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मौसम की मार, जिले के 77 गांवों में गेहूं की कटाई रूकी, आवक में भी देरी तय
Updated Wed, 11 Apr 2018 12:44 AM IST
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सुरेंद्र असीजा
फतेहाबाद।
जिले में पककर तैयार गेहूं की फसल पर मौसम की मार पड़ी है। इससे किसानों को आर्थिक हानि उठानी पड़ी है। दो दिन में मौसम ने ऐसी करवट ली कि जिले के लगभग 77 गांवों में किसानों को गेहूं की कटाई एकाएक रोकनी पड़ी है। अब किसान एक ओर आसमान की ओर देखते हैं तो दूसरी ओर पकी गेहूं की ओर। बीते दिन अलसुबह हुई लगभग दो एमएम बरसात ने ही किसानों की सांसें अटका दी हैं। उधर दस दिन बीत जाने के बाद भी मंडियों में गेहूं की खरीद शुरू नहीं हो सकी। कृषि उपनिदेशक बलवंत सहारण ने भी बरसात के मौसम के चलते कई गांवों में गेहूं की कटाई रूक गई है, अब कटाई में पांच सात दिन का अधिक समय लग सकता है।
सबसे अधिक भूना के गांव प्रभावित, कई जगह कंबाइनों को भेजा गया वापिस
भूना के बड़े गांव सनियाना, चमारखेड़ा, पिरथला, बैजलपुर सहित लगभग 35 गांवों में मौसम की मार के चलते गेहूं की कटाई का काम रोक दिया गया है। सोमवार सुबह अंधड़ के साथ बारिश भी हुई। किसानों के अनुसार यहां तीन से चार एमएम बारिश हुई है। लेकिन कृषि विभाग के अधिकारी भूना क्षेत्र में दो एमएम बारिश की पुष्टि कर रहे हैं। तेज हवाओं के चलते गेहूं की फसल बिछ गई। किसानों का मानना है कि फसल को वैसे ही पांच छह दिन लगने थे लेकिन अब ये इंतजार बढ़कर 10 से 12 दिन तक हो जाएगा। जिन किसानों ने अगेती गेहूं की बिजाई की थी, उन्होंने कंबाइन लगा रखी थी, मौसम के कारण उन्हें एकाएक कंबाइनें बंद करवाकर कटाई के काम से हाथ पीछे खींचना पड़ा।
टोहाना में मंगलवार को तीन एमएम बारिश, गांवों में गेहूं की कटाई रुकी
जहां जिलेभर में सोमवार अलसुबह बरसात हुई थी तो टोहाना क्षेत्र के लगभग एक दर्जन से अधिक गांवों में मंगलवार को इंद्र देवता ने कहर बरसाया। हालांकि मंगलवार को टोहाना क्षेत्र में तकरीबन 3 एमएम बारिश आंकी गई है लेकिन मौसम के बदलते रुख और आसमान में मंडराते बादलों ने किसानों को एकबारगी खेतों से दूर घरों में बैठने को मजबूर कर दिया है। मंगलवार को हुई बारिश में गांव कन्हड़ी, साधनवास, नन्हेड़ी, सहित तकरीबन एक दर्जन गांव प्रभावित हुए हैं। इन गांवों में भी गेहूं की कटाई रोक दी गई है। इसी तरह रतिया के गांव नंगल, बलियाला, नागपुर, बीराबदी, अलीका आदि गांवों में भी बारिश की मार के बाद खेतों में कई जगह पानी इकट्ठा हो गया और मजबूरीवश किसानों को गेहूं की कटाई रोकनी पड़ी।
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बुधवार को भी कई जगह बारिश की आशंका
मौसम विभाग ने फतेहाबाद जिले में कई जगह हल्की बारिश और अंधड़ की चेतावनी जारी की है। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के अनुसार 11 अप्रैल को कई जगह तेज आवाज के साथ हल्की बारिश या आंधी आ सकता है। ऐसा पश्चिमी विक्षोभ के चलते होगा। मौसम विभाग की चेतावनी के चलते जिलेभर के किसानों में खौफ का आलम है। किसानों का मानना है कि दो दिन की बारिश से अनेक गांवों में गेहूूं की फसल पहले ही बिछ चुकी है जिसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा। ऐसे में अगर बुधवार को भी बारिश आती है तो किसानों के लिए दोहरी मार पड़नी तय है।
वर्जन
जिले में अनेक ऐसे गांव हैं जिनमें बारिश के चलते किसानों ने गेहूं कटाई को रोक दिया है। इसके चलते मंडियों में गेहूूं की आवक आने में देरी हो सकती है। अगर बुधवार को भी बारिश हुई तो कई गांवों में उत्पादकता पर भी विपरीत असर पड़ सकता है।
- बलवंत सहारण, कृषि उपनिदेशक, फतेहाबाद ।
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फतेहाबाद।
जिले में पककर तैयार गेहूं की फसल पर मौसम की मार पड़ी है। इससे किसानों को आर्थिक हानि उठानी पड़ी है। दो दिन में मौसम ने ऐसी करवट ली कि जिले के लगभग 77 गांवों में किसानों को गेहूं की कटाई एकाएक रोकनी पड़ी है। अब किसान एक ओर आसमान की ओर देखते हैं तो दूसरी ओर पकी गेहूं की ओर। बीते दिन अलसुबह हुई लगभग दो एमएम बरसात ने ही किसानों की सांसें अटका दी हैं। उधर दस दिन बीत जाने के बाद भी मंडियों में गेहूं की खरीद शुरू नहीं हो सकी। कृषि उपनिदेशक बलवंत सहारण ने भी बरसात के मौसम के चलते कई गांवों में गेहूं की कटाई रूक गई है, अब कटाई में पांच सात दिन का अधिक समय लग सकता है।
सबसे अधिक भूना के गांव प्रभावित, कई जगह कंबाइनों को भेजा गया वापिस
भूना के बड़े गांव सनियाना, चमारखेड़ा, पिरथला, बैजलपुर सहित लगभग 35 गांवों में मौसम की मार के चलते गेहूं की कटाई का काम रोक दिया गया है। सोमवार सुबह अंधड़ के साथ बारिश भी हुई। किसानों के अनुसार यहां तीन से चार एमएम बारिश हुई है। लेकिन कृषि विभाग के अधिकारी भूना क्षेत्र में दो एमएम बारिश की पुष्टि कर रहे हैं। तेज हवाओं के चलते गेहूं की फसल बिछ गई। किसानों का मानना है कि फसल को वैसे ही पांच छह दिन लगने थे लेकिन अब ये इंतजार बढ़कर 10 से 12 दिन तक हो जाएगा। जिन किसानों ने अगेती गेहूं की बिजाई की थी, उन्होंने कंबाइन लगा रखी थी, मौसम के कारण उन्हें एकाएक कंबाइनें बंद करवाकर कटाई के काम से हाथ पीछे खींचना पड़ा।
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टोहाना में मंगलवार को तीन एमएम बारिश, गांवों में गेहूं की कटाई रुकी
जहां जिलेभर में सोमवार अलसुबह बरसात हुई थी तो टोहाना क्षेत्र के लगभग एक दर्जन से अधिक गांवों में मंगलवार को इंद्र देवता ने कहर बरसाया। हालांकि मंगलवार को टोहाना क्षेत्र में तकरीबन 3 एमएम बारिश आंकी गई है लेकिन मौसम के बदलते रुख और आसमान में मंडराते बादलों ने किसानों को एकबारगी खेतों से दूर घरों में बैठने को मजबूर कर दिया है। मंगलवार को हुई बारिश में गांव कन्हड़ी, साधनवास, नन्हेड़ी, सहित तकरीबन एक दर्जन गांव प्रभावित हुए हैं। इन गांवों में भी गेहूं की कटाई रोक दी गई है। इसी तरह रतिया के गांव नंगल, बलियाला, नागपुर, बीराबदी, अलीका आदि गांवों में भी बारिश की मार के बाद खेतों में कई जगह पानी इकट्ठा हो गया और मजबूरीवश किसानों को गेहूं की कटाई रोकनी पड़ी।
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बुधवार को भी कई जगह बारिश की आशंका
मौसम विभाग ने फतेहाबाद जिले में कई जगह हल्की बारिश और अंधड़ की चेतावनी जारी की है। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के अनुसार 11 अप्रैल को कई जगह तेज आवाज के साथ हल्की बारिश या आंधी आ सकता है। ऐसा पश्चिमी विक्षोभ के चलते होगा। मौसम विभाग की चेतावनी के चलते जिलेभर के किसानों में खौफ का आलम है। किसानों का मानना है कि दो दिन की बारिश से अनेक गांवों में गेहूूं की फसल पहले ही बिछ चुकी है जिसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा। ऐसे में अगर बुधवार को भी बारिश आती है तो किसानों के लिए दोहरी मार पड़नी तय है।
वर्जन
जिले में अनेक ऐसे गांव हैं जिनमें बारिश के चलते किसानों ने गेहूं कटाई को रोक दिया है। इसके चलते मंडियों में गेहूूं की आवक आने में देरी हो सकती है। अगर बुधवार को भी बारिश हुई तो कई गांवों में उत्पादकता पर भी विपरीत असर पड़ सकता है।
- बलवंत सहारण, कृषि उपनिदेशक, फतेहाबाद ।