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Fatehabad News: प्लॉट की रजिस्ट्री करवाने के नाम पर साढ़े 5 लाख रुपये की ठगी
Sat, 14 Dec 2024 11:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 14 Dec 2024 11:30 PM IST
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टोहाना। शहरवासी दलीप सिंह ने भूना रोड निवासी सुखविंदर सिंह पर शोरूम की जमीन बेचने का इकरारनामा करके रजिस्ट्री न करवाने व धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। शहर पुलिस ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ धारा 316, 318, 338, 336 (3), 340 भारतीय न्याय संहिता में केस दर्ज कर लिया है।
शिकायतकर्ता ने एसपी फतेहाबाद के समक्ष इस बारे में शिकायत दी थी। जिसके बाद यह केस दर्ज किया गया है। दलीप सिंह ने बताया कि 12 जुलाई को उसने सुखविंदर के साथ इकरारनामा करते हुए साढ़े 5 लाख रुपये दिए, जिसमें 5 लाख रुपये का चेक तथा पचास हजार रुपये नकद थे। इस दौरान गवाह के तौर पर महेश व केशो राम मौजूद थे।
सुखविंदर ने कहा था कि एकता नगर के खसरा नंबर 289 के किला नंबर 14, 15 में 123.33 वर्ग गज का शोरूम है। इस दौरान रजिस्ट्री की तारीख 15 अक्तूबर 2024 तय की गई। मगर इकरारनामा के समय जो जमाबंदी दिखाई, उसमें सुखविंदर का नाम नहीं था। सुखविंद्र ने कहा था कि इसका इंतकाल उसके नाम दर्ज है, लेकिन कॉपी साथ में नहीं लाया है। जिस पर दलीप ने विश्वास करते हुए इकरारनामा कर दिया।
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इकरारनामा में शर्त लिखी गई कि दलीप ने रजिस्ट्री नहीं करवाई तो बयाना जब्त होगा। यदि सुखविंदर ने रजिस्ट्री नहीं करवाई तो बयाना राशि को दोगुना करके देना होगा। दलीप ने कहा कि वह 15 अक्तूबर को सुबह 9 से शाम 5 बजे तक तहसील कार्यालय में रहा, लेकिन सुखविंदर मौके पर नहीं आया। अगले दिन 16 अक्तूबर को जब उसने जमाबंदी निकलवाई तो पता चला कि सुखविंदर के नाम उक्त प्लॉट किल्ला नंबर से कोई वास्ता नहीं है। इसलिए आरोपी ने साढ़े 5 लाख रुपये बयाना लेकर धोखाधड़ी की है।
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शिकायतकर्ता ने एसपी फतेहाबाद के समक्ष इस बारे में शिकायत दी थी। जिसके बाद यह केस दर्ज किया गया है। दलीप सिंह ने बताया कि 12 जुलाई को उसने सुखविंदर के साथ इकरारनामा करते हुए साढ़े 5 लाख रुपये दिए, जिसमें 5 लाख रुपये का चेक तथा पचास हजार रुपये नकद थे। इस दौरान गवाह के तौर पर महेश व केशो राम मौजूद थे।
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सुखविंदर ने कहा था कि एकता नगर के खसरा नंबर 289 के किला नंबर 14, 15 में 123.33 वर्ग गज का शोरूम है। इस दौरान रजिस्ट्री की तारीख 15 अक्तूबर 2024 तय की गई। मगर इकरारनामा के समय जो जमाबंदी दिखाई, उसमें सुखविंदर का नाम नहीं था। सुखविंद्र ने कहा था कि इसका इंतकाल उसके नाम दर्ज है, लेकिन कॉपी साथ में नहीं लाया है। जिस पर दलीप ने विश्वास करते हुए इकरारनामा कर दिया।
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इकरारनामा में शर्त लिखी गई कि दलीप ने रजिस्ट्री नहीं करवाई तो बयाना जब्त होगा। यदि सुखविंदर ने रजिस्ट्री नहीं करवाई तो बयाना राशि को दोगुना करके देना होगा। दलीप ने कहा कि वह 15 अक्तूबर को सुबह 9 से शाम 5 बजे तक तहसील कार्यालय में रहा, लेकिन सुखविंदर मौके पर नहीं आया। अगले दिन 16 अक्तूबर को जब उसने जमाबंदी निकलवाई तो पता चला कि सुखविंदर के नाम उक्त प्लॉट किल्ला नंबर से कोई वास्ता नहीं है। इसलिए आरोपी ने साढ़े 5 लाख रुपये बयाना लेकर धोखाधड़ी की है।