमें दरारें पड़ गई हैं और मकान क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। कई मकान तो ऐसे हैं जो रहने लायक भी नहीं बचे हैं। बदबू और मच्छरों के प्रकोप के चलते संक्रामक बीमारियों का खतरा भी हमेशा बना रहता है। निवासियों के लगातार विरोध प्रदर्शन और शिकायतों के बाद, करीब दो वर्ष पहले इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए एक डिस्पोजल टैंक बनाए जाने का एस्टिमेट तैयार किया गया था। इससे मोहल्ला के लोगों में जलनिकासी की समस्या से राहत की उम्मीद जगी है।
:: शहर की अवैध से वैध हुई 40 कॉलोनियों में जलनिकासी व सीवरेज लाइन बनाने का डालने के लिए एस्टिमेट तैयार किया जा चुका है। नए साल लगने से पहले काम को शुरू कर दिया जाएगा।
-सतपाल रोज, एसडीओ, जन स्वास्थ्य विभाग, फतेहाबाद।