{"_id":"5d39f8018ebc3e6d0954fa18","slug":"after-high-voltage-drama-praveen-kashi-protest-quit-fatehabad-news-rtk5073009128","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद प्रवीन काशी का अनशन खत्म","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद प्रवीन काशी का अनशन खत्म
विज्ञापन
पपीहा पार्क में आयोजित प्रवीन काशी के अनशन पर पहुंचे डीसी धीरेंद्र खड़गटा।
- फोटो : Fatehabad
पिछले 21 दिन से नशे के खिलाफ आंदोलनरत प्रवीन काशी का अनशन आखिरकार समाप्त हो गया। अनशन स्थल पर पहुंचे डीसी धीरेंद्र खड़गटा ने लंबी मानमनोव्वल के बाद प्रवीन काशी को अनशन तोड़ने पर मना ही लिया। काशी ने मांग रखी थी कि 15 अगस्त तक जिले के सभी ब्लॉक में नशा मुक्ति केंद्र खोला जाए। डीसी ने उनकी इस मांग को पूरा करने का आश्वासन दिया जिसके बाद शहीद सुखदेव के नाती विशाल नैयर ने जूस पिलाकर काशी का और डीसी ने विशाल नैयर का अनशन तुड़वाया। इससे पहले अनशन स्थल पर लगभग डेढ़ घंटे तक खूब हाइवोल्टेज ड्रामा चलता रहा। इस बीच अब तक आंदोलन को समर्थन देते आ रहे गांव ढिंगसरावासियों ने संत गोपालदास के बिना अनशन तुड़वाने का विरोध किया, जब उनकी नहीं सुनी गई तो उन्होंने विरोध स्वरूप दो बच्चियों को अनशन पर बिठा दिया। हालांकि साझा कमेटी द्वारा समझाने के बाद वो भी अनशन से उठ गए। इससे पहले बुधवार रात को एसएचओ सुरेंद्र कंबोज ने अनशन स्थल पर जाकर मंगलवार देर रात की पुलिस कार्रवाई को लेकर उपजी गलतफहमी को भी दूर कर लिया। जिसके कारण बुधवार सुबह पूरी बातचीत में पुलिस कार्रवाई का कोई जिक्र या शिकायत नहीं हुई।
डिसी ने कहा 52 दिन में 250 नशा तस्करों को पकड़ा
डीसी धीरेंद्र खड़गटा ने वीरवार सुबह साढ़े 11 बजे अनशन स्थल पर पहुंचे और प्रवीन काशी सहित सभी आंदोलनकारियों की बातों को बहुत ध्यान से सुना। डीसी ने उन्हें पुलिस व जिला प्रशासन द्वारा एक जून के बाद से चलाए जा रहे विशेष अभियान के बारे में भी बताया गया। डीसी ने उन्हें बताया कि लगभग 52 दिन में ढाई सौ के करीब नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। लेकिन प्रवीन काशी इससे संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने डीसी को दो टूक कहा कि 15 अगस्त तक जिले के प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक नशा मुक्ति केंद्र खोला जाए जिसमें सीसीटीवी व अन्य सभी सुविधाएं हों। इस पर शुरुआती ना-नुकर के बाद आखिरकार डीसी ने इस पर सहमति दे दी। जिसके बाद प्रवीन काशी ने सार्वजनिक रूप से ये भी धमकी दे डाली कि अगर 15 अगस्त तक ये काम नहीं हुआ तो वो 16 अगस्त से वापस अनशन पर बैठ जाएंगे।
डीसी ने मांगे थे तीन माह, लेकिन 15 अगस्त की डेडलाइन पर अड़े काशी
पपीहा पार्क में जारी प्रवीन काशी के अनशन पर पहुंचे डीसी धीरेंद्र खड़गटा से जब 15 अगस्त तक नशा मुक्ति केंद्र खोलने की बात कही तो डीसी ने इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने के लिए तीन माह के समय की मांग की। लेकिन काशी नहीं माने। इस दौरान उनके साथ अनशन पर बैठे शहीद सुखदेव के नाती विशाल नैयर ने 22 अगस्त को राजगुरु जयंती तक प्रशासन को मोहलत देने की बात रखी, लेकिन प्रवीन काशी ने उसे भी खारिज करते हुए 15 अगस्त की ही डेडलाइन रखी। जिसके बाद मन मारकर डीसी को भी हामी भरनी पड़ी।
विज्ञापन
ढिंगसरावासी संत गोपालदास के हाथों अनशन समाप्त करवाने की कर रहे थे मांग
प्रशासन और अनशनरत प्रवीन काशी के बीच जारी वार्ता के दौरान ढिंगसरा की दर्जनों महिलाएं भी धरनास्थल पर पहुंच गई। ये महिलाएं पहले दिन से काशी के अनशन का समर्थन करते हुए रोजाना यहां आ रही थी। जब उन्हें पता चला कि काशी का अनशन खत्म होने वाला है तो उन्होंने संत गोपालदास के हाथों अनशन समाप्त करवाने की मांग रखी। लेकिन मौके पर मौजूद साझा कमेटी के सदस्यों ने उनकी बात को खारिज करते हुए तुरंत डीसी व विशाल नैयर के हाथों जूस पिलवाकर प्रवीन काशी का अनशन समाप्त करवा दिया। जिसके बाद ढिंगसरा के निवासियों ने दो बच्चियों को अनशन पर विरोध स्वरूप बिठा दिया।
विज्ञापन
डिसी ने कहा 52 दिन में 250 नशा तस्करों को पकड़ा
डीसी धीरेंद्र खड़गटा ने वीरवार सुबह साढ़े 11 बजे अनशन स्थल पर पहुंचे और प्रवीन काशी सहित सभी आंदोलनकारियों की बातों को बहुत ध्यान से सुना। डीसी ने उन्हें पुलिस व जिला प्रशासन द्वारा एक जून के बाद से चलाए जा रहे विशेष अभियान के बारे में भी बताया गया। डीसी ने उन्हें बताया कि लगभग 52 दिन में ढाई सौ के करीब नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। लेकिन प्रवीन काशी इससे संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने डीसी को दो टूक कहा कि 15 अगस्त तक जिले के प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक नशा मुक्ति केंद्र खोला जाए जिसमें सीसीटीवी व अन्य सभी सुविधाएं हों। इस पर शुरुआती ना-नुकर के बाद आखिरकार डीसी ने इस पर सहमति दे दी। जिसके बाद प्रवीन काशी ने सार्वजनिक रूप से ये भी धमकी दे डाली कि अगर 15 अगस्त तक ये काम नहीं हुआ तो वो 16 अगस्त से वापस अनशन पर बैठ जाएंगे।
विज्ञापन
डीसी ने मांगे थे तीन माह, लेकिन 15 अगस्त की डेडलाइन पर अड़े काशी
पपीहा पार्क में जारी प्रवीन काशी के अनशन पर पहुंचे डीसी धीरेंद्र खड़गटा से जब 15 अगस्त तक नशा मुक्ति केंद्र खोलने की बात कही तो डीसी ने इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने के लिए तीन माह के समय की मांग की। लेकिन काशी नहीं माने। इस दौरान उनके साथ अनशन पर बैठे शहीद सुखदेव के नाती विशाल नैयर ने 22 अगस्त को राजगुरु जयंती तक प्रशासन को मोहलत देने की बात रखी, लेकिन प्रवीन काशी ने उसे भी खारिज करते हुए 15 अगस्त की ही डेडलाइन रखी। जिसके बाद मन मारकर डीसी को भी हामी भरनी पड़ी।
विज्ञापन
ढिंगसरावासी संत गोपालदास के हाथों अनशन समाप्त करवाने की कर रहे थे मांग
प्रशासन और अनशनरत प्रवीन काशी के बीच जारी वार्ता के दौरान ढिंगसरा की दर्जनों महिलाएं भी धरनास्थल पर पहुंच गई। ये महिलाएं पहले दिन से काशी के अनशन का समर्थन करते हुए रोजाना यहां आ रही थी। जब उन्हें पता चला कि काशी का अनशन खत्म होने वाला है तो उन्होंने संत गोपालदास के हाथों अनशन समाप्त करवाने की मांग रखी। लेकिन मौके पर मौजूद साझा कमेटी के सदस्यों ने उनकी बात को खारिज करते हुए तुरंत डीसी व विशाल नैयर के हाथों जूस पिलवाकर प्रवीन काशी का अनशन समाप्त करवा दिया। जिसके बाद ढिंगसरा के निवासियों ने दो बच्चियों को अनशन पर विरोध स्वरूप बिठा दिया।