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5 सितंबर की दिल्ली रैली में फतेहाबाद से सैंकडों किसान लेंगे हिस्सा : रामस्वरूप
Updated Tue, 04 Sep 2018 12:10 AM IST
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5 को दिल्ली रैली में फतेहाबाद से किसान लेंगे हिस्सा : रामस्वरूप
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। हरियाणा किसान सभा के जिला प्रधान रामस्वरूप ढाणी गोपाल ने कहा कि 5 सितंबर को दिल्ली में आयोजित किसान मजदूर रैली में फतेहाबाद जिला से सेकेंडों किसान हिस्सा लेंगे। उन्होंने गांव नहला, ढाणी गोपाल, ढाणी भोजराज, ढाणी संाचला आदि गांवों में ग्रामीण सभाओं को संबोधित कर ग्रामीणों से रैली में शामिल होने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की किसान मजदूर विरोधी नीतियों के चलते खेती और किसान आज गंभीर संकट से गुजर रहे है। नोटबंदी का सच आज सबके सामने आ गया है नोटबंदी के कारण कृषि व छोटे उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुए है ओर बेरोजगारी बढ़ी है। मोदी सरकार चुनाव से पूर्व किए गए वादों पर खरी नहीं उतरी है। उन्होंने कहा कि किसानों की कर्ज मुक्ति, फसलों को डेढ़ गुणा भाव, स्वामीनाथन आयोग रिपोर्ट लागू करने, पशु मेला शुरू करने और सीसीआई द्वारा समर्थन मूल्य पर कपास की खरीद आदि मुद्दों को लेकर यह रैली आयोजित की जा रही है। इस मौके पर उनके साथ मुंशीराम, सुरेंद्र सिंह, मा. ओमप्रकाश, सूबेसिंह जाखड़ आदि किसान नेता थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। हरियाणा किसान सभा के जिला प्रधान रामस्वरूप ढाणी गोपाल ने कहा कि 5 सितंबर को दिल्ली में आयोजित किसान मजदूर रैली में फतेहाबाद जिला से सेकेंडों किसान हिस्सा लेंगे। उन्होंने गांव नहला, ढाणी गोपाल, ढाणी भोजराज, ढाणी संाचला आदि गांवों में ग्रामीण सभाओं को संबोधित कर ग्रामीणों से रैली में शामिल होने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की किसान मजदूर विरोधी नीतियों के चलते खेती और किसान आज गंभीर संकट से गुजर रहे है। नोटबंदी का सच आज सबके सामने आ गया है नोटबंदी के कारण कृषि व छोटे उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुए है ओर बेरोजगारी बढ़ी है। मोदी सरकार चुनाव से पूर्व किए गए वादों पर खरी नहीं उतरी है। उन्होंने कहा कि किसानों की कर्ज मुक्ति, फसलों को डेढ़ गुणा भाव, स्वामीनाथन आयोग रिपोर्ट लागू करने, पशु मेला शुरू करने और सीसीआई द्वारा समर्थन मूल्य पर कपास की खरीद आदि मुद्दों को लेकर यह रैली आयोजित की जा रही है। इस मौके पर उनके साथ मुंशीराम, सुरेंद्र सिंह, मा. ओमप्रकाश, सूबेसिंह जाखड़ आदि किसान नेता थे।
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