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किताबों की आस में 6 माह बीते, किताबें मिली न राशि आई

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 05 Sep 2021 11:08 PM IST
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6 months passed in the hope of books, books were not received, no amount came
खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में रखी पिछले सत्र की किताबें। - फोटो : Fatehabad
शिक्षा विभाग की लचीली व्यवस्था के चलते जिले के 83,884 बिना किताबों के पढ़ने के लिए मजबूर रहे रहे हैं। हालात ये है कि शिक्षा का आधा सत्र बीतने को है लेकिन विद्यार्थियों अभी तक न किताबें मिली हैं और न ही खरीदने के लिए राशि मिल पाई है। विद्यार्थियों को किताबों खरीदने के लिए राशि कब तक मिल पाएगी इसका जवाब अधिकारियों के पास भी नहीं है। वहीं जिले के अभी तक मात्र 34 फीसदी विद्यार्थियों के ही बैंक खातों की वेरिफिकेशन पूरी हो पाई है।
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बता दें कि जिले में 1,21,353 विद्यार्थी हैं और इसमें से 41,648 विद्यार्थियों के बैंक खातों की पूरी वेरिफिकेशन हुई है। शिक्षा विभाग कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को किताबें उपलब्ध करवाता है। ये किताबें विद्यार्थियों को शिक्षा विभाग स्कूल में ही उपलब्ध करवाता है। लेकिन इस बार कोरोना महामारी के चलते शिक्षा विभाग ने किताबों का ऑर्डर ही नहीं दिया। स्कूल खुले तो किताबें देने की मांग उठी। शिक्षा विभाग ने ये कहकर पल्ला झाड़ लिया कि विद्यार्थियों को बैंक खाते में ही राशि जारी की जाएगी। इसके बाद विद्यार्थी बाजार में किताबें खरीद सकते हैं। संवाद
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जिले के इन विद्यार्थियों को मिलनी है किताबें
कक्षा विद्यार्थी
पहली से पांचवीं 52661
छठी से आठवीं 31223
अभी तक इन बैंक खातों की हुई वेरिफिकेशन :
कुल विद्यार्थी : 121353
बैंक खातों की वेरिफिकेशन : 41648
कोट
किताबों के बारे में भ्रामक वक्तव्य देकर सरकार बरगला रही है। सत्र शुरू होने के बाद से ही शिक्षा मंत्री बार-बार ब्यान देकर कह रहे हैं कि किताबों की राशि विद्यार्थियों के बैंक खाते में आएगी। लेकिन छह माह बीतने के बाद भी राशि आई और न ही किताबें मिली। ऐसे में कैसे विद्यार्थी पढ़ाई कर सकते है। केवल ऑनलाइन ही पढ़ाई का सहारा बना हुआ है। बिना किताबें स्कूल खोलने का भी कोई औचित्य नहीं है।
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- देवेंद्र सिंह दहिया, राज्य चेयरमैन, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा।
कोट
शिक्षा विभाग ने किताबों के लिए राशि विद्यार्थियों के बैंक खाते में जारी करनी है। खातों की वेरिफिकेशन का काम चल रहा है। जल्द ही विभाग राशि जारी कर देगा। इसके बाद विद्यार्थी बाजार से किताबें खरीद सकते है। काफी संख्या में विद्यार्थियों को पुरानी किताबें उपलब्ध करवाई गई है।
- अनीता सिंगला, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।
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