फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Administration's efforts inadequate, maximum stubble burning in Fatehabad in the state

Fatehabad News: प्रशासन के प्रयास नाकाफी, प्रदेश में सबसे अधिक फतेहाबाद में जल रही पराली

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 16 Oct 2023 10:21 AM IST
विज्ञापन
Administration's efforts inadequate, maximum stubble burning in Fatehabad in the state
फतेहाबाद। पराली जलाने के मामलों में फतेहाबाद जिला प्रदेश में पहले नंबर पर पहुंच गया है। रविवार को भी सबसे ज्यादा 25 मामले फतेहाबाद में ही सामने आए हैं। अब तक फतेहाबाद में पराली जलाने के 80 मामले आ चुके हैं। वहीं, दूसरे नंबर पर अंबाला है, जहां अब तक 79 मामले आए हैं। 67 मामलों के साथ कुरुक्षेत्र तीसरे स्थान पर है।पिछले एक सप्ताह में यह दूसरा मौका है, जब फतेहाबाद में सबसे अधिक पराली जलाने के मामले आए हैं। इससे पहले 8 अक्तूबर को भी सर्वाधिक 14 मामले फतेहाबाद में आए थे। कृषि विभाग लगातार किसानों को पराली प्रबंधन के लिए जागरूक कर रहा है, लेकिन किसान बाज नहीं आ रहे हैं। जिले में पराली जलाने का सिलसिला थमा नहीं है, कभी एक या दो तो कभी छह तक मामले आए हैं। मगर रविवार को तो पराली जलाने के आंकड़ों में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई। हरसैक ने 25 जगहों पर पराली जलाने की लोकेशन भेजी है। लोकेशन मिलने के बाद राजस्व विभाग और कृषि विभाग के अधिकारी छानबीन के लिए निकले। जिले में कृषि विभाग अब तक 27 किसानों को 67 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगा चुका है।
विज्ञापन


मामले बढ़े, एक्यूआई का स्तर घटा
फतेहाबाद में पराली जलाने के मामले बढ़े हैं। मगर एक्यूआई का स्तर कम हुआ है। एक्यूआई का स्तर शनिवार को जहां 190 दर्ज किया गया था, वहीं रविवार को यह घटकर 129 पहुंच गया। इसी के साथ दमा व दिल के रोगियों के लिए परेशानी बढ़ गई है। सुबह-सुबह दवा रोगियों को सांस लेने में दिक्कत महसूस हो रही है। इसके अलावा आंखों में भी जलन महसूस हो रही है। पंजाब में जल रही पराली का भी जिले में असर दिखता है।
विज्ञापन


जिले में 337750 एकड़ में है धान का रकबा
जिले में करीब 337750 एकड़ में धान का रकबा है। जिले के सभी किसान स्ट्रा बेलर की मांग कर रहे हैं ताकि पराली का प्रबंधन किया जा सके। मगर बेलरों की संख्या 305 ही है। कुछ किसानों ने बेलर दूसरे जिलों में भी भेजे हुए हैं। उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने जिले के सभी बेलर मालिकों को निर्देश दिए हैं कि अगर उनका बेलर निकटवर्ती जिले में कहीं चल रहा है तो जल्द से जल्द अपना बेलर फतेहाबाद में मंगवा कर पराली प्रबंधन का कार्य करें। उपायुक्त ने किसानों से इन-सीटू के माध्यम से पराली प्रबंधन करने की अपील करते हुए कहा कि खेत में पराली मिलाकर प्रबंधन करने से खेत की उर्वरा शक्ति बढ़ती है। इसके साथ-साथ मिट्टी में मौजूद मित्र कीट भी खत्म नहीं होते।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोट
आसमान में धुआं आने से आंखों में जलन की शिकायत अधिक रहती है। धुएं के कारण नजर कमजोर होना भी स्वभाविक है। ऐसे में घर से बाहर आंखों पर चश्मा लगाकर निकलें। दिन में कई बार आंखों को ठंडे पानी से धोएं। आंखों की सुरक्षा बेहद जरूरी है।


डॉ. विनोद शर्मा, वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ
कोट

कृषि विभाग लगातार किसानों को पराली प्रबंधन करने के लिए जागरूक कर रहा है। जो किसान पराली जला रहे हैं, उन पर जुर्माना किया जा रहा है। अब तक 67 हजार 500 रुपये जुर्माना वसूला जा चुका है।
-डॉ. राजेश सिहाग, उपनिदेशक, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, फतेहाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed