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गीता को जीवन में अपनाएं और जीवन को सार्थक करें : उपायुक्त
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। गीता ज्ञान है, विज्ञान है तथा गीता ग्रंथ दुनिया का महान और अलौकिक ग्रंथ है। इस ग्रंथ की महत्ता को पूरी दुनिया के विद्वानों ने स्वीकार किया है और वैज्ञानिकों ने गीता को विज्ञान माना है। गीता ग्रंथ में मनुष्य के हर प्रश्न का उत्तर है। गीता को जीवन में अपनाए और जीवन को सार्थक करें। बच्चे आज से ही गीता को अपने आचरण में उतारें और जीवन को सफल बनाएं। यह बात उपायुक्त डॉ जेके आभीर स्थानीय पंचायत भवन में देर शाम तीन दिवसीय जिला स्तरीय गीता महोत्सव के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर उपायुक्त ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
उन्होंने कहा कि गीता को पढ़ने और समझने के लिए किसी गुरु की आवश्यकता नहीं है। व्यक्ति के मन में यह प्रश्न है कि क्या आत्मा है? क्या परमात्मा है? और क्या व्यक्ति का पुनर्जन्म भी है? उन्होंने कहा कि इस सभी प्रश्नों का उत्तर गीता में सुनहरी शब्दों में उल्लेख किया गया है। गीता में साकार और निराकार अध्यायों का व्याख्यान है।
जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने मेहमानों, प्रतिभागियों, कलाकारों, शिक्षाविदों, समाजसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों तथा जन प्रतिनिधियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में गुरुनानक सीनियर सेकेंडरी स्कूल रतिया, डीएवी पब्लिक स्कूल, स्प्रिंग बैल्ज सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जवाहर नवोदय विद्यालय खाराखेड़ी, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भूना के बच्चों ने गीता के संदेश को प्रदर्शित करते हुए भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। उपायुक्त डॉ जेके आभीर ने गीता जयंती महोत्सव में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को स्मृति चिह्न व पवित्र ग्रंथ श्रीमद्भागवत गीता भेंटकर सम्मानित भी किया गया। इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त सतबीर सिंह जांगु, सीईओ जयबीर यादव, डीईओ दयानंद सिहाग, उपनिदेशक डॉ बलवंत सहारण, डॉ काशीराम, रेडक्रॉस सचिव नरेश कुमार झाझड़ा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, सामाजिक व धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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फतेहाबाद। गीता ज्ञान है, विज्ञान है तथा गीता ग्रंथ दुनिया का महान और अलौकिक ग्रंथ है। इस ग्रंथ की महत्ता को पूरी दुनिया के विद्वानों ने स्वीकार किया है और वैज्ञानिकों ने गीता को विज्ञान माना है। गीता ग्रंथ में मनुष्य के हर प्रश्न का उत्तर है। गीता को जीवन में अपनाए और जीवन को सार्थक करें। बच्चे आज से ही गीता को अपने आचरण में उतारें और जीवन को सफल बनाएं। यह बात उपायुक्त डॉ जेके आभीर स्थानीय पंचायत भवन में देर शाम तीन दिवसीय जिला स्तरीय गीता महोत्सव के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर उपायुक्त ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
उन्होंने कहा कि गीता को पढ़ने और समझने के लिए किसी गुरु की आवश्यकता नहीं है। व्यक्ति के मन में यह प्रश्न है कि क्या आत्मा है? क्या परमात्मा है? और क्या व्यक्ति का पुनर्जन्म भी है? उन्होंने कहा कि इस सभी प्रश्नों का उत्तर गीता में सुनहरी शब्दों में उल्लेख किया गया है। गीता में साकार और निराकार अध्यायों का व्याख्यान है।
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जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने मेहमानों, प्रतिभागियों, कलाकारों, शिक्षाविदों, समाजसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों तथा जन प्रतिनिधियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में गुरुनानक सीनियर सेकेंडरी स्कूल रतिया, डीएवी पब्लिक स्कूल, स्प्रिंग बैल्ज सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जवाहर नवोदय विद्यालय खाराखेड़ी, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भूना के बच्चों ने गीता के संदेश को प्रदर्शित करते हुए भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। उपायुक्त डॉ जेके आभीर ने गीता जयंती महोत्सव में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को स्मृति चिह्न व पवित्र ग्रंथ श्रीमद्भागवत गीता भेंटकर सम्मानित भी किया गया। इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त सतबीर सिंह जांगु, सीईओ जयबीर यादव, डीईओ दयानंद सिहाग, उपनिदेशक डॉ बलवंत सहारण, डॉ काशीराम, रेडक्रॉस सचिव नरेश कुमार झाझड़ा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, सामाजिक व धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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