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बाढ़ से जूझ रहे भूना के 9 इलाके, तीन स्थानों से उतरा पानी
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भूना के गुरुद्वारे में जरूरतमंदों के लिए लंगर तैयार करतीं महिलाएं।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद/भूना। भूना में नौ इलाके अभी भी बाढ़ से जूझ रहे हैं, तीन स्थानों से जलभराव हटाया गया है। वहीं हिसार रोड पर हालात अभी भी बदतर हैं। कैबिनेट मंत्री देवेंद्र बबली भी वीरवार को भूना पहुंचे और हालातों का जायजा लिया। नेहरू पार्क के पास बुधवार रात कुछ शरारती तत्वों ने एक नाव को तोड़ दिया।
शहर भूना में कुला रोड, शहीद उधम सिंह चौक से लेकर रविदास मंदिर तक, पुराना बस स्टैंड से लेकर गुरुद्वारा तक की मुख्य सड़क से पानी निकाल दिया गया है। यहां हालात सामान्य होने के कारण कुछ दुकानदारों ने राहत की सांस ली है। परंतु हिसार रोड, शिव कॉलोनी, नेहरू पार्क एरिया, मॉडल टाउन, अनाज मंडी, श्याम विहार कॉलोनी, न्यू सनराइज स्कूल एरिया व चंदननगर के हालात सुधरने में अभी काफी समय लग सकता है। यहां पर अभी भी तीन से साढ़े तीन फुट तक पानी जमा है।
बंद दुकानों से खराब सामान व बेसमेंट से निकाल रहे पानी
भूना के हिसार रोड पर पानी थोड़ा कम होने पर छह दिन बाद दुकानदार अपनी दुकानों के हालात देखने के लिए पहुंचे। यहां पर हैंडलूम, गारमेंट्स, हार्डवेयर, किराना आदि की दुकानों का लगभग सारा सामान खराब हो चुका है। दुकानदार वीरवार को अपनी दुकानों से खराब सामान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में लादकर ले जाते हुए देखे गए। दुकानदारों ने बताया कि उनका लगभग पूरा सामान खराब हो चुका है। प्रशासन व सरकार की ओर से उनको कोई राहत नहीं मिली है। वहीं हिसार रोड पर ही बेसमेंटों से दुकानदार अपनी दुकानों से मोटरों के माध्यम से पानी निकालते देखे गए। वह दुकानों से पानी हिसार रोड पर जलभराव में डाल रहे थे, लेकिन ट्रैक्टरों के चलते रहने के कारण पानी वापस उनके बेसमेंट में जा रहा था।
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दशहरे पर नहीं हो सकेगा रावण दहन
भूना में रामलीला ग्राउंड में 71 साल से रामलीला का मंचन हो रहा है, लेकिन इस बार जलभराव के कारण रामलीला नहीं हो पाई। यही नहीं पानी भरे होने के कारण इस बार दशहरे पर रावण दहन भी नहीं हो पाएगा। प्रभावित क्षेत्र के जो लोग घर छोड़कर अन्य स्थानों पर शरण लिए हुए हैं, वह पानी निकलने के इंतजार में है, ताकि वापस आकर अपने घरों को संभाल सकें।
पानी में खड़े होकर दवा दे रहे स्वास्थ्यकर्मी
रेडक्रॉस व स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक व कर्मचारी लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों तक जाकर मदद पहुंचा रहे हैं। जलभराव के बीच ही स्वास्थ्यकर्मी जज्बे के साथ लगे हुए हैं। वह लोगों को जरूरी दवाएं दे रहे हैं और साथ ही जो लोग किसी कारण से चोटिल हुए हैं, उनको फर्स्ट एड दिया जा रहा है।
पंचायत मंत्री ने 100 से 150 कर्मी सफाई में जुटाने को कहा
विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली ने भूना महाविद्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर जलभराव से निपटने के प्रबंधों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जलभराव के चलते संक्रामक बीमारियों फैलने की आशंका होती है, ऐसे में जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में पानी निकासी के साथ-साथ फॉगिंग का कार्य किया जाए और सफाई व्यवस्था दुरुस्त की जाए। सफाई के लिए मंत्री ने 100 से 150 कर्मचारियों को लगाने के निर्देश दिए।
पेयजल के पैसे प्रशासन करेगा वहन
डीसी जगदीश शर्मा ने बताया कि कस्बे में टैंकरों व कैंपर के माध्यम से पेजयल आपूर्ति की जा रही है। पेयजल के पैसे जिला प्रशासन द्वारा वहन किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि किसी कर्मचारी या अन्य किसी व्यक्ति द्वारा पेयजल के पैसे वसूल किए जाने की शिकायत आती है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया है कि वे पानी के टैंकर पर तैनात या कैंपर के माध्यम से पानी देने वाले किसी भी व्यक्ति को पैसे ना दें।
950 लोग नुकसान की दे चुके हैं शिकायत
भूना में आई आपदा से लोगों को भारी नुकसान हुआ है। पिछले तीन दिनों में ही प्रशासन के पास 950 लोगों ने आवेदन करके नुकसान भरपाई की मांग की है। उपायुक्त जगदीश शर्मा ने बताया कि प्रशासन का प्रयास है कि जान-माल की हानि को पहले बचाया जाए। नुकसान के आवेदन आ रहे हैं और बाद में सर्वे करवाकर लोगों को सरकार से नुकसान की भरपाई करवाई जाएगी।
कोट
भूना में लोगों तक पानी पहुंचाने के लिए 300 कैंपरों का प्रबंध किया गया है। पांच पंपसेट और लगा दिए हैं। अब 22 पंपसेटों के माध्यम से जल निकासी की जा रही है। सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं द्वारा प्रशासन के साथ मिलकर उकलाना रोड स्थित शिव मंदिर, गुरुद्वारा साहिब, कंबोज धर्मशाला मोची रोड पर भोजन की उचित व्यवस्था की गई है।
-जगदीश शर्मा, उपायुक्त, फतेहाबाद
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शहर भूना में कुला रोड, शहीद उधम सिंह चौक से लेकर रविदास मंदिर तक, पुराना बस स्टैंड से लेकर गुरुद्वारा तक की मुख्य सड़क से पानी निकाल दिया गया है। यहां हालात सामान्य होने के कारण कुछ दुकानदारों ने राहत की सांस ली है। परंतु हिसार रोड, शिव कॉलोनी, नेहरू पार्क एरिया, मॉडल टाउन, अनाज मंडी, श्याम विहार कॉलोनी, न्यू सनराइज स्कूल एरिया व चंदननगर के हालात सुधरने में अभी काफी समय लग सकता है। यहां पर अभी भी तीन से साढ़े तीन फुट तक पानी जमा है।
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बंद दुकानों से खराब सामान व बेसमेंट से निकाल रहे पानी
भूना के हिसार रोड पर पानी थोड़ा कम होने पर छह दिन बाद दुकानदार अपनी दुकानों के हालात देखने के लिए पहुंचे। यहां पर हैंडलूम, गारमेंट्स, हार्डवेयर, किराना आदि की दुकानों का लगभग सारा सामान खराब हो चुका है। दुकानदार वीरवार को अपनी दुकानों से खराब सामान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में लादकर ले जाते हुए देखे गए। दुकानदारों ने बताया कि उनका लगभग पूरा सामान खराब हो चुका है। प्रशासन व सरकार की ओर से उनको कोई राहत नहीं मिली है। वहीं हिसार रोड पर ही बेसमेंटों से दुकानदार अपनी दुकानों से मोटरों के माध्यम से पानी निकालते देखे गए। वह दुकानों से पानी हिसार रोड पर जलभराव में डाल रहे थे, लेकिन ट्रैक्टरों के चलते रहने के कारण पानी वापस उनके बेसमेंट में जा रहा था।
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दशहरे पर नहीं हो सकेगा रावण दहन
भूना में रामलीला ग्राउंड में 71 साल से रामलीला का मंचन हो रहा है, लेकिन इस बार जलभराव के कारण रामलीला नहीं हो पाई। यही नहीं पानी भरे होने के कारण इस बार दशहरे पर रावण दहन भी नहीं हो पाएगा। प्रभावित क्षेत्र के जो लोग घर छोड़कर अन्य स्थानों पर शरण लिए हुए हैं, वह पानी निकलने के इंतजार में है, ताकि वापस आकर अपने घरों को संभाल सकें।
पानी में खड़े होकर दवा दे रहे स्वास्थ्यकर्मी
रेडक्रॉस व स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक व कर्मचारी लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों तक जाकर मदद पहुंचा रहे हैं। जलभराव के बीच ही स्वास्थ्यकर्मी जज्बे के साथ लगे हुए हैं। वह लोगों को जरूरी दवाएं दे रहे हैं और साथ ही जो लोग किसी कारण से चोटिल हुए हैं, उनको फर्स्ट एड दिया जा रहा है।
पंचायत मंत्री ने 100 से 150 कर्मी सफाई में जुटाने को कहा
विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली ने भूना महाविद्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर जलभराव से निपटने के प्रबंधों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जलभराव के चलते संक्रामक बीमारियों फैलने की आशंका होती है, ऐसे में जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में पानी निकासी के साथ-साथ फॉगिंग का कार्य किया जाए और सफाई व्यवस्था दुरुस्त की जाए। सफाई के लिए मंत्री ने 100 से 150 कर्मचारियों को लगाने के निर्देश दिए।
पेयजल के पैसे प्रशासन करेगा वहन
डीसी जगदीश शर्मा ने बताया कि कस्बे में टैंकरों व कैंपर के माध्यम से पेजयल आपूर्ति की जा रही है। पेयजल के पैसे जिला प्रशासन द्वारा वहन किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि किसी कर्मचारी या अन्य किसी व्यक्ति द्वारा पेयजल के पैसे वसूल किए जाने की शिकायत आती है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया है कि वे पानी के टैंकर पर तैनात या कैंपर के माध्यम से पानी देने वाले किसी भी व्यक्ति को पैसे ना दें।
950 लोग नुकसान की दे चुके हैं शिकायत
भूना में आई आपदा से लोगों को भारी नुकसान हुआ है। पिछले तीन दिनों में ही प्रशासन के पास 950 लोगों ने आवेदन करके नुकसान भरपाई की मांग की है। उपायुक्त जगदीश शर्मा ने बताया कि प्रशासन का प्रयास है कि जान-माल की हानि को पहले बचाया जाए। नुकसान के आवेदन आ रहे हैं और बाद में सर्वे करवाकर लोगों को सरकार से नुकसान की भरपाई करवाई जाएगी।
कोट
भूना में लोगों तक पानी पहुंचाने के लिए 300 कैंपरों का प्रबंध किया गया है। पांच पंपसेट और लगा दिए हैं। अब 22 पंपसेटों के माध्यम से जल निकासी की जा रही है। सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं द्वारा प्रशासन के साथ मिलकर उकलाना रोड स्थित शिव मंदिर, गुरुद्वारा साहिब, कंबोज धर्मशाला मोची रोड पर भोजन की उचित व्यवस्था की गई है।
-जगदीश शर्मा, उपायुक्त, फतेहाबाद

भूना के हिसार रोड पर छह दिन से बंद पड़ी दुकानें।- फोटो : Fatehabad

भूना में जलभराव के बीच बच्चे को दवा देने पहुंचा स्वास्थ्यकर्मी।- फोटो : Fatehabad