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Fatehabad News: बिक्री के लिए ऑटो मार्केट में दो हजार पुराने ट्रैक्टरों की सजी मंडी
Sun, 13 Sep 2026 09:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 13 Sep 2026 09:57 PM IST
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शहर की ऑटो मार्किट में रविवार को आयोजित मेले में बिक्री के लिए खड़े ट्रेक्टर। संवाद
- फोटो : 1
फतेहाबाद। भूना रोड स्थित ऑटो मार्केट में रविवार को पुराने ट्रैक्टरों का मेला लगा। इस बार मेले में 2000 से अधिक पुराने ट्रैक्टर बिक्री के लिए पहुंचे। हरियाणा, पंजाब और राजस्थान से किसान व व्यापारी यहां पहुंचे।
वर्ष 1992 से हर रविवार लग रहा यह मेला करीब तीन दशक बाद भी किसानों और ट्रैक्टर कारोबारियों के बीच लोकप्रिय है। मेले में अलग-अलग कंपनियों और मॉडल के पुराने ट्रैक्टर उपलब्ध रहे। किसान अपनी जरूरत और बजट के अनुसार ट्रैक्टर देखते नजर आए।
व्यापारियों के अनुसार रविवार के मेले में आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान पहुंचते हैं। हर सप्ताह यहां पुराने ट्रैक्टरों की खरीद-फरोख्त होती है। अलग-अलग मॉडल उपलब्ध होने से किसानों को पसंद और बजट के अनुसार विकल्प मिल जाते हैं।
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पुराने ट्रैक्टरों की बिक्री के साथ यह मेला किसानों के लिए बाजार की जानकारी जुटाने का माध्यम भी बना हुआ है। लंबे समय से लग रहे इस मेले ने फतेहाबाद के ऑटो मार्केट को पुराने ट्रैक्टरों की खरीद-फरोख्त के प्रमुख केंद्र के रूप में पहचान दिलाई है।
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इस बार 30 ट्रैक्टर ही बिके
इस बार राजस्थान के व्यापारी मेले में नहीं पहुंचे। ट्रैक्टर व्यापारी राधेश्याम, राजेंद्र और लुणाराम ने बताया कि सामान्य तौर पर रविवार के इस मेले में करीब 100 पुराने ट्रैक्टरों की बिक्री हो जाती है लेकिन इस बार बिक्री का आंकड़ा काफी कम रहा। व्यापारियों के मुताबिक मेले में महज 30 ट्रैक्टर ही बिक सके। बारिश की कमी के कारण किसानों ने फिलहाल नई मशीनरी या पुराने ट्रैक्टर खरीदने की बजाय अपनी मौजूदा व्यवस्था से ही खेती करने को प्राथमिकता दी है।
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34 वर्षों से लग रहा है मेला
व्यापारी मनोज कुमार ने बताया कि संडे मेला 34 वर्षों से किसानों और कारोबारियों के बीच भरोसे का माध्यम बना हुआ है। यहां किसान ट्रैक्टर की स्थिति देखकर, उसकी कीमत पर मोलभाव करने के बाद खरीदारी करते हैं। कई किसान अपने पुराने ट्रैक्टर बेचकर नया या बेहतर मॉडल का पुराना ट्रैक्टर खरीदने के लिए भी मेले में पहुंचते हैं। वहीं व्यापारी किसानों को उनके ट्रैक्टर के सभी कागजात पूरे करवाने में बिक्री की राशि की जिम्मेवारी लेते हैं।
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वर्ष 1992 से हर रविवार लग रहा यह मेला करीब तीन दशक बाद भी किसानों और ट्रैक्टर कारोबारियों के बीच लोकप्रिय है। मेले में अलग-अलग कंपनियों और मॉडल के पुराने ट्रैक्टर उपलब्ध रहे। किसान अपनी जरूरत और बजट के अनुसार ट्रैक्टर देखते नजर आए।
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व्यापारियों के अनुसार रविवार के मेले में आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान पहुंचते हैं। हर सप्ताह यहां पुराने ट्रैक्टरों की खरीद-फरोख्त होती है। अलग-अलग मॉडल उपलब्ध होने से किसानों को पसंद और बजट के अनुसार विकल्प मिल जाते हैं।
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पुराने ट्रैक्टरों की बिक्री के साथ यह मेला किसानों के लिए बाजार की जानकारी जुटाने का माध्यम भी बना हुआ है। लंबे समय से लग रहे इस मेले ने फतेहाबाद के ऑटो मार्केट को पुराने ट्रैक्टरों की खरीद-फरोख्त के प्रमुख केंद्र के रूप में पहचान दिलाई है।
इस बार 30 ट्रैक्टर ही बिके
इस बार राजस्थान के व्यापारी मेले में नहीं पहुंचे। ट्रैक्टर व्यापारी राधेश्याम, राजेंद्र और लुणाराम ने बताया कि सामान्य तौर पर रविवार के इस मेले में करीब 100 पुराने ट्रैक्टरों की बिक्री हो जाती है लेकिन इस बार बिक्री का आंकड़ा काफी कम रहा। व्यापारियों के मुताबिक मेले में महज 30 ट्रैक्टर ही बिक सके। बारिश की कमी के कारण किसानों ने फिलहाल नई मशीनरी या पुराने ट्रैक्टर खरीदने की बजाय अपनी मौजूदा व्यवस्था से ही खेती करने को प्राथमिकता दी है।
34 वर्षों से लग रहा है मेला
व्यापारी मनोज कुमार ने बताया कि संडे मेला 34 वर्षों से किसानों और कारोबारियों के बीच भरोसे का माध्यम बना हुआ है। यहां किसान ट्रैक्टर की स्थिति देखकर, उसकी कीमत पर मोलभाव करने के बाद खरीदारी करते हैं। कई किसान अपने पुराने ट्रैक्टर बेचकर नया या बेहतर मॉडल का पुराना ट्रैक्टर खरीदने के लिए भी मेले में पहुंचते हैं। वहीं व्यापारी किसानों को उनके ट्रैक्टर के सभी कागजात पूरे करवाने में बिक्री की राशि की जिम्मेवारी लेते हैं।