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चौपाल पर लिखा एक बिरादरी का नाम, तनाव

Mon, 14 Sep 2020 11:30 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 14 Sep 2020 11:30 PM IST
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A fraternity name written on Chaupal, tense
गांव बोस्ती में बैकवर्ड की चौपाल कम धर्मशाला पर शरारती तत्वों ने एक बिरादरी का नाम अंकित कर दिया जिसको लेकर गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी व एसडीएम टोहाना को शिकायत दी है। मामला संज्ञान में आते ही बीडीपीओ भूना ने गांव के सरपंच से रिपोर्ट तलब की। बोस्ती निवासी एवं पूर्व पंचायत सदस्य ओम प्रकाश, मेहर सिंह, बजिंद्र सिंह, अमनदीप, सतबीर सिंह, जय सिंह व संदीप कुमार ने आरोप लगाया है कि बैकवर्ड चौपाल कम धर्मशाला पर कुछ शरारती तत्वों ने एक निजी बिरादरी विशेष से जोड़कर गांव का भाईचारा बिगाड़ने का काम किया है। पहले प्रशासनिक स्तर पर बैकवर्ड चौपाल लिखा हुआ था जिस को मिटा दिया गया है। पिछड़ा वर्ग समाज के लोगों ने इस पर विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि कुछ उपद्रवी गांव में सामाजिक सदभाव बिगाड़ने की कोशिश में है इसलिए प्रशासन को समय रहते कार्रवाई करनी चाहिए।
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कार्रवाई रिकॉर्ड में सब पिछड़ा वर्ग (बीसी) चौपाल के नाम दर्ज
पंचायत विभाग के कार्रवाई रिकॉर्ड में मंजूरी लेने से लेकर पूर्ण होने तक कई प्रस्ताव पास किए थे जिसमें हर जगह बीसी चौपाल का हवाला दिया है जबकि निजी समुदाय की चौपाल से संबंधित कोई भी शब्द दर्ज नहीं है। पंचायत विभाग के कार्रवाई रिकॉर्ड रजिस्टर में प्रस्ताव नंबर चार में ग्राम सभा की बैठक में एक जून 2006 को बीसी चौपाल एवं चहारदीवारी बनाए जाने को लेकर प्रस्ताव डाला था। पंचायत ने 2 लाख 50 हजार रुपये की राशि से निर्माण किया था। वहीं 27 फरवरी 2007 को कार्रवाई रजिस्टर नंबर 110 पर एचआरडीएस योजना के तहत बीसी चौपाल के लिए 2 लाख 47 हजार रुपये खर्च किए थे। सरकार की विभिन्न योजनाओं का उपरोक्त बैकवर्ड चौपाल पर 15 लाख से भी अधिक खर्च हो चुका है। पंचायत केेे प्रस्ताव में बीसी चौपाल की मंजूरी दी हुई है लेकिन पिछले कई दिनों से नाम को लेकर विवाद चल रहा है। चौपाल पर एक विशेष बिरादरी का लिख देने से बैकवर्ड समाज की अन्य जातियों नेे इसका विरोध शुरू कर दिया है।
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सरकारी स्कूल के पास वर्षों पुरानी बैकवर्ड चौपाल बनी हुई है जिसका नाम एक निजी बिरादरी कुछ लोगों ने मिटा दिया है लेकिन मामले को पंचायती स्तर पर निपटाने के प्रयास चल रहे हैं। -जगदीश चंद्र, सरपंच, गांव बोस्ती।
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सरपंच को मामले पर किया तलब
गांव बोस्ती में बैकवर्ड चौपाल का नाम मिटा कर एक निजी बिरादरी का नाम लिख देने की शिकायत मिली है जिस के तुरंत बाद सरपंच को उपरोक्त समस्या समाधान के लिए आदेश दिए हैं। गांव में सामाजिक सद्भाव ने बिगड़े इसको लेकर सरपंच को भी तलब किया गया। -रवि कुमार बागड़ी, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी।
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