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Fatehabad News: निजी अस्पताल संचालक से मारपीट के 9 दोषियों को 3-3 साल की कैद , 61-61 हजार रुपये जुर्माने की सजा
Wed, 19 Mar 2025 11:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 19 Mar 2025 11:35 PM IST
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फतेहाबाद। सिरसा रोड पर स्थित निजी अस्पताल के संचालक और दुष्कर्म के आरोपी डॉ. जिम्मी जिंदल को उसके अस्पताल से निकाल कर बाजार में निर्वस्त्र करके घुमाते हुए मारपीट करने के बहुचर्चित मामले में 9 दोषियों को बुधवार को सजा सुनाई गई। सीजेएम राजीव की अदालत ने पूर्व पार्षद और फतेहाबाद विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार रहे राजेंद्र काका चौधरी सहित 9 लोगों को 3-3 साल की कैद और 61-61 हजार जुर्माने की सजा सुनाई।
डाॅ. जिम्मी की पत्नी डाॅ. सिया जिंदल की शिकायत पर यह मामला दर्ज किया था। अदालत ने सभी 9 दोषियों को आईपीसी की धारा 380, 452 में 3-3 साल, 500, 504, 355, 427 व 147 में 2-2 साल और 323 में 1-1 साल की सजा सुनाई है। 9 दोषियों में राजेंद्र चौधरी काका के अलावा बलजीत बिट्टा, कृष्ण कुमार, अनिल कुमार, पूर्व पार्षद सुभाष पपिया, प्रेम सागर, पूर्व पार्षद सुभाष रॉयल, पूर्व पार्षद वीरेंद्र एडवोकेट और रमन कुमार शामिल हैं जबकि इस मामले में एक आरोपी गुरमीत मीटा की ट्रायल के दौरान मौत हो गई थी। अदालत ने सभी 9 दोषियों को जमानत पर रिहा कर दिया।
यह था मामला
डाॅ. जिम्मी जिंदल पर अक्तूबर 2017 में एक छात्रा से छेड़खानी और दुष्कर्म का आरोप लगा था। आईपीसी की धारा 376-सी में एडीजे की कोर्ट सितंबर 2021 में दोषी डॉक्टर को साढ़े पांच साल की कैद की सजा सुना चुकी है। डाॅ. जिम्मी का अस्पताल फतेहाबाद में सिरसा रोड पर था। दुष्कर्म के विरोध में 28 अक्तूबर 2017 को कुछ लोग डाॅ. जिम्मी के अस्पताल पर पहुंचे और वहां तोड़फोड़ कर दी। वे चिकित्सक को पीटते हुए अस्पताल के बाहर ले आए। मुंह पर कालिख पोतकर उसके कपड़े फाड़ दिए थे। आरोपी डॉक्टर को पीटते हुए वह पैदल ही शहर थाने में ले आए। पीड़िता की मां ने आरोप लगाया था कि उसकी बेटी के बुखार दिमाग में चढ़ गया था। मनोरोग विशेषज्ञ को दिखाने की सलाह पर वह उसे डाॅ. जिम्मी के पास ले गईं थीं। इसी दौरान दुष्कर्म का आरोप लगा था।
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डाॅ. जिम्मी की पत्नी डाॅ. सिया जिंदल की शिकायत पर यह मामला दर्ज किया था। अदालत ने सभी 9 दोषियों को आईपीसी की धारा 380, 452 में 3-3 साल, 500, 504, 355, 427 व 147 में 2-2 साल और 323 में 1-1 साल की सजा सुनाई है। 9 दोषियों में राजेंद्र चौधरी काका के अलावा बलजीत बिट्टा, कृष्ण कुमार, अनिल कुमार, पूर्व पार्षद सुभाष पपिया, प्रेम सागर, पूर्व पार्षद सुभाष रॉयल, पूर्व पार्षद वीरेंद्र एडवोकेट और रमन कुमार शामिल हैं जबकि इस मामले में एक आरोपी गुरमीत मीटा की ट्रायल के दौरान मौत हो गई थी। अदालत ने सभी 9 दोषियों को जमानत पर रिहा कर दिया।
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यह था मामला
डाॅ. जिम्मी जिंदल पर अक्तूबर 2017 में एक छात्रा से छेड़खानी और दुष्कर्म का आरोप लगा था। आईपीसी की धारा 376-सी में एडीजे की कोर्ट सितंबर 2021 में दोषी डॉक्टर को साढ़े पांच साल की कैद की सजा सुना चुकी है। डाॅ. जिम्मी का अस्पताल फतेहाबाद में सिरसा रोड पर था। दुष्कर्म के विरोध में 28 अक्तूबर 2017 को कुछ लोग डाॅ. जिम्मी के अस्पताल पर पहुंचे और वहां तोड़फोड़ कर दी। वे चिकित्सक को पीटते हुए अस्पताल के बाहर ले आए। मुंह पर कालिख पोतकर उसके कपड़े फाड़ दिए थे। आरोपी डॉक्टर को पीटते हुए वह पैदल ही शहर थाने में ले आए। पीड़िता की मां ने आरोप लगाया था कि उसकी बेटी के बुखार दिमाग में चढ़ गया था। मनोरोग विशेषज्ञ को दिखाने की सलाह पर वह उसे डाॅ. जिम्मी के पास ले गईं थीं। इसी दौरान दुष्कर्म का आरोप लगा था।
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