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हड़ताल बेअसर : बिजली-जनस्वास्थ्य विभाग में कच्चे कर्मियों ने किया काम, नए चालक-परिचालकों ने संभाला रोडवेज का स्टेयरिंग
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हड़ताल बेअसर : बिजली, जन स्वास्थ्य विभाग के कच्चे कर्मियों ने किया काम, नए चालक-परिचालक ने चलाईं रोडवेज बसें
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर बुलाई गई दो दिवसीय हड़ताल फतेहाबाद में पहले दिन बेअसर रही। हड़ताल का असर केवल नगर परिषद में ही अधिक देखने को मिला। नगर परिषद के सभी कच्चे व पक्के सफाई कर्मचारी तथा दमकल विभाग के भी अधिकतर कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने से शहर में सफाई नहीं हो पाई। जिस कारण शहर में विभिन्न स्थानों पर कूड़े के ढेर नजर आए। डंपिंग प्वाइंटों से भी कचरा नहीं उठाया गया। वहीं जन स्वास्थ्य तथा बिजली विभाग के पक्के कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के बाद इन विभागों में अनुबंध पर लगे कर्मचारियों ने मोर्चा संभाला तथा आमजन के कार्य सामान्य तरीके से होते रहे। इसके अलावा सिंचाई विभाग के केवल दो ही कर्मचारी हड़ताल पर रहे जबकि वन विभाग यूनियन ने हड़ताल में हिस्सा नहीं लिया। माना जा रहा था कि हड़ताल का सबसे ज्यादा असर रोडवेज पर पड़ेगा लेकिन नए भर्ती हुए चालकों तथा परिचालकों के साथ कुछ पुराने कर्मचारियों द्वारा बसें चलाने के बाद पूरा दिन बसें सामान्य से कुछ कम चली लेकिन अधिकतर रूटों पर बसें चलने से आमजन को उतनी परेशानी नहीं आई।
सुबह 4 बजे ही चला दी गई थी पहली बस
हड़ताल को कमजोर करने के लिए जिला प्रशासन व परिवहन विभाग ने पूरे प्रबंध किए थे। मंगलवार को सुबह तीन बजे ही रोडवेज जीएम जयवीर यादव सहित सभी अधिकारी बस स्टैंड परिसर में पहुंच गए थे। इसके अलावा बस स्टैंड में सुरक्षा के तहत भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया था। विभाग ने सुबह 4 बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पहली बस को दिल्ली के लिए भेज दिया था।
नप और दमकल के सभी कर्मचारी रहे हड़ताल पर
अन्य विभागों में जहां हड़ताल का असर बेहद कम नजर आया वहीं नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों व दमकल विभाग के सभी कर्मचारियों हड़ताल पर रहे। सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से शहर में सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई तथा डंपिंग प्वाइंट से कूड़ा नहीं उठाया गया।
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सिंचाई विभाग के केवल 2 कर्मी रहे हड़ताल पर
ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर की गई हड़ताल सिंचाई विभाग में सबसे अधिक बेअसर दिखी। यहां पर इक्का-दुक्का कर्मचारियों को छोड़कर कोई भी कर्मचारी हड़ताल में शामिल होने नहीं पहुंचा। इसी तरह जिला वन विभाग के कर्मचारियों ने हड़ताल में हिस्सा नहीं लिया। उक्त दोनों विभागों में पूरा दिन कामकाज सामान्य की तरह ही होता रहा।
लंबे रूटों पर रहा रोडवेज का फोकस, लोकल रूटाें पर परेशान हुए यात्री
जिला रोडवेज के कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने के कारण रोडवेज की बसें तो चली लेकिन सामान्य से काफी कम। इतना ही नहीं, हड़ताल के दौरान रोडवेज व जिला प्रशासन के अधिकारियों का फोकस भी दिल्ली-चंडीगढ़ के लंबे रूटों पर बसें चलाने का रहा। ग्रामीण व लोकल रूटों पर बसें कम चली जिसके कारण हिसार, भूना, सिरसा, भट्टू, भिरड़ाना, बीराबदी सहित कई रूटों पर यात्रियों को घंटों बसों को इंतजार करना पड़ा। लंबा इंतजार करने के कारण अधिक परेशानी महिलाओं बच्चों व बुजुर्गों को हुई। इसके अलावा लोकल रूटों पर भी बसों के फेरे कम होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
किस विभाग में कितने कर्मचारी रहे हड़ताल पर
विभाग कुल कर्मचारी हड़ताल पर
रोडवेज 754 141
जन स्वास्थ्य 173 58
बिजली विभाग 744 615 ृ सिंचाई 147 02
नगर परिषद 171 171
इन्होंने संभाला सुरक्षा का जिम्मा
हड़ताल को लेकर पुलिस विभाग भी पूरी तरह से मुस्तैद नजर आया। जिले के चारों डीएसपी की ड्यूटी लगाई गई थी। जहां डीएसपी मुख्यालय धर्मवीर पूनियां फतेहाबाद बस स्टैंड में मौजूद रहे। भट्टू में डीएसपी उमेद सिंह, भूना व रतिया में डीएसपी जगदीश काजला तो टोहाना में डीएसपी जोगिंद्र सिंह तैनात रहे। इसके अलावा फतेहाबाद में पुलिस की एक कंपनी तथा टोहाना में आधी कंपनी तैनात की गई थी। इसके अलावा भी 6 इंस्पेक्टर व सभी थाना प्रभारियों की ड्यूटी लगाई गई थी।
ये है कर्मचारियों की मांगे
1. न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये लागू करने।
2. मनरेगा का काम 200 दिन और दिहाड़ी 600 रुपये की जाए।
3. कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना।
4. नई भर्तियां कर बेरोजगारों को स्थायी रोजगार देना।
5. स्कीम वर्करों को समान काम समान वेतन देने व इन्हें पक्का किया जाए।
6. किसानों के साथ मंडियों में हो रही ठगी पर रोक लगाई जाए।
7. स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू कर फसल का भाव लागत का डेढ़ गुणा देने
8. किसानों के साथ ठगी करने वाली बीमा कंपनियों पर रोक लगाने की मांग
जिले में हड़ताल लगभग बेअसर रही है, सभी विभागों में काम सामान्य रूप से हुए हैं। रोडवेज की भी ज्यादातर बसें चलने से यात्रियों को कोई परेशानी नहीं हुई, बुधवार को भी ऐसे ही इंतजाम किए गए हैं।
- जेके आभीर, डीसी फतेहाबाद।
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर बुलाई गई दो दिवसीय हड़ताल फतेहाबाद में पहले दिन बेअसर रही। हड़ताल का असर केवल नगर परिषद में ही अधिक देखने को मिला। नगर परिषद के सभी कच्चे व पक्के सफाई कर्मचारी तथा दमकल विभाग के भी अधिकतर कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने से शहर में सफाई नहीं हो पाई। जिस कारण शहर में विभिन्न स्थानों पर कूड़े के ढेर नजर आए। डंपिंग प्वाइंटों से भी कचरा नहीं उठाया गया। वहीं जन स्वास्थ्य तथा बिजली विभाग के पक्के कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के बाद इन विभागों में अनुबंध पर लगे कर्मचारियों ने मोर्चा संभाला तथा आमजन के कार्य सामान्य तरीके से होते रहे। इसके अलावा सिंचाई विभाग के केवल दो ही कर्मचारी हड़ताल पर रहे जबकि वन विभाग यूनियन ने हड़ताल में हिस्सा नहीं लिया। माना जा रहा था कि हड़ताल का सबसे ज्यादा असर रोडवेज पर पड़ेगा लेकिन नए भर्ती हुए चालकों तथा परिचालकों के साथ कुछ पुराने कर्मचारियों द्वारा बसें चलाने के बाद पूरा दिन बसें सामान्य से कुछ कम चली लेकिन अधिकतर रूटों पर बसें चलने से आमजन को उतनी परेशानी नहीं आई।
सुबह 4 बजे ही चला दी गई थी पहली बस
हड़ताल को कमजोर करने के लिए जिला प्रशासन व परिवहन विभाग ने पूरे प्रबंध किए थे। मंगलवार को सुबह तीन बजे ही रोडवेज जीएम जयवीर यादव सहित सभी अधिकारी बस स्टैंड परिसर में पहुंच गए थे। इसके अलावा बस स्टैंड में सुरक्षा के तहत भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया था। विभाग ने सुबह 4 बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पहली बस को दिल्ली के लिए भेज दिया था।
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नप और दमकल के सभी कर्मचारी रहे हड़ताल पर
अन्य विभागों में जहां हड़ताल का असर बेहद कम नजर आया वहीं नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों व दमकल विभाग के सभी कर्मचारियों हड़ताल पर रहे। सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से शहर में सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई तथा डंपिंग प्वाइंट से कूड़ा नहीं उठाया गया।
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सिंचाई विभाग के केवल 2 कर्मी रहे हड़ताल पर
ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर की गई हड़ताल सिंचाई विभाग में सबसे अधिक बेअसर दिखी। यहां पर इक्का-दुक्का कर्मचारियों को छोड़कर कोई भी कर्मचारी हड़ताल में शामिल होने नहीं पहुंचा। इसी तरह जिला वन विभाग के कर्मचारियों ने हड़ताल में हिस्सा नहीं लिया। उक्त दोनों विभागों में पूरा दिन कामकाज सामान्य की तरह ही होता रहा।
लंबे रूटों पर रहा रोडवेज का फोकस, लोकल रूटाें पर परेशान हुए यात्री
जिला रोडवेज के कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने के कारण रोडवेज की बसें तो चली लेकिन सामान्य से काफी कम। इतना ही नहीं, हड़ताल के दौरान रोडवेज व जिला प्रशासन के अधिकारियों का फोकस भी दिल्ली-चंडीगढ़ के लंबे रूटों पर बसें चलाने का रहा। ग्रामीण व लोकल रूटों पर बसें कम चली जिसके कारण हिसार, भूना, सिरसा, भट्टू, भिरड़ाना, बीराबदी सहित कई रूटों पर यात्रियों को घंटों बसों को इंतजार करना पड़ा। लंबा इंतजार करने के कारण अधिक परेशानी महिलाओं बच्चों व बुजुर्गों को हुई। इसके अलावा लोकल रूटों पर भी बसों के फेरे कम होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
किस विभाग में कितने कर्मचारी रहे हड़ताल पर
विभाग कुल कर्मचारी हड़ताल पर
रोडवेज 754 141
जन स्वास्थ्य 173 58
बिजली विभाग 744 615 ृ सिंचाई 147 02
नगर परिषद 171 171
इन्होंने संभाला सुरक्षा का जिम्मा
हड़ताल को लेकर पुलिस विभाग भी पूरी तरह से मुस्तैद नजर आया। जिले के चारों डीएसपी की ड्यूटी लगाई गई थी। जहां डीएसपी मुख्यालय धर्मवीर पूनियां फतेहाबाद बस स्टैंड में मौजूद रहे। भट्टू में डीएसपी उमेद सिंह, भूना व रतिया में डीएसपी जगदीश काजला तो टोहाना में डीएसपी जोगिंद्र सिंह तैनात रहे। इसके अलावा फतेहाबाद में पुलिस की एक कंपनी तथा टोहाना में आधी कंपनी तैनात की गई थी। इसके अलावा भी 6 इंस्पेक्टर व सभी थाना प्रभारियों की ड्यूटी लगाई गई थी।
ये है कर्मचारियों की मांगे
1. न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये लागू करने।
2. मनरेगा का काम 200 दिन और दिहाड़ी 600 रुपये की जाए।
3. कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना।
4. नई भर्तियां कर बेरोजगारों को स्थायी रोजगार देना।
5. स्कीम वर्करों को समान काम समान वेतन देने व इन्हें पक्का किया जाए।
6. किसानों के साथ मंडियों में हो रही ठगी पर रोक लगाई जाए।
7. स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू कर फसल का भाव लागत का डेढ़ गुणा देने
8. किसानों के साथ ठगी करने वाली बीमा कंपनियों पर रोक लगाने की मांग
जिले में हड़ताल लगभग बेअसर रही है, सभी विभागों में काम सामान्य रूप से हुए हैं। रोडवेज की भी ज्यादातर बसें चलने से यात्रियों को कोई परेशानी नहीं हुई, बुधवार को भी ऐसे ही इंतजाम किए गए हैं।
- जेके आभीर, डीसी फतेहाबाद।