{"_id":"593edc121126f4d9498b45f4","slug":"81497291794-fatehabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहले पंचों में नहीं बनी सरपंच पद पर सहमति, अब सहमति हुई तो डीसी का पद खाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहले पंचों में नहीं बनी सरपंच पद पर सहमति, अब सहमति हुई तो डीसी का पद खाली
Updated Mon, 12 Jun 2017 11:53 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
टोहाना।
उपमंडल के सबसे बड़े गांव समैण के विकास कार्यों को पिछले एक वर्ष से ग्रहण लगा हुआ है। मुख्य कारण गांव में सरपंच पद खाली है। 2016 में पंचायती चुनाव के बाद गांव में नवनियुक्त सरपंच का चुनाव हुआ। लेकिन कुछ महीनों के बाद गांव के सरपंच सोनल को फर्जी दस्तावेज के कारण निलंबित कर दिया था। जिसके बाद से कार्यवाहक सरपंच के लिए चुनाव के लिए कई बार बैठकें बुलाई लेकिन किसी एक पर सहमति न होने के चलते अभी तक पद खाली हुआ पड़ा है।
नाम पर सहमति बनी तो अब उपायुक्त का पद खाली
लगातार बैठके रद्द होने के बाद गांव के पंचों ने गांव के विकास की खातिर आम सहमति करने का निर्णय लिया और गांव के पंच सत्यवान फौजी ने अपने पक्ष में बहुमत साबित किया। इसके बाद फौजी को उपचुनाव होने तक जिला उपायुक्त के द्वारा गांव की कमान साैंपी जानी थी, लेकिन संयोगवश ऐसा हुआ कि फतेहाबाद के जिला उपायुक्त एनके सालेंकी सेवानिवृत्त हो गए। अब नए जिला उपायुक्त का इंतजार है जिनकी अनुमति के बाद ही गांव की कमान सत्यवान फौजी को सौंपी जाएगी।
क्या कहते हैं पंचायत विभाग के अधिकारी।
पंचायत विभाग अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से सहमति को लेकर प्रार्थना आई थी जिसके बाद उन्होंने उसे जिला उपायुक्त को भेज दिया है अभी तक कोई आदेश नहीं आए हैं।
विज्ञापन
गांव को घोषित किया गया है क्लस्टर
टोहाना के विधायक व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला के प्रयासों से गांव समैण को क्लस्टर घोषित किया गया है। जिसके अंतर्गत गांव समैण व क्लस्टर में लिए गए आसपास के गांवों के विकास के लिए लगभग एक सौ बीस करोड़ रुपये की राशि खर्च होंगे। केन्द्र सरकार की इस योजना के तहत हरियाणा के पांच गांव क्लस्टर चुने गए हैं। जिनको शहर जैसी सुविधाएं देने के लिए हर क्लस्टर के लिए बीस करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। वहंी गांव समैण के क्लस्टर की पहली किस्त जारी हो चुकी है, लेकिन गांव में सरपंच पद खाली होना गांव के विकास कार्य में रोड़ा बना हुआ है।
पहले पंचों में नहीं बनी सरपंच पद पर सहमति, अब डीसी के बगैर कैसे हो शपथ ग्रहण
समैण के विकास को पिछले एक साल से लगा ग्रहण
विज्ञापन
टोहाना।
उपमंडल के सबसे बड़े गांव समैण के विकास कार्यों को पिछले एक वर्ष से ग्रहण लगा हुआ है। मुख्य कारण गांव में सरपंच पद खाली है। 2016 में पंचायती चुनाव के बाद गांव में नवनियुक्त सरपंच का चुनाव हुआ। लेकिन कुछ महीनों के बाद गांव के सरपंच सोनल को फर्जी दस्तावेज के कारण निलंबित कर दिया था। जिसके बाद से कार्यवाहक सरपंच के लिए चुनाव के लिए कई बार बैठकें बुलाई लेकिन किसी एक पर सहमति न होने के चलते अभी तक पद खाली हुआ पड़ा है।
नाम पर सहमति बनी तो अब उपायुक्त का पद खाली
लगातार बैठके रद्द होने के बाद गांव के पंचों ने गांव के विकास की खातिर आम सहमति करने का निर्णय लिया और गांव के पंच सत्यवान फौजी ने अपने पक्ष में बहुमत साबित किया। इसके बाद फौजी को उपचुनाव होने तक जिला उपायुक्त के द्वारा गांव की कमान साैंपी जानी थी, लेकिन संयोगवश ऐसा हुआ कि फतेहाबाद के जिला उपायुक्त एनके सालेंकी सेवानिवृत्त हो गए। अब नए जिला उपायुक्त का इंतजार है जिनकी अनुमति के बाद ही गांव की कमान सत्यवान फौजी को सौंपी जाएगी।
विज्ञापन
क्या कहते हैं पंचायत विभाग के अधिकारी।
पंचायत विभाग अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से सहमति को लेकर प्रार्थना आई थी जिसके बाद उन्होंने उसे जिला उपायुक्त को भेज दिया है अभी तक कोई आदेश नहीं आए हैं।
विज्ञापन
गांव को घोषित किया गया है क्लस्टर
टोहाना के विधायक व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला के प्रयासों से गांव समैण को क्लस्टर घोषित किया गया है। जिसके अंतर्गत गांव समैण व क्लस्टर में लिए गए आसपास के गांवों के विकास के लिए लगभग एक सौ बीस करोड़ रुपये की राशि खर्च होंगे। केन्द्र सरकार की इस योजना के तहत हरियाणा के पांच गांव क्लस्टर चुने गए हैं। जिनको शहर जैसी सुविधाएं देने के लिए हर क्लस्टर के लिए बीस करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। वहंी गांव समैण के क्लस्टर की पहली किस्त जारी हो चुकी है, लेकिन गांव में सरपंच पद खाली होना गांव के विकास कार्य में रोड़ा बना हुआ है।
पहले पंचों में नहीं बनी सरपंच पद पर सहमति, अब डीसी के बगैर कैसे हो शपथ ग्रहण
समैण के विकास को पिछले एक साल से लगा ग्रहण