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जान जोखिम में डालकर कंडम भवन में काम कर रहे बीडीपीओ कार्यालय के कर्मचारी

Fri, 01 Dec 2017 01:58 AM IST
Updated Fri, 01 Dec 2017 01:58 AM IST
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जान जोखिम में डालकर कंडम भवन में काम कर रहे बीडीपीओ कार्यालय के कर्मचारी
अमर उजाला ब्यूरो
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रतिया(फतेहाबाद)।
शहर के बुढलाड़ा रोड पर स्थित खंड विकास एवं पंचायत विभाग के पुराने भवन को कुछ महीने पहले ही विभाग द्वारा कंडम घोषित करने के बाद भी कई विभागीय अधिकारी व कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर उक्त कंडम भवन में काम करने को मजबूर हैं। इस कंडम भवन से रोजाना छत से मलबा और पपड़ी कर्मचारियों पर गिर रही है, लेकिन भवन के अभाव में कर्मचारी इस कंडम भवन में कार्य करने को मजबूर हैं। इस भवन में काम कर रहे आधा दर्जन से अधिक कर्मचारी कभी भी किसी हादसे का शिकार हो सकते हैं, क्योंकि उक्त भवन कभी भी धराशाही हो सकता है।
शहर के बुढलाड़ा रोड पर करीब चार दशक पूर्व रतिया क्षेत्र की पंचातयों व सरपंचों की सुविधा के लिए खंड विकास एवं पंचायत विभाग के भवन का निर्माण किया गया था। करीबन चार दशक से पंचायत विभाग के बीडीपीओ, क्लर्क, लेखाकार, सहायक, एसडीओ पंचायती राज, जेई, पंचायत अधिकारी तथा अन्य कर्मचारी इसी भवन में बैठकर लोगों व सरपंचों की शिकायतें सुनकर उनका समाधान करते थे। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से यह भवन बुढलाड़ा रोड मुख्य मार्ग से चार-पांच फीट नीचा हो गया था। जिस कारण बरसात इत्यादि के मौसम में भवन में पानी भर जाता था। भवन पिछले 4 वर्षों से तो इतना खस्ता हो गया था कि भवन की छतों से सीमेंट की पापड़ी व मलबा नीचे गिरने लग गया।
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सरपंचों ने कई बार नया भवन बनवाने के लिए अधिकारियों व राजनेताओं से मांग भी की थी, लेकिन बीडीपीओ कार्यालय के नए भवन का निर्माण नहीं किया गया। दो वर्ष पूर्व पुराने भवन के सामने ही मनरेगा के तहत राजीव गांधी सेवा केंद्र का निर्माण किया गया और भवन निर्माण के बाद बीडीपीओ, मनरेगा अधिकारी, पंचायत अधिकारी व लेखाकार नए भवन में चले गए। लेकिन जेई तथा सहायक जेआरवाई इत्यादि कर्मचारी नए भवन में जगह न मिलने के कारण पुराने भवन में बैठने को मजबूर हो गए।
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उक्त भवन को विभाग ने कंडम घोषित करने के लिए लोक निर्माण विभाग को जांच करने के लिए लिखा था, जिसके बाद लोक निर्माण विभाग ने अपनी जांच में उक्त पुराने भवन को दयनीय स्थिति में बताते हुए कंडम घोषित कर दिया था। अब भवन को कंडम घोषित किए छह माह से भी ज्यादा समय हो गया है, लेकिन अभी भी आधा दर्जन जेई व सहायक को नए भवन में बैठने के लिए जगह उपलब्ध नहीं हो पाई। इस कारण वे लोग जान जोखिम में डालकर पुराने भवन में ही कार्य कर रहे हैं।


मंगलवार से पुराने भवन में नहीं बैठेगा कोई कर्मचरी : बीडीपीओ
बीडीपीओ रविंद्र दलाल ने बताया कि जब भवन को कंडम घोषित किया गया था, तब सभी कर्मचारियों को उक्त भवन में बैठने से मना किया था। लेकिन कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी पर ही उक्त भवन में बैठे हैं। लेकिन अब मंगलवार को लिखित आदेश जारी कर पुराने भवन में बैठे कर्मचारियों को नए भवन में शिफ्ट किया जाएगा। भविष्य में किसी भी कर्मचारी को कंडम भवन में काम करने नहीं दिया जाएगा।
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