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छह अस्पतालों में नहीं चली एंबुलेंस, दूसरों में रोडवेज और अनुबंध चालकों ने संभाला स्टेयरिंग
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फतेहाबाद में हड़ताल के चलते बंद पड़ी एंबुलेंस सेवा।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। सरकार द्वारा 2018 में एनएचएम कर्मचारियों को दिए गए सेवा नियम वापस लेने के विरोध में एवं सातवां वेतन आयोग का लाभ देने व अन्य लंबित मांगों को लेकर जिलेभर में नेशनल हेल्थ मिशन के तहत स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत कर्मचारी सोमवार को तीन दिवसीय हड़ताल पर चले गए। जिले में 405 में से 184 एनएचएम कर्मचारी पहले दिन हड़ताल पर रहे। हड़ताल का सबसे ज्यादा असर एंबुलेंस सेवा पर रहा। इसके अलावा टीबी यूनिट, लेबर रूम और नर्सरी में भी कामकाज प्रभावित हुआ।
जिले की सीएचसी भूना, रतिया, बड़ोपल, पीएचसी बनगांव, नागपुर और भिरड़ाना में एबुलेंस सेवा बिल्कुल बंद रही। मरीजों को निजी वाहनों में रेफर होना पड़ा। इसके अलावा जिले के अन्य अस्पतालों में रोडवेज के 11 और अनुबंध के 14 चालकों ने स्टेयरिंग संभाला। इसके अलावा सिविल सर्जन कार्यालय में भी कामकाज प्रभावित रहा।
लेबर रूम में नर्सों ने की दो शिफ्टों में ड्यूटी
एनएचएम हड़ताल में नर्स भी शामिल हुई। इससे लेबर रूम और नर्सरी में काम प्रभावित हुआ। जिले के रतिया, टोहाना और फतेहाबाद के अस्पतालों में नर्सों की डबल शिफ्ट ड्यूटी लगाई गई। यहां पर अधिकतर स्टाफ नर्स एनएचएम के तहत कार्यरत हैं।
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रोडवेज कर्मचारियो से 24 घंटे ड्यूटी, आज बिगड़ेगी व्यवस्था
रेफरल ट्रांसपोर्ट सिस्टम में 67 कर्मचारी है। इसमें 60 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इसके चलते एंबुलेंस पर 11 रोडवेज कर्मचारियों की 24 घंटे की ड्यूटी लगाई गई है। जिन रोडवेज चालकों ने सोमवार को 24 घंटे की ड्यूटी की वह मंगलवार को छुट्टी पर रहेंगे। ऐसे में विभाग को अन्य अस्पतालों में भी एंबुलेंस सेवा बंद करनी पड़ सकती है।
यहां ये तैनात है एनएचएम कर्मचारी
कार्यरत कर्मचारी संख्या
सीएमओ कार्यालय 24
आयुष 14
नागरिक अस्पताल फतेहाबाद 49
उप नागरिक अस्पताल टोहाना 21
यूपीएचसी टोहाना 11
उप नागरिक अस्पताल रतिया 64
सीएचसी भूना 47
सीएचसी भट्टूकलां 44
सीएचसी जाखल 44
सीएचसी बड़ोपल 20
आरटीएस 67
आज और कल भी हड़ताल पर रहेंगे कर्मचारी
धरने की अध्यक्षता कर्मचारी नेता दलीप सिहाग ने की व मुख्य वक्ता के तौर पर स्वास्थ्य कर्मचारी संघ हरियाणा संबंधित भारतीय मजदूर संघ के प्रदेशाध्यक्ष विपिन शर्मा ने भाग लिया। एनएचएम कर्मचारियों ने कहा कि तीन दिवसीय हड़ताल के बाद भी अगर प्रदेश सरकार ने उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो आंदोलन को ओर तेज किया जाएगा। वहीं अनिश्चितकालीन हड़ताल भी शुरू की जा सकती है। इस अवसर पर डॉ. विष्णु मित्तल, सुरेश, सुलतान, भीम सिंह, खेताराम, डॉ. अनिल, जितेंद्र भदौरिया, इंद्र सिंह, परमजीत, सोनप्रीत, कमलजीत, विनोद, अमन, सुषमा, परमजीत, सुनील कुमार सहित एनएचएम कर्मचारी मौजूद रहे।
हड़ताल के माध्यम से इन मांगों को उठाया :
एनएचएम कर्मचारियों ने मांग की है कि वित्त विभाग द्वारा जारी वेतन संबंधी तुगलकी फरमान को निरस्त कर उन्हें सातवें वेतन आयोग का लाभ दिया जाए। सर्विस बायलॉज की वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए। 58 वर्ष तक गेस्ट अध्यापकों की तर्ज पर सेवा सुरक्षा प्रदान की जाए। 5 हजार रुपये कोरोना प्रोत्साहन राशि जल्द दी जाए। इसके अलावा ग्रेच्युटी लाभ देने, कैशलेस मेडिकल सुविधा देने, चिकित्सा अधिकारियों को सेवा नियमों का लाभ देकर प्रारंभिक वेतन 80 हजार देने, हड़ताल व आंदोलन के दौरान काटा गया वेतन जल्द जारी करने, मणिपुर की तर्ज पर रेगुलर पॉलिसी बनाने, आकस्मिक मृत्यु पर 20 लाख आर्थिक सहायता व आश्रित को नौकरी देने, आउटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत लगे कर्मचारियों को एनएचएम में शामिल करने, जिले में कष्ट निवारण समिति का गठन कर संघ के दो प्रतिनिधियों को इसमें शामिल करने की मांग उठाई है।
जिले में 184 एनएचएम कर्मचारी हड़ताल पर रहे हैं। एंबुलेंस सेवा पर रोडवेज और आउटसोर्सिंग चालकों की ड्यूटी लगाई गई थी। इसके अलावा सेवाओं को भी सुचारू रूप से चलाने का प्रयास किया जा रहा है।
- डॉ. संगीता अबरोल, कार्यकारी सिविल सर्जन
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जिले की सीएचसी भूना, रतिया, बड़ोपल, पीएचसी बनगांव, नागपुर और भिरड़ाना में एबुलेंस सेवा बिल्कुल बंद रही। मरीजों को निजी वाहनों में रेफर होना पड़ा। इसके अलावा जिले के अन्य अस्पतालों में रोडवेज के 11 और अनुबंध के 14 चालकों ने स्टेयरिंग संभाला। इसके अलावा सिविल सर्जन कार्यालय में भी कामकाज प्रभावित रहा।
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लेबर रूम में नर्सों ने की दो शिफ्टों में ड्यूटी
एनएचएम हड़ताल में नर्स भी शामिल हुई। इससे लेबर रूम और नर्सरी में काम प्रभावित हुआ। जिले के रतिया, टोहाना और फतेहाबाद के अस्पतालों में नर्सों की डबल शिफ्ट ड्यूटी लगाई गई। यहां पर अधिकतर स्टाफ नर्स एनएचएम के तहत कार्यरत हैं।
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रोडवेज कर्मचारियो से 24 घंटे ड्यूटी, आज बिगड़ेगी व्यवस्था
रेफरल ट्रांसपोर्ट सिस्टम में 67 कर्मचारी है। इसमें 60 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इसके चलते एंबुलेंस पर 11 रोडवेज कर्मचारियों की 24 घंटे की ड्यूटी लगाई गई है। जिन रोडवेज चालकों ने सोमवार को 24 घंटे की ड्यूटी की वह मंगलवार को छुट्टी पर रहेंगे। ऐसे में विभाग को अन्य अस्पतालों में भी एंबुलेंस सेवा बंद करनी पड़ सकती है।
यहां ये तैनात है एनएचएम कर्मचारी
कार्यरत कर्मचारी संख्या
सीएमओ कार्यालय 24
आयुष 14
नागरिक अस्पताल फतेहाबाद 49
उप नागरिक अस्पताल टोहाना 21
यूपीएचसी टोहाना 11
उप नागरिक अस्पताल रतिया 64
सीएचसी भूना 47
सीएचसी भट्टूकलां 44
सीएचसी जाखल 44
सीएचसी बड़ोपल 20
आरटीएस 67
आज और कल भी हड़ताल पर रहेंगे कर्मचारी
धरने की अध्यक्षता कर्मचारी नेता दलीप सिहाग ने की व मुख्य वक्ता के तौर पर स्वास्थ्य कर्मचारी संघ हरियाणा संबंधित भारतीय मजदूर संघ के प्रदेशाध्यक्ष विपिन शर्मा ने भाग लिया। एनएचएम कर्मचारियों ने कहा कि तीन दिवसीय हड़ताल के बाद भी अगर प्रदेश सरकार ने उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो आंदोलन को ओर तेज किया जाएगा। वहीं अनिश्चितकालीन हड़ताल भी शुरू की जा सकती है। इस अवसर पर डॉ. विष्णु मित्तल, सुरेश, सुलतान, भीम सिंह, खेताराम, डॉ. अनिल, जितेंद्र भदौरिया, इंद्र सिंह, परमजीत, सोनप्रीत, कमलजीत, विनोद, अमन, सुषमा, परमजीत, सुनील कुमार सहित एनएचएम कर्मचारी मौजूद रहे।
हड़ताल के माध्यम से इन मांगों को उठाया :
एनएचएम कर्मचारियों ने मांग की है कि वित्त विभाग द्वारा जारी वेतन संबंधी तुगलकी फरमान को निरस्त कर उन्हें सातवें वेतन आयोग का लाभ दिया जाए। सर्विस बायलॉज की वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए। 58 वर्ष तक गेस्ट अध्यापकों की तर्ज पर सेवा सुरक्षा प्रदान की जाए। 5 हजार रुपये कोरोना प्रोत्साहन राशि जल्द दी जाए। इसके अलावा ग्रेच्युटी लाभ देने, कैशलेस मेडिकल सुविधा देने, चिकित्सा अधिकारियों को सेवा नियमों का लाभ देकर प्रारंभिक वेतन 80 हजार देने, हड़ताल व आंदोलन के दौरान काटा गया वेतन जल्द जारी करने, मणिपुर की तर्ज पर रेगुलर पॉलिसी बनाने, आकस्मिक मृत्यु पर 20 लाख आर्थिक सहायता व आश्रित को नौकरी देने, आउटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत लगे कर्मचारियों को एनएचएम में शामिल करने, जिले में कष्ट निवारण समिति का गठन कर संघ के दो प्रतिनिधियों को इसमें शामिल करने की मांग उठाई है।
जिले में 184 एनएचएम कर्मचारी हड़ताल पर रहे हैं। एंबुलेंस सेवा पर रोडवेज और आउटसोर्सिंग चालकों की ड्यूटी लगाई गई थी। इसके अलावा सेवाओं को भी सुचारू रूप से चलाने का प्रयास किया जा रहा है।
- डॉ. संगीता अबरोल, कार्यकारी सिविल सर्जन

फतेहाबाद में हड़ताल के चलते अस्पताल के बाहर धरना देते हुए कर्मचारी।- फोटो : Fatehabad