{"_id":"542a09a385b7e0afb0d5a03b95cf5f12","slug":"9-more-workers-relieved-from-civil-hospital-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिविल अस्पताल से 9 कर्मचारियों की छुट्टी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिविल अस्पताल से 9 कर्मचारियों की छुट्टी
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद
Updated Fri, 01 Jan 2016 11:37 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विभाग द्वारा एमएममवाई कर्मचारियों को एक साल में दूसरी बार हटाने का मामला सामने आया है। अब जल्द इन्हीं कर्मचारियों को दोबारा रखने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने वर्ष 2013 में हरियाणा भर के सिविल अस्पतालों में मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के तहत 200 के लगभग कर्मचारियों की नियुक्ति की थी।
मार्च 2015 में समय अवधि खत्म होने से पहले एक्सटेंशन बढ़ा दिया गया था। जून में एक्सटेंशन फिर हटा दिया गया लेकिन फिर 6 महीने के लिए आगे बढ़ा दिया गया।
31 दिसंबर 2015 को यह बढ़ाई गई अवधि भी खत्म हो गई। लेकिन विभाग ने फिर एक्सटेंशन नहीं बढ़ाई। जिसके बाद सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से सभी 9 कर्मचारियों को रिलीव कर दिया गया।
यहां पर तैनात थे कर्मचारी
रजिस्ट्रेशन काउंटर- 3
फार्मासिस्ट- 4
लैब टैक्नीशियन- 2
ठेके पर तैनात कर्मचारियों के हाथों में कमान
कर्मचारियों को हटाने के बाद ठेकेदार के माध्यम से लगाए गए कर्मचारियों को रजिस्ट्रेशन काउंटर पर बिठाया गया है जो कर्मचारियों की समझ से परे है।
सिविल सर्जन डा.अशोक चौधरी भी मानते हैं कि कर्मचारियों को हटाने से व्यवस्था खराब होगी क्योंकि अस्पताल में पहले से ही स्टाफ का टोटा है। दूसरी ओर अस्पताल को ऑनलाइन करने का काम किया जा रहा है। ऐसे में कर्मचारियों को हटाने से सिस्टम बिगड़ सकता है।
विज्ञापन
जेएसएसके कर्मचारियों को पहले दिया जा चुका है झटका
स्वास्थ्य विभाग द्वारा इससे पहले 22 जेएसएसके कर्मचारियों को हटाया जा चुका है। इनका काम जच्चा बच्चा की देखभाल करना था। जिला आरंभिक केन्द्र में लगे चार कर्मचारियों को हटाया गया लेकिन उन्हें कोर्ट से स्टे मिल गया।
उसके बाद फैमिली प्लानिंग के तहत लगे कर्मचारियों तथा आशा सहयोगियों को भी हटाया जा सकता है। सूत्रों की मानें तो एनएचएम में अभी कई बार छंटनियां हो सकती है।
एमएमवाई कर्मचारियों के साथ मजाक कर रही है सरकार
अगर कर्मचारियों को एक्सटेंशन देनी ही है तो सही ढंग से दें। रिलीव किया जाता है, फिर बुला लिया जाता है। एमएमवाई के तहत लगे कर्मचारी पूरी तरह से एक्सपर्ट हैं। सरकार के इस मजाक की वजह से आम जनता को परेशान होना पड़ रहा है।
प्रमोद कुमार
एमएमवाई कर्मचारी
31 दिसंबर तक सेशन थी, वह खत्म हो गई है। आगे रखने के लिए कोई आदेश नहीं आए हैं। कर्मचारियों को हटाने से दिक्कत तो आई है।
डा.अशोक चौधरी
सिविल सर्जन
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग ने वर्ष 2013 में हरियाणा भर के सिविल अस्पतालों में मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के तहत 200 के लगभग कर्मचारियों की नियुक्ति की थी।
मार्च 2015 में समय अवधि खत्म होने से पहले एक्सटेंशन बढ़ा दिया गया था। जून में एक्सटेंशन फिर हटा दिया गया लेकिन फिर 6 महीने के लिए आगे बढ़ा दिया गया।
31 दिसंबर 2015 को यह बढ़ाई गई अवधि भी खत्म हो गई। लेकिन विभाग ने फिर एक्सटेंशन नहीं बढ़ाई। जिसके बाद सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से सभी 9 कर्मचारियों को रिलीव कर दिया गया।
विज्ञापन
यहां पर तैनात थे कर्मचारी
रजिस्ट्रेशन काउंटर- 3
फार्मासिस्ट- 4
लैब टैक्नीशियन- 2
ठेके पर तैनात कर्मचारियों के हाथों में कमान
कर्मचारियों को हटाने के बाद ठेकेदार के माध्यम से लगाए गए कर्मचारियों को रजिस्ट्रेशन काउंटर पर बिठाया गया है जो कर्मचारियों की समझ से परे है।
सिविल सर्जन डा.अशोक चौधरी भी मानते हैं कि कर्मचारियों को हटाने से व्यवस्था खराब होगी क्योंकि अस्पताल में पहले से ही स्टाफ का टोटा है। दूसरी ओर अस्पताल को ऑनलाइन करने का काम किया जा रहा है। ऐसे में कर्मचारियों को हटाने से सिस्टम बिगड़ सकता है।
विज्ञापन
जेएसएसके कर्मचारियों को पहले दिया जा चुका है झटका
स्वास्थ्य विभाग द्वारा इससे पहले 22 जेएसएसके कर्मचारियों को हटाया जा चुका है। इनका काम जच्चा बच्चा की देखभाल करना था। जिला आरंभिक केन्द्र में लगे चार कर्मचारियों को हटाया गया लेकिन उन्हें कोर्ट से स्टे मिल गया।
उसके बाद फैमिली प्लानिंग के तहत लगे कर्मचारियों तथा आशा सहयोगियों को भी हटाया जा सकता है। सूत्रों की मानें तो एनएचएम में अभी कई बार छंटनियां हो सकती है।
एमएमवाई कर्मचारियों के साथ मजाक कर रही है सरकार
अगर कर्मचारियों को एक्सटेंशन देनी ही है तो सही ढंग से दें। रिलीव किया जाता है, फिर बुला लिया जाता है। एमएमवाई के तहत लगे कर्मचारी पूरी तरह से एक्सपर्ट हैं। सरकार के इस मजाक की वजह से आम जनता को परेशान होना पड़ रहा है।
प्रमोद कुमार
एमएमवाई कर्मचारी
31 दिसंबर तक सेशन थी, वह खत्म हो गई है। आगे रखने के लिए कोई आदेश नहीं आए हैं। कर्मचारियों को हटाने से दिक्कत तो आई है।
डा.अशोक चौधरी
सिविल सर्जन