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Fatehabad News: 65 हजार किसान एग्रो आईडी से बाहर
Tue, 28 Jul 2026 10:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 28 Jul 2026 10:33 PM IST
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कृषि सहायता केंद्र में जानकारी लेते किसान। संवाद
फतेहाबाद। जिले के 65,528 किसान अभी तक किसान एग्रो आईडी नहीं बनवा पाए हैं। कृषि विभाग ने चेतावनी दी है कि एग्रो आईडी नहीं होने से किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की किस्त सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है।
कृषि विभाग के अनुसार जिले में कुल 1,06,102 किसान पंजीकृत हैं। इनमें से केवल 40,574 किसानों ने ही एग्रो आईडी बनवाई है। वहीं 65,528 किसान अभी भी इस प्रक्रिया से बाहर हैं। वर्तमान में जिले के 36,728 किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिल रहा है।विभाग का कहना है कि एग्रो आईडी किसानों की पहचान से जुड़ी महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसके अभाव में फसल मुआवजा, फसल बीमा, कृषि अनुदान और अन्य योजनाओं का लाभ लेने में दिक्कत आ सकती है।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. राजेश सिहाग ने किसानों से जल्द एग्रो आईडी बनवाने की अपील की है। उन्होंने बताया कि किसान अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर, अटल सेवा केंद्र, कृषि कार्यालय या संबंधित पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि समय रहते एग्रो आईडी बनवाने से किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ सुचारु रूप से मिलता रहेगा। देरी करने पर भविष्य में आर्थिक सहायता और अन्य सुविधाओं में परेशानी आ सकती है।
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ईकेवाईसी और भूमि पंजीकरण की प्रक्रिया अधूरी
कई किसानों की ई-केवाईसी और भूमि संबंधी पंजीकरण प्रक्रिया भी अभी अधूरी है। ऐसे किसानों को पहले अपनी ई-केवाईसी, आधार सत्यापन तथा भूमि रिकॉर्ड का मिलान कराना होगा। इसके बाद ही उनकी किसान एग्रो आईडी तैयार हो सकेगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि एग्रो आईडी कृषि क्षेत्र में किसानों की एकीकृत डिजिटल पहचान के रूप में कार्य करेगी जिससे उनको विभिन्न योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराया जा सकेगा।
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कृषि विभाग के अनुसार जिले में कुल 1,06,102 किसान पंजीकृत हैं। इनमें से केवल 40,574 किसानों ने ही एग्रो आईडी बनवाई है। वहीं 65,528 किसान अभी भी इस प्रक्रिया से बाहर हैं। वर्तमान में जिले के 36,728 किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिल रहा है।विभाग का कहना है कि एग्रो आईडी किसानों की पहचान से जुड़ी महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसके अभाव में फसल मुआवजा, फसल बीमा, कृषि अनुदान और अन्य योजनाओं का लाभ लेने में दिक्कत आ सकती है।
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कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. राजेश सिहाग ने किसानों से जल्द एग्रो आईडी बनवाने की अपील की है। उन्होंने बताया कि किसान अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर, अटल सेवा केंद्र, कृषि कार्यालय या संबंधित पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि समय रहते एग्रो आईडी बनवाने से किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ सुचारु रूप से मिलता रहेगा। देरी करने पर भविष्य में आर्थिक सहायता और अन्य सुविधाओं में परेशानी आ सकती है।
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ईकेवाईसी और भूमि पंजीकरण की प्रक्रिया अधूरी
कई किसानों की ई-केवाईसी और भूमि संबंधी पंजीकरण प्रक्रिया भी अभी अधूरी है। ऐसे किसानों को पहले अपनी ई-केवाईसी, आधार सत्यापन तथा भूमि रिकॉर्ड का मिलान कराना होगा। इसके बाद ही उनकी किसान एग्रो आईडी तैयार हो सकेगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि एग्रो आईडी कृषि क्षेत्र में किसानों की एकीकृत डिजिटल पहचान के रूप में कार्य करेगी जिससे उनको विभिन्न योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराया जा सकेगा।