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Fatehabad News: फसल अवशेष जलाने में आई तेजी हरसेक से मिलीं 59 लोकेशन
Mon, 10 Nov 2025 11:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 10 Nov 2025 11:13 PM IST
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फतेहाबाद क्षेत्र में फसल अवशेष में लगाई गई आग। फाइल फोटो
फतेहाबाद। जिले में धान की कटाई का जोरों पर होने के चलते किसानों ने फसल अवशेष जलाने शुरू कर दिए हैं। कृषि विभाग और हरसेक से मिली रिपोर्ट के अनुसार, जिले में 59 जगहों पर आग लगने की लोकेशन मिली है। इनमें से 29 ऐसी हैं, जो या तो दूसरे राज्यों की हैं, या फिर वे कृषि भूमि नहीं हैं। वहीं 30 खेतों में आग लगी पाई जाने के बाद इन किसानों पर एफआईआर दर्ज की गई है।
जिले में पिछले दिनों हुई बारिश से एक्यूआई में सुधार हुआ था। इससे लोगों को कुछ राहत मिली है। लेकिन अब जिले में फिर से फसल अवशेष जलाने के मामलों में अचानक तेजी आ गई है। जिससे क्षेत्र का वातावरण को दूषित हो गया है। प्रशासन ने इन मामलों में सख्ती दिखाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं फसल अवशेष जलाने के मामलों में तेजी आने के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक बढ़ने लगा है।
सोमवार को जिले का एक्यूआई 303 दर्ज हुआ है, जो कि अत्यंत खराब श्रेणी में आता है। वातावरण में बढ़े प्रदूषण के कारण लोगों को फिर से आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ और खांसी जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। दिनभर आसमान में धुएं की मोटी परत छाई रहने लगी है। इससे दृश्यता कम होने लगी है।
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सुबह और शाम के समय धुएं के कारण स्थिति सबसे ज्यादा खराब हो रही है। बढ़ते प्रदूषण और धुएं के कारण लोग परेशान हैं। कृषि एवं कल्याण विभाग के तकनीकी सहायक डॉ. राजपाल ने बताया कि विभाग के कर्मचारी व लगातार किसानों से अपील कर रहे हैं कि वे पराली जलाने के बजाय इसके प्रबंधन के लिए सरकार द्वारा दी जा रही मशीनों और तकनीकों का उपयोग करें, ताकि वे जुर्माना और कानूनी कार्रवाई से बच सकें, और साथ ही पर्यावरण को भी सुरक्षित रख सकें।
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जिले में पिछले दिनों हुई बारिश से एक्यूआई में सुधार हुआ था। इससे लोगों को कुछ राहत मिली है। लेकिन अब जिले में फिर से फसल अवशेष जलाने के मामलों में अचानक तेजी आ गई है। जिससे क्षेत्र का वातावरण को दूषित हो गया है। प्रशासन ने इन मामलों में सख्ती दिखाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं फसल अवशेष जलाने के मामलों में तेजी आने के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक बढ़ने लगा है।
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सोमवार को जिले का एक्यूआई 303 दर्ज हुआ है, जो कि अत्यंत खराब श्रेणी में आता है। वातावरण में बढ़े प्रदूषण के कारण लोगों को फिर से आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ और खांसी जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। दिनभर आसमान में धुएं की मोटी परत छाई रहने लगी है। इससे दृश्यता कम होने लगी है।
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सुबह और शाम के समय धुएं के कारण स्थिति सबसे ज्यादा खराब हो रही है। बढ़ते प्रदूषण और धुएं के कारण लोग परेशान हैं। कृषि एवं कल्याण विभाग के तकनीकी सहायक डॉ. राजपाल ने बताया कि विभाग के कर्मचारी व लगातार किसानों से अपील कर रहे हैं कि वे पराली जलाने के बजाय इसके प्रबंधन के लिए सरकार द्वारा दी जा रही मशीनों और तकनीकों का उपयोग करें, ताकि वे जुर्माना और कानूनी कार्रवाई से बच सकें, और साथ ही पर्यावरण को भी सुरक्षित रख सकें।