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ठीकरी पहरे के बावजूद चोटी कटने का सिलसिला जारी
Updated Sat, 29 Jul 2017 11:03 PM IST
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ठीकरी पहरे के बावजूद चोटी कटने का सिलसिला जारी
भट्टूकलां।
गांव किरढ़ान में ठीकरी पहरे के बावजूद भी लगातार तीन दिनों से महिलाओं के सिर के बाल (चोटी) कटने का सिलसिला लगातार जारी है। जिस कारण पूरे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। महिलाएं और बच्चे बुरी तरह से सहमे हुए है और लोग अब बाहर खुले में सोने की बजाए बंद कमरों में सोने लगे है। लेकिन अब बंद कमरों में ही चोटी कट रही है जो की गंभीर मामला बनता जा रहा है। शुक्रवार रात्रि को भी आरती पत्नी बंसी लाल जोकि बंद कमरे में सोई हुई थी कि अचानक किसी ने चोटी कट गई। आरती देवी ने इसकी पड़ताल की, लेकिन मौके पर कोई नहीं मिला। लेकिन जब सुबह उठकर देखा तो उसकी चोटी के बाल दरवाजे के कुंडे पर लटके हुए थे। आरती देवी ने बताया कि वह अपनी जिंदगी में कभी नहीं डरी लेकिन ऐसी घटना होने के बाद भय महसूस होने लगा है। किरढाण गांव के सरपंच प्रतिनिधि उग्र सेन मेहरा ने बताया कि गांव में ऐसी अजीबो-गरीब घटना होना समझ से परे है। उन्होंने बताया कि इस बारे में प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत करवाया जायेगा ताकि वे गांव में होने वाली ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए कोई कदम उठा सके। वहीं गांव का अमन चैन बरकरार रह सके। जब इस बारे में ग्रामीणों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इसमें किसी तांत्रिक विद्या का भी रोल हो सकता है।
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भट्टूकलां।
गांव किरढ़ान में ठीकरी पहरे के बावजूद भी लगातार तीन दिनों से महिलाओं के सिर के बाल (चोटी) कटने का सिलसिला लगातार जारी है। जिस कारण पूरे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। महिलाएं और बच्चे बुरी तरह से सहमे हुए है और लोग अब बाहर खुले में सोने की बजाए बंद कमरों में सोने लगे है। लेकिन अब बंद कमरों में ही चोटी कट रही है जो की गंभीर मामला बनता जा रहा है। शुक्रवार रात्रि को भी आरती पत्नी बंसी लाल जोकि बंद कमरे में सोई हुई थी कि अचानक किसी ने चोटी कट गई। आरती देवी ने इसकी पड़ताल की, लेकिन मौके पर कोई नहीं मिला। लेकिन जब सुबह उठकर देखा तो उसकी चोटी के बाल दरवाजे के कुंडे पर लटके हुए थे। आरती देवी ने बताया कि वह अपनी जिंदगी में कभी नहीं डरी लेकिन ऐसी घटना होने के बाद भय महसूस होने लगा है। किरढाण गांव के सरपंच प्रतिनिधि उग्र सेन मेहरा ने बताया कि गांव में ऐसी अजीबो-गरीब घटना होना समझ से परे है। उन्होंने बताया कि इस बारे में प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत करवाया जायेगा ताकि वे गांव में होने वाली ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए कोई कदम उठा सके। वहीं गांव का अमन चैन बरकरार रह सके। जब इस बारे में ग्रामीणों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इसमें किसी तांत्रिक विद्या का भी रोल हो सकता है।