{"_id":"69e7ba5889b948059f0fb6a5","slug":"a-12-point-demand-letter-was-sent-to-prime-minister-modi-fatehabad-news-c-127-1-ftb1001-152412-2026-04-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: प्रधानमंत्री मोदी को भेजा 12 सूत्री मांग पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: प्रधानमंत्री मोदी को भेजा 12 सूत्री मांग पत्र
Tue, 21 Apr 2026 11:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 21 Apr 2026 11:26 PM IST
विज्ञापन
फतेहाबाद में मांगों को लेकर धरना देते रिटायर्ड कर्मचारी।
फतेहाबाद। रिटायर्ड कर्मचारी संघ की जिला इकाई ने मंगलवार को शहर में रोष प्रदर्शन किया। लघु सचिवालय के सामने एकत्रित हुए सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर नारेबाजी की और डीसी के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला प्रधान भोला सिंह ने की जबकि संचालन जिला सचिव बेगराज ने किया।
धरने को संबोधित करते हुए जिला प्रधान भोला सिंह ने कहा कि सरकार वित्त विधेयक 2025 के जरिए पेंशनर्स के अधिकारों पर कैंची चलाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने आठवें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस में पेंशन पुनरीक्षण की चर्चा न करने और पेंशन को गैर-अंशदायी बोझ बताने वाली शब्दावली पर कड़ा ऐतराज जताया।
पेंशनर्स ने मांग की कि कोरोना काल के दौरान रोके गए 18 महीने के महंगाई भत्ते को ब्याज सहित तुरंत जारी किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने एनपीएस और यूपीएस को सिरे से खारिज करते हुए पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग दोहराई।
विज्ञापन
रिटायर्ड कर्मचारियों ने मांग की है कि वित्त विधेयक 2025 को तुरंत वापस लिया जाए। 65 वर्ष की आयु से ही मूल पेंशन में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी शुरू की जाए, जो 95 वर्ष की आयु तक 100 प्रतिशत हो। मेडिकल भत्ता 3000 रुपये मासिक किया जाए।
पेंशनर्स फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को अनसुना किया गया तो आगामी दिनों में इस आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा। प्रदर्शन में रघुनाथ मेहता, सुखविंदर सिंह, बलबीर सिंह महमडा, ओमप्रकाश चौबारा, धर्मपाल यादव, कृष्ण मेहरा सहित भारी संख्या में पेंशनर्स उपस्थित रहे।
विज्ञापन
धरने को संबोधित करते हुए जिला प्रधान भोला सिंह ने कहा कि सरकार वित्त विधेयक 2025 के जरिए पेंशनर्स के अधिकारों पर कैंची चलाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने आठवें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस में पेंशन पुनरीक्षण की चर्चा न करने और पेंशन को गैर-अंशदायी बोझ बताने वाली शब्दावली पर कड़ा ऐतराज जताया।
विज्ञापन
पेंशनर्स ने मांग की कि कोरोना काल के दौरान रोके गए 18 महीने के महंगाई भत्ते को ब्याज सहित तुरंत जारी किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने एनपीएस और यूपीएस को सिरे से खारिज करते हुए पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग दोहराई।
विज्ञापन
रिटायर्ड कर्मचारियों ने मांग की है कि वित्त विधेयक 2025 को तुरंत वापस लिया जाए। 65 वर्ष की आयु से ही मूल पेंशन में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी शुरू की जाए, जो 95 वर्ष की आयु तक 100 प्रतिशत हो। मेडिकल भत्ता 3000 रुपये मासिक किया जाए।
पेंशनर्स फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को अनसुना किया गया तो आगामी दिनों में इस आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा। प्रदर्शन में रघुनाथ मेहता, सुखविंदर सिंह, बलबीर सिंह महमडा, ओमप्रकाश चौबारा, धर्मपाल यादव, कृष्ण मेहरा सहित भारी संख्या में पेंशनर्स उपस्थित रहे।