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Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Abusive behavior by employees of the firm purchases from farmers

खरीद फर्म के कर्मचारी ने किसान से किया अभद्र व्यवहार

Tue, 07 Oct 2014 12:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद Updated Tue, 07 Oct 2014 12:30 AM IST
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अनाज मंडी में सोमवार दोपहर प्राइवेट एजेंसी द्वारा धान की एक ही ढेरी के दो रेट लगाने पर किसान भड़क गए। देखते ही देखते एजेंसी कर्मचारियों तथा किसानों के बीच भिड़ंत हो गई।

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इस दौरान एजेंसी कर्मचारियों ने किसानों के साथ अभद्र व्यवहार किया। इससे नाराज किसानों ने लालबत्ती चौक पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना मिलते ही शहर थाना प्रभारी गौरव शर्मा मौके पर पहुंचे और किसानों को शांत करवाकर मार्केट कमेटी ले गए, जहां पर किसानों ने मार्केट कमेटी के सचिव को खरी-खरी सुनाई।
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अनाज मंडी में 16 नंबर दुकान के बाहर बीराबदी के किसान रिछपाल तथा उसके भाई कंवलजीत की धान 1509 की दो ढेरियां पड़ी थीं, जिसकी क्वालिटी एक समान थी।

दोपहर तीन बजे जब चिंरजीलाल व फर्म के कर्मचारी खरीद के लिए बोली लगाने लगे तो उन्होंने एक ढेरी का रेट ज्यादा लगाया और दूसरी ढेरी का रेट कम लगाया। इससे रिछपाल तथा कंवलजीत के बीच बहस शुरू हो गई, जो देखते-देखते मारपीट में बदल गई।
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इस बीच एजेंसी के कर्मचारियों ने रिछपाल के साथ अभद्र व्यवहार कर दिया और उसका मोबाइल तोड़ दिया। मामले की जानकारी जब मंडी में मौजूद किसानों को हुई तो वे भड़क गए। नाराज किसानों ने लालबत्ती चौक पर जाम लगा दिया। 15 मिनट तक रहे हाइवे जाम से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। सूचना पर स्थानीय थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे उन्होंने लोगों को उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। एसएचओ गौरव शर्मा ने लोगों से अपील की कि इस मामले को धार्मिक भावना से मत जोड़ो और मारपीट करने वालों के खिलाफ लिखित में शिकायत दो।

सुबह 2800 से शुरू होकर 2000 पर आ जाती है बोली
 किसान गांव गंदा निवासी लेखराज, जगदीश कुमार, कंवलजीत ने कहा कि प्राइवेट एजेंसी के मालिक जिस वैरायटी की बोली सुबह 2800 से रुपये शुरू करते हैं और दोपहर बाद तक उस वैरायटी की बोली 2000 तक ले आते हैं। 1509 वैरायटी के धान को 1507, 1709 बताकर उसके रेट तोड़ते हैं और किसानों के साथ जालसाजी करते हैं। किसानों के साथ ठगी की जा रही है।

तीन दिन से बैठे है मंडी में, नहीं हुई बोली
किसान मनजीत सिंह, मढ़ निवासी प्रगट सिंह ने बताया कि उनकी तीन दिन से मंडी में ढेरी पड़ी है जिसकी अभी तक बोली नहीं हुई। एजेंसियों को बोली के लिए सुबह 10 से शाम 06 बजे तक का समय है लेकिन परचेजर खुद का कोटा पूरा होने पर बोली नहीं करते और तीन से चार घंटे पहले बोली बंद कर देते हैं।

रेट कम लगता है तो मत दो धान
मार्केट कमेटी में किसान जब सचिव विकास सेतिया के सामने बोली के कम रेट की बात रख रहे थे तो सेतिया ने कहा अगर रेट कम लगते हैं तो मत बेचो धान। जिस पर किसान भड़क गए और उन्होंने सचिव को खरी खोटी सुनाते हुए कहा कि तीन तक किसानों के धान की बोली नहीं होगी तो मजबूरन उसे कम रेट में बेचना पड़ रहा है।


किसानों ने तौल में गड़बड़ी के लगाए आरोप
किसानों ने परचेजरों पर तुलाई के समय गड़बड़ी करने के आरोप लगाए। किसानों ने कहा कि परचेजर बोली के बाद ढेरी को अपने कंडे पर ले जाते हैं। जहां पर कंडे में फर्क होता है। जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है।

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