{"_id":"5c0028a4bdec2241ce7265e9","slug":"81543514276-fatehabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"समय से पहले नहर बंद करने पर बिफरे दस गांवों के किसान, दफ्तर में अफसरों को बंधक बनाकर किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
समय से पहले नहर बंद करने पर बिफरे दस गांवों के किसान, दफ्तर में अफसरों को बंधक बनाकर किया प्रदर्शन
Updated Thu, 29 Nov 2018 11:27 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। तय समय से एक सप्ताह पहले नहरों में पानी बंद करने पर वीरवार को किसानों का गुस्सा चरम पर पहुंच गया। भट्टू खंड के दस गांवों के किसानों ने सिंचाई विभाग के दफ्तर का घेराव कर सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर परेशान करने का आरोप लगाया। इस मौके पर किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी भी की।
उनकी बात सुनने पहुंचे जनस्वास्थ्य विभाग के एसई ओमप्रकाश और कार्यकारी अभियंता सतीश जनेवा को किसानों ने अपने बीच ही बिठा लिया। किसानों ने लगभग दो घंटे तक दोनों अधिकारियों को अपने बीच बिठाकर न केवल खरी-खोटी सुनाई बल्कि जल्द उनकी समस्या का समाधान ना होने पर आंदोलन के दूसरे तरीके अपनाने की चेतावनी भी दे डाली। इसके बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने पांच घंटे में नहर शुरू करने का आश्वासन देकर अपनी जान छुड़ाई।
सिंचाई विभाग के कार्यालय में प्रदर्शन करने पहुंचे गांव ढिंगसरा, मानावाली, शहिदावाली, भोडिया, कुकडा़वाली, बोदीवाली, महूवाला, सरवरपुर व खेराती खेड़ा सहित 10 गांवों के सैकड़ों किसानों ने बताया कि विभाग के नियमानुसार 5 दिसंबर तक पानी चलना था और इस बात का विभाग के एक्सईएन ने उन्हें आश्वासन भी दिया था कि उनकी नहर 5 दिसंबर तक चलेगी। किसानों सुरेंद्र, महेंद्र, हवासिंह, व रामफल आदि का आरोप है कि अधिकारियों के आश्वासन के बावजूद बुधवार शाम को ही नहर में पानी बंद कर दिया गया। किसानों ने कहा कि इस समय गेहूं की बिजाई का समय है ऐसे में एक सप्ताह पहले पानी बंद होने के कारण उन्हें भारी परेशानी हो रही है। प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बताया कि इस समय गेहूं की बिजाई करने के साथ सरसों में सिंचाई करने का समय है ऐसे में विभाग द्वारा समय से पहले पानी बंद कर देना उनके साथ अन्याय है। किसानों ने बताया कि कुछ खेतों में गेहूं की फसल पानी पर है जिसमें किसानों ने पानी से पहले खाद डाल दी है लेकिन अब पानी बंद होने के कारण उनके द्वारा डाली गई खाद खराब हो रही है। इतना ही नहीं कुछ किसानों ने तो 5 तक पानी चलने की आस में सूखे खेत में गेहूं की बिजाई कर दी, लेकिन अब पानी ना आने के कारण उनकी खाद व्यर्थ जा रही है।
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बीघड़ हैड से निकलती है खेड़ी व सिरसा ब्रांच नहर
सिंचाई विभाग से मिली जानकारी के अनुसार भाखड़ा से आने वाली मुख्य नहर के गांव बीघड़ के पास दो भागों में बंट जाती है, जिसमें से एक नहर खेड़ी ब्रांच जो राजस्थान की तरफ जाती है तथा दूसरी नहर सिरसा ब्रांच है जिसमें से निकले वाले मानावाली माइनर से फतेहाबाद के गांव ढिंगसरा, मानावाली, शहीदांवाली, भोडिय़ा, कुकड़ावाली, बोदीवाली, महूवाला, सरवरपुर व खेरातीखेड़ा सहित कई गांवों के खेतों को पानी लगता है। ऐसे में सिरसा ब्रांच में पानी बंद होने के कारण मानावाली माईनर भी बंद हो गया है जिस कारण किसानों में रोष है।
किसान भड़के तो अफसरों ने पांच घंटे में दिया नहर चलाने का आश्वासन
सिंचाई विभाग के एक्सईएन सतीश जनेवा ने किसानों को आश्वासन दिया कि 5 घंटे बाद उनकी नहर में पानी छोड़ दिया जाएगा। जनेवा ने बताया कि मुख्य नहर की दोनों ब्रांचों में नियमानुसार 15-15 दिन पानी छोड़ा जाता है लेकिन सिरसा ब्रांच में अक्तूबर महीने में 7 दिन अधिक पानी छोड़ा गया था इसी कारण से इस बार जल्दी बंद कर दिया गया है। लेकिन किसानों की जरूरत को देखते हुए अब सिरसा ब्रांच में 50 क्यूसिक पानी छोड़ा गया है ताकि मानावाली माइनर में 25 क्यूसिक पानी दिया जा सके। उन्होंने कहा कि किसानों की जरूरत के अनुसार 5 दिसंबर तक पानी चलाया जाएगा, आवश्यकता पड़ने पर और भी बढ़ाया जा सकता है।
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फतेहाबाद। तय समय से एक सप्ताह पहले नहरों में पानी बंद करने पर वीरवार को किसानों का गुस्सा चरम पर पहुंच गया। भट्टू खंड के दस गांवों के किसानों ने सिंचाई विभाग के दफ्तर का घेराव कर सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर परेशान करने का आरोप लगाया। इस मौके पर किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी भी की।
उनकी बात सुनने पहुंचे जनस्वास्थ्य विभाग के एसई ओमप्रकाश और कार्यकारी अभियंता सतीश जनेवा को किसानों ने अपने बीच ही बिठा लिया। किसानों ने लगभग दो घंटे तक दोनों अधिकारियों को अपने बीच बिठाकर न केवल खरी-खोटी सुनाई बल्कि जल्द उनकी समस्या का समाधान ना होने पर आंदोलन के दूसरे तरीके अपनाने की चेतावनी भी दे डाली। इसके बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने पांच घंटे में नहर शुरू करने का आश्वासन देकर अपनी जान छुड़ाई।
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सिंचाई विभाग के कार्यालय में प्रदर्शन करने पहुंचे गांव ढिंगसरा, मानावाली, शहिदावाली, भोडिया, कुकडा़वाली, बोदीवाली, महूवाला, सरवरपुर व खेराती खेड़ा सहित 10 गांवों के सैकड़ों किसानों ने बताया कि विभाग के नियमानुसार 5 दिसंबर तक पानी चलना था और इस बात का विभाग के एक्सईएन ने उन्हें आश्वासन भी दिया था कि उनकी नहर 5 दिसंबर तक चलेगी। किसानों सुरेंद्र, महेंद्र, हवासिंह, व रामफल आदि का आरोप है कि अधिकारियों के आश्वासन के बावजूद बुधवार शाम को ही नहर में पानी बंद कर दिया गया। किसानों ने कहा कि इस समय गेहूं की बिजाई का समय है ऐसे में एक सप्ताह पहले पानी बंद होने के कारण उन्हें भारी परेशानी हो रही है। प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बताया कि इस समय गेहूं की बिजाई करने के साथ सरसों में सिंचाई करने का समय है ऐसे में विभाग द्वारा समय से पहले पानी बंद कर देना उनके साथ अन्याय है। किसानों ने बताया कि कुछ खेतों में गेहूं की फसल पानी पर है जिसमें किसानों ने पानी से पहले खाद डाल दी है लेकिन अब पानी बंद होने के कारण उनके द्वारा डाली गई खाद खराब हो रही है। इतना ही नहीं कुछ किसानों ने तो 5 तक पानी चलने की आस में सूखे खेत में गेहूं की बिजाई कर दी, लेकिन अब पानी ना आने के कारण उनकी खाद व्यर्थ जा रही है।
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बीघड़ हैड से निकलती है खेड़ी व सिरसा ब्रांच नहर
सिंचाई विभाग से मिली जानकारी के अनुसार भाखड़ा से आने वाली मुख्य नहर के गांव बीघड़ के पास दो भागों में बंट जाती है, जिसमें से एक नहर खेड़ी ब्रांच जो राजस्थान की तरफ जाती है तथा दूसरी नहर सिरसा ब्रांच है जिसमें से निकले वाले मानावाली माइनर से फतेहाबाद के गांव ढिंगसरा, मानावाली, शहीदांवाली, भोडिय़ा, कुकड़ावाली, बोदीवाली, महूवाला, सरवरपुर व खेरातीखेड़ा सहित कई गांवों के खेतों को पानी लगता है। ऐसे में सिरसा ब्रांच में पानी बंद होने के कारण मानावाली माईनर भी बंद हो गया है जिस कारण किसानों में रोष है।
किसान भड़के तो अफसरों ने पांच घंटे में दिया नहर चलाने का आश्वासन
सिंचाई विभाग के एक्सईएन सतीश जनेवा ने किसानों को आश्वासन दिया कि 5 घंटे बाद उनकी नहर में पानी छोड़ दिया जाएगा। जनेवा ने बताया कि मुख्य नहर की दोनों ब्रांचों में नियमानुसार 15-15 दिन पानी छोड़ा जाता है लेकिन सिरसा ब्रांच में अक्तूबर महीने में 7 दिन अधिक पानी छोड़ा गया था इसी कारण से इस बार जल्दी बंद कर दिया गया है। लेकिन किसानों की जरूरत को देखते हुए अब सिरसा ब्रांच में 50 क्यूसिक पानी छोड़ा गया है ताकि मानावाली माइनर में 25 क्यूसिक पानी दिया जा सके। उन्होंने कहा कि किसानों की जरूरत के अनुसार 5 दिसंबर तक पानी चलाया जाएगा, आवश्यकता पड़ने पर और भी बढ़ाया जा सकता है।