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एंबुलेंस चालक भर्ती मामला : सिविल सर्जन ने सुपरवाइजर को हटाने के दिए आदेश, क्लर्क से भी स्पष्टीकरण मांगा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 12 Aug 2021 11:06 PM IST
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Ambulance driver recruitment case: Civil surgeon orders to remove supervisor, also seeks clarification from clerk
सिविल सर्जन कार्यालय में एंबुलेंस चालक पद के आवेदन न लेने के को लेकर हुए हंगामे के बाद ठेकेदार के सुपरवाइजर कपिल पर गाज गिरी है और सीएमओ कार्यालय के क्लर्क भानू को भी नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। बिना अनुमति एंबुलेंस चालक पद के आवेदन लेने के आरोपों में घिरे नागरिक अस्पताल के सुपरवाइजर कपिल को हटाने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा सिविल सर्जन कार्यालय के क्लर्क भानू से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण में पूछा गया है कि वह इस मामले में किस तरह से जुड़े हुए थे।
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सिविल सर्जन डॉ. वीरेश भूषण का कहना है कि एमडी एनएचएम को सोमवार को ही पत्र लिखकर एंबुलेंस चालक भर्ती को लेकर गाइडलाइन मांगी गई थी। इसको लेकर मना किया हुआ था कि आवेदन नहीं लेने है। लेकिन बावजूद इसके ठेकेदार के कर्मचारी ने बिना अनुमति आवेदन लिए। जबकि ठेकेदार को कोई वर्क ऑर्डर जारी नहीं किया गया है।
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ये है मामला
जिला स्वास्थ्य विभाग को सात एंबुलेंस मिली है। इन एंबुलेंस पर 21 चालक रखे जाने है। चालक रखे जाने को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल हो गई। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की तरफ से भर्ती को लेकर कोई आदेश जारी नहीं किए गए और न ही आवेदन मांगे गए। बुधवार को सिविल सर्जन कार्यालय में युवाओं ने हंगामा शुरू कर दिया था, युवाओं ने आरोप लगाया था कि नागरिक अस्पताल में दो दिन तक ठेकेदार के कर्मचारी कपिल ने आवेदन लिए हैं और बुधवार को जब वह जमा करवाने के लिए पहुंचे तो उन्हें सिविल सर्जन कार्यालय में क्लर्क के पास भेज दिया। लेकिन क्लर्क ने फार्म लेने से मना कर दिया। इसके अलावा सिविल सर्जन कार्यालय में नोटिस भी लगा दिया गया कि आवेदन मांगे ही नहीं गए है। अगर आवेदन नहीं मांगे गए तो दो दिन तक नागरिक अस्पताल में क्यों जमा किए गए।
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कोट
एंबुलेंस चालक पद के लिए कोई आवेदन नहीं मांगा गया है। इसको लेकर बल्कि सोमवार को एमडी एनएचएम को पत्र लिखा गया था कि उन्हें बताया जाए कि इस पर किस तरह से भर्ती करनी है, क्या गाइडलाइन है और स्पष्ट किया जाए। लेकिन बावजूद इसके ठेकेदार के कर्मचारी ने आवेदन लिए। आउटसोर्सिंग एजेंसी को वर्क ऑर्डर ही जारी नहीं किया था। ठेकेदार को निर्देश दिए हैं कि वह कर्मचारी को हटाएं और क्लर्क को भी नोटिस जारी करके स्पष्टीकरण मांगा गया है।
- डॉ. वीरेश भूषण, सिविल सर्जन।
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