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Fatehabad News: जिले में जमीन की रजिस्ट्री के साथ अब इंतकाल भी ऑनलाइन होगा
Sat, 16 May 2026 11:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 16 May 2026 11:18 PM IST
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जिला मुख्यालय पर बना रजिस्ट्री कार्यालय। संवाद
फतेहाबाद। लोगों को मकान, प्लॉट और दुकान खरीदने के बाद इंतकाल के लिए पटवारियों के चक्कर काटने की जरूरत अब खत्म होने वाली है। राजस्व विभाग ने जिले में रजिस्ट्री के साथ इंतकाल को ऑनलाइन ऑटो मोड में जोड़ने का ट्रायल शुरू किया है। इससे रजिस्ट्री होते ही प्रॉपर्टी का इंतकाल अपने आप हो जाएगा और लोगों को तहसील कार्यालय में अलग से इंतकाल के लिए आने की जरूरत नहीं रहेगी।
प्रशासन ने टोहाना और भट्टूकलां तहसील में यह ट्रायल शुरू किया है। यदि यह सफल रहता है तो पूरे जिले में इस नई व्यवस्था को लागू कर दिया जाएगा। फतेहाबाद जिले के शहरी क्षेत्रों में 53,319 और ग्रामीण क्षेत्रों में 74,336 प्रॉपर्टी आईडी हैं। तहसील कार्यालयों में प्रतिदिन औसतन 150 से 200 रजिस्ट्री होती हैं। अब तक लोगों को रजिस्ट्री करवाने के बाद इंतकाल के लिए पटवार भवन जाना पड़ता था, जहां कई बार दस्तावेजों में कमी बताकर बहानेबाजी की शिकायतें सामने आती रही हैं।
नई व्यवस्था से आमजन का समय बचेगा और पटवारियों के चक्कर समाप्त हो जाएंगे। रजिस्ट्री होने के साथ ही इंतकाल की प्रति भी लोगों को उपलब्ध होगी। राजस्व विभाग के अधिकारी कहते हैं कि यह कदम नागरिकों की सुविधा बढ़ाने और इंतकाल प्रक्रिया को सरल बनाने का प्रयास है। इस व्यवस्था के सफल होने पर रजिस्ट्री और इंतकाल का काम तेज़, पारदर्शी और भरोसेमंद तरीके से पूरे जिले में संचालित होगा। संवाद
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:: धोखाधड़ी पर लगेगा अंकुश
कई बार लोग रजिस्ट्री के बाद इंतकाल नहीं करा पाते थे। ऐसे में शातिर ठग रजिस्ट्री कराने के बाद भी जमीन को फर्जी शिनाख्त की मदद से दूसरे लोगों को बेच देते थे। अब जमीन का तुरंत इंतकाल होने से इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लग जाएगा और लोग भू-माफिया के फ्रॉड से भी बच सकेंगे।
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:: क्या होता है इंतकाल
जमीन की रजिस्ट्री के बाद राजस्व विभाग के रिकार्ड में खरीदार का नाम दर्ज करना ही इंतकाल हाेता है। इंतकाल के बाद संबंधित जमीन को पहले वाला मालिक दूसरी जगह नहीं बेच सकता। जब रजिस्ट्री होती है तो तहसील में यह देखा जाता है कि जमीन किसके नाम है। जब तक इंतकाल दर्ज नहीं होता। तब तक जमीन बेचने वाले के ही नाम रहती है। इंतकाल पटवारी कंप्यूटर में दर्ज करता है। पुराने और नए रिकॉर्ड का मिलान कानूनगो करता है। इसके बाद तहसीलदार उसे फाइनल करता है। राजस्व विभाग के रिकॉर्ड दर्ज होता है।
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राजस्व विभाग ने जमीनों की रजिस्ट्री व अन्य तमाम सुविधाएं उपलब्ध करवाई हैं। टोहाना व भट्टूकलां में रजिस्ट्री के साथ इंतकाल भी ऑनलाइन ऑटो मोड में टोहाना व भट्टूकलां तहसील में रजिस्ट्री के साथ इंतकाल के ट्रायल शुरू किए गए हैं ताकि आमजन को सुविधा मिल सके।
- शाम लाल, जिला राजस्व अधिकारी फतेहाबाद।
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प्रशासन ने टोहाना और भट्टूकलां तहसील में यह ट्रायल शुरू किया है। यदि यह सफल रहता है तो पूरे जिले में इस नई व्यवस्था को लागू कर दिया जाएगा। फतेहाबाद जिले के शहरी क्षेत्रों में 53,319 और ग्रामीण क्षेत्रों में 74,336 प्रॉपर्टी आईडी हैं। तहसील कार्यालयों में प्रतिदिन औसतन 150 से 200 रजिस्ट्री होती हैं। अब तक लोगों को रजिस्ट्री करवाने के बाद इंतकाल के लिए पटवार भवन जाना पड़ता था, जहां कई बार दस्तावेजों में कमी बताकर बहानेबाजी की शिकायतें सामने आती रही हैं।
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नई व्यवस्था से आमजन का समय बचेगा और पटवारियों के चक्कर समाप्त हो जाएंगे। रजिस्ट्री होने के साथ ही इंतकाल की प्रति भी लोगों को उपलब्ध होगी। राजस्व विभाग के अधिकारी कहते हैं कि यह कदम नागरिकों की सुविधा बढ़ाने और इंतकाल प्रक्रिया को सरल बनाने का प्रयास है। इस व्यवस्था के सफल होने पर रजिस्ट्री और इंतकाल का काम तेज़, पारदर्शी और भरोसेमंद तरीके से पूरे जिले में संचालित होगा। संवाद
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:: धोखाधड़ी पर लगेगा अंकुश
कई बार लोग रजिस्ट्री के बाद इंतकाल नहीं करा पाते थे। ऐसे में शातिर ठग रजिस्ट्री कराने के बाद भी जमीन को फर्जी शिनाख्त की मदद से दूसरे लोगों को बेच देते थे। अब जमीन का तुरंत इंतकाल होने से इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लग जाएगा और लोग भू-माफिया के फ्रॉड से भी बच सकेंगे।
:: क्या होता है इंतकाल
जमीन की रजिस्ट्री के बाद राजस्व विभाग के रिकार्ड में खरीदार का नाम दर्ज करना ही इंतकाल हाेता है। इंतकाल के बाद संबंधित जमीन को पहले वाला मालिक दूसरी जगह नहीं बेच सकता। जब रजिस्ट्री होती है तो तहसील में यह देखा जाता है कि जमीन किसके नाम है। जब तक इंतकाल दर्ज नहीं होता। तब तक जमीन बेचने वाले के ही नाम रहती है। इंतकाल पटवारी कंप्यूटर में दर्ज करता है। पुराने और नए रिकॉर्ड का मिलान कानूनगो करता है। इसके बाद तहसीलदार उसे फाइनल करता है। राजस्व विभाग के रिकॉर्ड दर्ज होता है।
राजस्व विभाग ने जमीनों की रजिस्ट्री व अन्य तमाम सुविधाएं उपलब्ध करवाई हैं। टोहाना व भट्टूकलां में रजिस्ट्री के साथ इंतकाल भी ऑनलाइन ऑटो मोड में टोहाना व भट्टूकलां तहसील में रजिस्ट्री के साथ इंतकाल के ट्रायल शुरू किए गए हैं ताकि आमजन को सुविधा मिल सके।
- शाम लाल, जिला राजस्व अधिकारी फतेहाबाद।