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Fatehabad News: ढांड स्कूल में कमरों का अकाल, शिक्षा व्यवस्था दो साल से बेहाल
Thu, 27 Aug 2026 10:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 27 Aug 2026 10:39 PM IST
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फतेहाबाद। गांव ढांड में स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय। संवाद
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फतेहाबाद। जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित गांव ढांड के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में करीब दो साल से कमरों की कमी बनी हुई है। स्कूल में 260 विद्यार्थियों के लिए 4 कमरे हैं। इनमें से एक कमरा प्रधानाचार्य के लिए है। स्कूल प्रबंधन ने काम चलाने के लिए कमरे प्राथमिक विद्यालय के लिए हुए हैं।
वीरवार को जब संवाद संवाददाता स्कूल में पहुंचा तो वहां मौजूद अध्यापक ने प्रदेश सरकार के नियमों का हवाला देते हुए स्कूल के अंदर आने से मना कर दिया। उक्त अध्यापक ने कहा कि स्कूल परिसर में किसी अज्ञात शख्स को एंट्री न दी जाए। इसके साथ ही वहां पर किसी भी तरह की फोटो खींचने के लिए मना कर दिया।
इसके बाद किसी तरह से संवाद संवाददाता ने स्कूल का बाहरी अवलोकन किया तो नजर आया कि सुरक्षा के लिए बनाई गई चहारदीवारी 30 से 40 फीट लंबी टूटी हुई है। स्कूल की टूटी दीवार के साथ ग्रामीणों ने अपने पशु बांधे हुए हैं।
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स्कूल में जो विद्यार्थियों की संख्या है उस हिसाब से 9 कमरे होने चाहिए। इसके अलावा लैब, स्टाफ और अन्य कामों के लिए 5-6 से कमरे और होने चाहिए। पिछले दो साल स्कूल प्रबंधन जैसे-तैसे अपना कार्य चला रहा है। संवाद
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दो साल पहले लैब सहित तोड़े गए थे 16 कमरे
पड़ताल के दौरान पता चला कि करीब दो वर्षों से स्कूल में कमरों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इस अवधि में कई बार समस्या विभागीय अधिकारियों के सामने रखी गई लेकिन इसका समाधान नहीं हो सका। स्कूल में 16 कमरे लगभग दो साल पहले जर्जर होने के चलते तोड़े गए थे। तब के बाद से स्कूल में कमरों की कमी चल रही है। स्कूल में बना एक शौचालय फिलहाल खस्ताहाल होने के चलते बंद है। बाकी दो शौचालय से काम चलाया जा रहा है। नियमानुसार अलग-अलग विंग के शौचालय होने चाहिए।
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स्कूल में स्टाफ की स्थिति संतोषजनक है
स्कूल में लगभग 95 प्रतिशत स्टाफ है। स्कूल में पॉलिटिकल साइंस, कंप्यूटर साइंस के अध्यापक की कमी है। इसके अलावा स्वीपर कम चपरासी भी नहीं है।
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गांव के स्कूल में कमरों का निर्माण कार्य दो सालों अधिक समय से लंबित है। कमरों के निर्माण होता है तो गांव में शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा। वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कमरों की कमी के कारण प्राथमिक स्कूल के बच्चों को भी परेशानी होती है।
- चंद्र मोहन पोटलिया, सरपंच, ग्राम पंचायत ढांड।
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गांव ढांड के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के कमरों के निर्माण का मामला समग्र शिक्षा विभाग देख रहा है। विद्यालय में स्टाफ की कमी उनके संज्ञान में नहीं है। यदि स्टाफ की मांग आती है तो उसे पूरा किया जाएगा।
- संगीता बिश्नोई, डीईओ, फतेहाबाद।
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वीरवार को जब संवाद संवाददाता स्कूल में पहुंचा तो वहां मौजूद अध्यापक ने प्रदेश सरकार के नियमों का हवाला देते हुए स्कूल के अंदर आने से मना कर दिया। उक्त अध्यापक ने कहा कि स्कूल परिसर में किसी अज्ञात शख्स को एंट्री न दी जाए। इसके साथ ही वहां पर किसी भी तरह की फोटो खींचने के लिए मना कर दिया।
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इसके बाद किसी तरह से संवाद संवाददाता ने स्कूल का बाहरी अवलोकन किया तो नजर आया कि सुरक्षा के लिए बनाई गई चहारदीवारी 30 से 40 फीट लंबी टूटी हुई है। स्कूल की टूटी दीवार के साथ ग्रामीणों ने अपने पशु बांधे हुए हैं।
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स्कूल में जो विद्यार्थियों की संख्या है उस हिसाब से 9 कमरे होने चाहिए। इसके अलावा लैब, स्टाफ और अन्य कामों के लिए 5-6 से कमरे और होने चाहिए। पिछले दो साल स्कूल प्रबंधन जैसे-तैसे अपना कार्य चला रहा है। संवाद
दो साल पहले लैब सहित तोड़े गए थे 16 कमरे
पड़ताल के दौरान पता चला कि करीब दो वर्षों से स्कूल में कमरों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इस अवधि में कई बार समस्या विभागीय अधिकारियों के सामने रखी गई लेकिन इसका समाधान नहीं हो सका। स्कूल में 16 कमरे लगभग दो साल पहले जर्जर होने के चलते तोड़े गए थे। तब के बाद से स्कूल में कमरों की कमी चल रही है। स्कूल में बना एक शौचालय फिलहाल खस्ताहाल होने के चलते बंद है। बाकी दो शौचालय से काम चलाया जा रहा है। नियमानुसार अलग-अलग विंग के शौचालय होने चाहिए।
स्कूल में स्टाफ की स्थिति संतोषजनक है
स्कूल में लगभग 95 प्रतिशत स्टाफ है। स्कूल में पॉलिटिकल साइंस, कंप्यूटर साइंस के अध्यापक की कमी है। इसके अलावा स्वीपर कम चपरासी भी नहीं है।
गांव के स्कूल में कमरों का निर्माण कार्य दो सालों अधिक समय से लंबित है। कमरों के निर्माण होता है तो गांव में शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा। वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कमरों की कमी के कारण प्राथमिक स्कूल के बच्चों को भी परेशानी होती है।
- चंद्र मोहन पोटलिया, सरपंच, ग्राम पंचायत ढांड।
गांव ढांड के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के कमरों के निर्माण का मामला समग्र शिक्षा विभाग देख रहा है। विद्यालय में स्टाफ की कमी उनके संज्ञान में नहीं है। यदि स्टाफ की मांग आती है तो उसे पूरा किया जाएगा।
- संगीता बिश्नोई, डीईओ, फतेहाबाद।

फतेहाबाद। गांव ढांड में स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय। संवाद

फतेहाबाद। गांव ढांड में स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय। संवाद