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जिले में जल्द घोषित होंगे सामुदायिक सरंक्षित क्षेत्र : डा. आभीर
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वन्य प्राणियों के संरक्षण और बचाव के दिए दिशा-निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। हर व्यक्ति मानव जाति की तरह ही वन्य प्राणियों का भी जीवन बचाने, उनकी सुरक्षा और संरक्षण के लिए अपने कर्तव्यों का पालन करें। यह सभी के लिए संवैधानिक अधिकार और पुण्य का कार्य भी है। यह बात उपायुक्त डॉ. जेके आभीर ने सोमवार को लघु सचिवालय स्थित उपायुक्त कार्यालय में वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए आयोजित एक विशेष बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। उपायुक्त ने राष्ट्रीय पक्षी मोर, राज्य पशु काला हिरण, दुर्लभ कछुओं, तीतर, बटेर, तोता, हिरण, पेंटीड सटोर्क, खरगोश तथा आईविस आदि अन्य वन्य प्राणियों के संरक्षण एवं बचाव के बारे में आवश्यक दिशा निर्देश और मार्गदर्शन किया। उन्होंने काले हिरण व अन्य वन्य प्राणियों की कम होती संख्या के कारणों के बारे में बिंदुवार चर्चा की जैसे प्राकृतिक पर्यावासों का कम होना, ब्लेडनुमा तार, कुत्तों की समस्या, अवैध टोपीदार बंदूकों वाले रखवाले, ट्रीटमेंट सेंटर आदि के बारे में विचार किया गया। उपायुक्त ने कहा कि नजायज हथियार रखने और वन्य प्राणियों का शिकार करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बॉक्स
जिले में शीघ्र घोषित होंगे तीन सामुदायिक संरक्षित क्षेत्र
डॉ. आभीर ने कहा कि प्राकृतिक पर्यावासों की दिशा में प्रशासन प्रयासरत है और शीघ्र ही जिले में तीन सामुदायिक संरक्षित क्षेत्र घोषित होंगे और उनकी तर्ज पर अन्य गांवों को भी शामिल किया जाएगा। ब्लेडनुमा तार जिले में पूर्णत: प्रतिबंध किए जा चुके है। अवैध टोपीदार बंदूकों को जब्त करने व रखवालों का वन्य प्राणी विभाग में रजिस्ट्रेशन करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा पशु क्रूरता निवारण समिति (एसपीसीए) के अधीन ट्रीटमेंट सेंटर, कुत्तों के बधियाकरण के लिए ढाचागत सुविधाएं और काले हिरणों की सुरक्षा के लिए एसकोर्ट गार्ड रखने के लिए एनएचपीसी को प्रोजेक्ट रिपोर्ट भेजने पर विचार विमर्श किया गया। ग्राम पंचायत बड़ोपल द्वारा दी गई तीन एकड़ भूमि में सरकारी पशु चिकित्सालय के साथ ही ट्रीटमेंट सेंटर बनाने के बारे में दिशा निर्देश एवं गहनता से विचार विमर्श किया गया।
बैठक में एनपीसीआईएल से वन्य प्राणी विभाग को वन्य जीवों की मॉनिटरिंग के लिए वाहन देने का प्रस्ताव भेजने के बारे में भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। बैठक में हिसार मंडलीय वन्य प्राणी अधिकारी पवन कुमार ग्रोवर, डीडीएएच डॉ. काशीराम, प्यूपल फॉर एनिमल (पीएफए) के अध्यक्ष विनोद कड़वासरा, वन्य प्राणी निरीक्षक जयविंद्र नेहरा, डॉ. सचिन चोपड़ा, प्रेम कुमार सहित अन्य संस्था के पदाधिकारी और अधिकारी उपस्थित रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। हर व्यक्ति मानव जाति की तरह ही वन्य प्राणियों का भी जीवन बचाने, उनकी सुरक्षा और संरक्षण के लिए अपने कर्तव्यों का पालन करें। यह सभी के लिए संवैधानिक अधिकार और पुण्य का कार्य भी है। यह बात उपायुक्त डॉ. जेके आभीर ने सोमवार को लघु सचिवालय स्थित उपायुक्त कार्यालय में वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए आयोजित एक विशेष बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। उपायुक्त ने राष्ट्रीय पक्षी मोर, राज्य पशु काला हिरण, दुर्लभ कछुओं, तीतर, बटेर, तोता, हिरण, पेंटीड सटोर्क, खरगोश तथा आईविस आदि अन्य वन्य प्राणियों के संरक्षण एवं बचाव के बारे में आवश्यक दिशा निर्देश और मार्गदर्शन किया। उन्होंने काले हिरण व अन्य वन्य प्राणियों की कम होती संख्या के कारणों के बारे में बिंदुवार चर्चा की जैसे प्राकृतिक पर्यावासों का कम होना, ब्लेडनुमा तार, कुत्तों की समस्या, अवैध टोपीदार बंदूकों वाले रखवाले, ट्रीटमेंट सेंटर आदि के बारे में विचार किया गया। उपायुक्त ने कहा कि नजायज हथियार रखने और वन्य प्राणियों का शिकार करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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जिले में शीघ्र घोषित होंगे तीन सामुदायिक संरक्षित क्षेत्र
डॉ. आभीर ने कहा कि प्राकृतिक पर्यावासों की दिशा में प्रशासन प्रयासरत है और शीघ्र ही जिले में तीन सामुदायिक संरक्षित क्षेत्र घोषित होंगे और उनकी तर्ज पर अन्य गांवों को भी शामिल किया जाएगा। ब्लेडनुमा तार जिले में पूर्णत: प्रतिबंध किए जा चुके है। अवैध टोपीदार बंदूकों को जब्त करने व रखवालों का वन्य प्राणी विभाग में रजिस्ट्रेशन करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा पशु क्रूरता निवारण समिति (एसपीसीए) के अधीन ट्रीटमेंट सेंटर, कुत्तों के बधियाकरण के लिए ढाचागत सुविधाएं और काले हिरणों की सुरक्षा के लिए एसकोर्ट गार्ड रखने के लिए एनएचपीसी को प्रोजेक्ट रिपोर्ट भेजने पर विचार विमर्श किया गया। ग्राम पंचायत बड़ोपल द्वारा दी गई तीन एकड़ भूमि में सरकारी पशु चिकित्सालय के साथ ही ट्रीटमेंट सेंटर बनाने के बारे में दिशा निर्देश एवं गहनता से विचार विमर्श किया गया।
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बैठक में एनपीसीआईएल से वन्य प्राणी विभाग को वन्य जीवों की मॉनिटरिंग के लिए वाहन देने का प्रस्ताव भेजने के बारे में भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। बैठक में हिसार मंडलीय वन्य प्राणी अधिकारी पवन कुमार ग्रोवर, डीडीएएच डॉ. काशीराम, प्यूपल फॉर एनिमल (पीएफए) के अध्यक्ष विनोद कड़वासरा, वन्य प्राणी निरीक्षक जयविंद्र नेहरा, डॉ. सचिन चोपड़ा, प्रेम कुमार सहित अन्य संस्था के पदाधिकारी और अधिकारी उपस्थित रहे।
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