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उत्पादन कम होने के बावजूद अधिक हुई धान की आवक, पंजाब से आने की आशंका

Fri, 13 Dec 2019 11:12 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 13 Dec 2019 11:12 PM IST
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agriculture, In spite of reduced production, more paddy arrivals, fear of coming from Punjab, fatehabad
फतेहाबाद की अनाजमंडी में इस बार धान की ढेरियां। फाइल फोटो । - फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। प्रतिकूल मौसम के चलते जिले में धान का प्रति एकड़ उत्पादन कम होने के बावजूद आवक पिछले साल के मुकाबले ज्यादा हुई है। धान पकाई के समय गर्म मौसम के चलते इस बार प्रति एकड़ उत्पादन 20 फीसदी कम रहा। बावजूद इसके बाद इस बार 36 हजार मीट्रिक टन धान की आवक ज्यादा होना इस ओर संकेत कर रहा है कि इस बार पड़ोसी राज्यों से भी किसानों ने फतेहाबाद जिले की मंडियों में भी धान बेचा है। जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी व खरीद एजेंसियों के अधिकारी भी दबी जुबान में इससे इंकार नहीं कर रहे। बड़ी बात ये है कि किसानों को इस बार पिछले साल के मुकाबले 35 फीसदी आय कम हुई। डीएफएससी प्रमोद शर्मा ने कहा कि अब धान की खरीद बंद हो गई है। जो पिछले साल के मुकाबले 36 हजार मीट्रिक टन ज्यादा हुई है।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले साल धान के प्रति क्विंटल दामों को देखते हुए किसानों ने इस बार 119000 हेक्टेयर भूमि पर धान की बिजाई की थी। लेकिन धान बिजाई के बाद धान पकाई तक मौसम कभी गर्म तो कभी सर्द रहा। जब धान पकाई पर था तो मौसम अचानक गर्म हो गया। ऐसे में किसानों को धान का उत्पादन पिछले साल जितना नहीं मिल पाया। एक अनुमान के अनुसार पिछले साल 65 मन प्रति एकड़ धान का उत्पादन किया गया था जो इस बार गिरकर 50 से 55 मन प्रति एकड़ रह गया। जबकि बासमती किस्म के धान का उत्पादन औसत 50 मन था जो इस बार 40 मन ही रह गया।
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जिले के टोहाना, जाखल, ब्राह्मणवाला की मंडियां पंजाब से सटी हुई हैं। पंजाब में धान की बेकद्री और जिले में धान का आसानी से भुगतान पंजाब के किसानों को रास आया है। ब्राह्मणवाला मंडी के मार्फत इस बार पंजाब का धान जिले में आकर बिका। वहां के किसानों की यहां आढ़त की दुकानें व यहां के जमींदारों की वहां पर जमीनें होने के नतीजे के रूप में पंजाब का धान फतेहाबाद में बिकना माना जा रहा है। इसके अलावा मार्केट कमेटी को भी पंजाब का धान खरीदने में कोई हिचक नहीं थी, वजह थी मार्केट कमेटी को 2 प्रतिशत फीस व दो फीसदी एचआरडीएफ फीस मिलना। इससे ना केवल जिला बल्कि प्रदेश सरकार को भी फायदा मिला। इसी कारण पंजाब के धान को फतेहाबाद में बेचने से रोकने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कोई बड़े प्रयास नहीं किए गए।
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वर्जन
पिछले साल अंत तक 8 लाख 4 हजार मीट्रिक टन धान की आवक हुई थी जबकि इस बार 8 लाख 40 हजार मीट्रिक टन धान की आवक हुई है। अब धान की सरकारी खरीद बंद हो गई है। धान की सरकारी खरीद सरकार के नीति-नियमों के तहत की गई है।
- प्रमोद शर्मा, डीएफएससी, फतेहाबाद।
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